“बस कम खाइए…”, यह तरीका अब काम नहीं करता। आइए देखें कि पारंपरिक आहार व्यवस्थाएँ क्यों वजन कम करने में मदद नहीं करतीं।

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**लेख का ऑडियो संस्करण:** पिछले पाँच वर्षों में वजन कम करने से संबंधित प्रमुख वैज्ञानिक अध्ययनों का संकलन हर जनवरी में हजारों लोग एक नई जिंदगी शुरू करते हैं, और खुद से वादा करते हैं कि अब वे अपना वजन जरूर कम कर लेंगे। लेकिन फरवरी तक ज्यादातर लोग ही इस प्रयास को छोड़ देते हैं। ऐसा इच्छाशक्ति के कारण नहीं, बल्कि क्योंकि अभी भी बहुत से लोग पुरानी सलाहों का ही पालन कर रहे हैं। हमने नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधानों की समीक्षा की, और पता लगाया कि वजन कम करने की प्रक्रिया वास्तव में कैसी है… सपाटा उत्तर तो यह है कि यह प्रक्रिया आपके विचार से ज़्यादा जटिल है, लेकिन उतनी भी मुश्किल नहीं जितनी आपको लग सकती है। **“कैलोरी” पर हमारा विश्वास… और क्यों यह तरीका अपेक्षित परिणाम नहीं देता?** आपने शायद “कैलोरी इन – कैलोरी आउट” वाले सूत्र के बारे में सुना होगा… अभी भी ज्यादातर डाइट प्लान इसी सूत्र पर आधारित हैं। लेकिन आधुनिक विज्ञान के अनुसार, ऐसा नहीं है… हमारा शरीर एक “कैलकुलेटर” नहीं, बल्कि एक जटिल अनुकूलन प्रणाली है। जब हम कैलोरी की मात्रा काफी कम कर देते हैं, तो हमारा चयापचय धीमा पड़ जाता है… ताकि शरीर ऊर्जा की बचत कर सके। दूसरी ओर, जब हम अधिक खाते हैं, तो हमारा चयापचय तेज़ हो जाता है… ताकि अतिरिक्त कैलोरी जल सके। इसी कारण कई डाइट प्लान दीर्घकाल में काम नहीं करते। **तो क्या करना चाहिए?** वैज्ञानिकों का सुझाव है कि कैलोरी की मात्रा को धीरे-धीरे कम करें… अपनी सामान्य दिनचर्या की तुलना में अधिकतम एक-चौथाई ही कम करें। साथ ही, कभी-कभार सामान्य रूप से खाएं… इससे आपका चयापचय एक ही स्तर पर बना रहेगा। **“बैक्टीरिया”… जो हमारे वजन पर सीधा प्रभाव डालते हैं!** 2023 में वैज्ञानिकों ने एक आश्चर्यजनक खोज की… हमारा वजन काफी हद तक हमारे आंतों में मौजूद बैक्टीरिया पर निर्भर है! एक स्वस्थ “माइक्रोबायोम” न केवल भोजन के पाचन में मदद करता है, बल्कि भूख को भी नियंत्रित करता है… सूजन को कम करता है… एवं हमारे मूड पर भी प्रभाव डालता है। इसलिए, सिर्फ यह नहीं कि आप कितना खाते हैं… बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि आपका भोजन आपके शरीर के “सूक्ष्म सहायकों” पर कैसा प्रभाव डालता है। **“अच्छी खबर”… फायदेमंद बैक्टीरिया को समर्थन देने के लिए आपको महंगे सप्लीमेंट लेने की ज़रूरत नहीं है!** बस अधिक फाइबर खाएं… एवं कम प्रक्रिया किए गए खाद्य पदार्थ खाएं। ग्रीक दही भी इस काम में बहुत मददगार है! **“समय”… वजन कम करने में एक महत्वपूर्ण कारक!** क्या आपकी दादी ने कभी कहा था कि शाम 6 बजे के बाद खाना न खाएं? इसमें कुछ सच्चाई है… आधुनिक अध्ययनों से पता चला है कि भोजन करने का समय भी वजन पर उतना ही प्रभाव डालता है, जितना खुद भोजन। ऐसा “सर्कैडियन रिदम” के कारण होता है… अर्थात् हमारे शरीर के आंतरिक “घड़ियाँ”。 **आदर्श दिनचर्या:** सुबह जागने के 1-2 घंटे के भीतर पहला भोजन करें… एवं रात को सोने से 2-3 घंटे पहले आखिरी भोजन करें। कुल भोजन करने का समय 10 घंटों से अधिक न हो। ऐसी दिनचर्या न केवल वजन कम करने में मदद करती है, बल्कि नींद को भी सुधारती है… ऊर्जा को बढ़ाती है… एवं उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी धीमी कर देती है। **“व्यायाम”… अभी भी महत्वपूर्ण है… लेकिन उस तरह से नहीं, जैसा कि आप सोचते हैं!** अगर आपको लगता है कि केवल व्यायाम से ही वजन कम हो सकता है… तो हमारे पास बुरी खबर है… शारीरिक गतिविधि तो महत्वपूर्ण है, लेकिन केवल कैलोरी जलाने के लिए नहीं… इसका मुख्य उद्देश्य मांसपेशियों को सुरक्षित रखना एवं चयापचय की प्रक्रिया को तेज़ करना है। **नए अध्ययनों से पता चला है कि… वजन कम करने के लिए सबसे प्रभावी उपाय “कठोर कार्डियो व्यायाम” नहीं, बल्कि “मजबूती वाला व्यायाम” है… साथ ही “कुछ समय के लिए कम खाना” भी एक प्रभावी तरीका है।** इसके अलावा, नियमित रूप से पैदल चलना भी वजन को स्वस्थ रखने में मददगार है… हाँ, बस सामान्य रूप से पैदल चलना ही काफी है! **“नींद” एवं “तनाव”… फिटनेस के लिए खतरनाक कारक!** “रात में न खाएं… वरना वजन बढ़ जाएगा…” यह कहावत सच है… लेकिन इसका कारण वह नहीं है, जैसा कि आप सोचते हैं… समस्या तो “नींद की कमी” एवं “तनाव” में है… क्योंकि ऐसी स्थितियों में भूख बढ़ जाती है… एवं शरीर अतिरिक्त ऊर्जा को चर्बी के रूप में संग्रहीत करने लगता है… **“कुछ ऐसे तरीके, जो बिल्कुल भी काम नहीं करते…”** पिछले कुछ वर्षों में वैज्ञानिकों ने वजन कम करने से संबंधित कई “गलत” धारणाओं को खंडित कर दिया है… जैसे कि “बार-बार भोजन करने से चयापचय तेज़ होता है”… या “केवल पेट की मांसपेशियों पर ही व्यायाम करने से वजन कम होता है”… ऐसे कोई तरीका ही नहीं है! **“वास्तव में क्या काम करता है?”** पिछले कुछ वर्षों में सबसे बड़ी खोज यह है कि… “कोई एक ही ‘सही’ डाइट प्लान” नहीं है… सबसे अच्छा तरीका वही है, जिसे आप वर्षों तक लागू कर सकें… कुछ लोगों के लिए “अंतरालिक उपवास” ही सबसे अच्छा विकल्प है… जबकि कुछ लोगों के लिए “भूमध्यसागरीय आहार” या “साधारण कैलोरी-गणना पद्धति” ही सही है… **मुख्य बात यह है कि…** कैलोरी में कमी लाएं… लेकिन इस प्रक्रिया से आपको कोई परेशानी न हो… पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन खाएं… हर दिन हल्की-सी गतिविधि करें… एवं पर्याप्त नींद लें। और याद रखें… स्थायी रूप से वजन कम करना एक “मैराथन” है… न कि एक “स्प्रिंट”! अगर आप हर हफ्ते 1 किलोग्राम से ज़्यादा वजन कम करते हैं… तो शायद बाद में वही वजन पुनः बढ़ जाएगा! **इस लेख में उपयोग किए गए अनुसंधान 2019–2024 के दौरान “Nature”, “Cell Metabolism”, “Science” एवं “The New England Journal of Medicine” जर्नलों से लिए गए हैं।** हमारे अन्य ऑडियो लेख इस लिंक पर उपलब्ध हैं। **कवर: einzelhandelaktuell.de**

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