स्वस्थ माइक्रोक्लाइमेट के लिए 7 उपयोगी सुझाव

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ऐसे सभी लोगों के लिए एक उपयोगी चीट शीट, जो शोरगुल वाले घर में, अपर्याप्त प्रकाश एवं हवा की स्थिति में रहते हैं.

यदि आप अक्सर बीमार पड़ते हैं या घर पर आराम से नहीं रह पाते, तो अपने अपार्टमेंट के “सूक्ष्म जलवायु” की जाँच करें। हमने इसके लिए एक विशेष चेकलिस्ट तैयार की है。

प्रकाश स्तर को मापें।

यह क्यों महत्वपूर्ण है? उचित प्रकाश हमारे स्वास्थ्य एवं मनोस्थिति पर प्रभाव डालता है। कम रोशनी दुख एवं चिड़चिड़ाहट पैदा करती है, जबकि अत्यधिक प्रकाश तकलीफ़देह होता है।

प्रकाश स्तर कैसे मापें? एक विशेषज्ञ को बुलाकर लक्स मीटर से प्रकाश स्तर मापवाएँ। यदि परिणाम 500 लक्स से अधिक या कम हो, तो प्रकाश व्यवस्था में समस्या है।

घर में अत्यधिक अंधेरा या अत्यधिक प्रकाश है… क्या करें? यदि पर्याप्त प्रकाश नहीं है (उदाहरण के लिए, खराब ढंग से लगी खिड़कियों के कारण), तो ऊर्जा-बचत वाले बल्ब लगाएँ, दीवारों पर हल्के रंग की वॉलपेपर/कुर्तियाँ लगाएँ, छत को सफेद रंग में रंग दें, एवं आईने लगाएँ।

यदि अत्यधिक प्रकाश है, तो खिड़कियों पर सूर्य-रक्षक फिल्म लगाएँ, ब्लैकआउट कुर्तियाँ लगाएँ, एवं फर्नीचर के रंग/मaterial में परिवर्तन करके अतिरिक्त प्रकाश को दूर करें।

नमी की जाँच करें।

यह क्यों महत्वपूर्ण है? अतिरिक्त नमी से घर नम रहता है, दीवारों पर दाग पड़ते हैं, एवं लोग अक्सर बीमार पड़ते हैं। कम नमी से फर्नीचर क्षतिग्रस्त होता है, लकड़ी की फर्शें टूट जाती हैं, एवं बच्चों में त्वचा संबंधी समस्याएँ होती हैं।

नमी का स्तर कैसे मापें? मानक अनुसार, लिविंग रूम में नमी का स्तर 40–60% एवं बच्चों के कमरे में 50% होना आवश्यक है। एक हाइग्रोमीटर लगाकर नमी स्तर की नियमित जाँच करें।

घर में हवा बहुत सूखी या बहुत नम है… क्या करें? नमी बढ़ाने हेतु ह्यूमिडिफायर लगाएँ, या मछलियों वाला बड़ा एक्वेरियम रखें। सूखी हवा के लिए एयर-डिह्यूमिडिफायर उपयोगी होगा।

तापमान की जाँच करें।

इष्टतम तापमान कितना होना चाहिए? मानक अनुसार, सर्दियों में तापमान 20–24°C एवं गर्मियों में 25°C से अधिक नहीं होना चाहिए। कई घरों में तकनीकी खामियाँ होती हैं, जिससे हवा में गति बहुत अधिक या कम हो जाती है।

सर्दियों में बहुत ठंड एवं गर्मियों में बहुत गर्मी है… क्या करें? सर्दियों में दीवारों पर इन्सुलेशन लगाएँ, गर्म फर्श लगाएँ, एवं खिड़कियों की गैस-रोधीता की जाँच कराएँ। गर्मियों में एयर-कंडीशनर, पंखा, एवं घर के अंदर पौधे लगाएँ। थर्मोस्टेट लगाकर भी तापमान नियंत्रित किया जा सकता है। अधिक जानकारी हमारे लेख में उपलब्ध है।

हवा के प्रवाह की जाँच करें।

यह क्यों महत्वपूर्ण है? यदि अपार्टमेंट में लगातार शोर एवं हवा का अस्थिर प्रवाह हो, तो सभी लोग बीमार पड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में साँस लेने में कठिनाई होती है, सिरदर्द होता है, एवं थकान बनी रहती है।

हवा का प्रवाह कितना होना चाहिए? मानक अनुसार, गर्मियों में हवा की गति 0.25 मीटर/सेकंड से अधिक नहीं होनी चाहिए, एवं सर्दियों में 0.15 मीटर/सेकंड से अधिक नहीं।

हवा के प्रवाह की जाँच कैसे करें?

इलेक्ट्रॉनिक एनेमोमीटर से हवा की गति मापें; यह आपको हवा के प्रवाह संबंधी समस्याओं की जानकारी देगा। एक विशेषज्ञ इन समस्याओं के समाधान में मदद कर सकता है।

घर में कितनी धूल है, इसकी जाँच करें।

धूल कहाँ से आती है? यह केवल बाहर से ही नहीं, बल्कि जूतों से, कवक, बैक्टीरिया, एवं त्वचा के टुकड़ों से भी आती है।

धूल से कैसे निपटें?

पावरफुल कार्बन फिल्टर वाले एयर-प्योरिफायर लगाएँ। लेकिन अत्यधिक प्रभाव की आशा न करें। हर महीने घर की साफ-सफाई जरूर करें: सतहों को गीले कपड़े से पोंछें, कार्पेटों को हिलाएँ, फर्श धोएँ, नरम खिलौनों को धोएँ, एवं अक्सर वैक्यूम करें।

ऑक्सीजन स्तर की जाँच करें।

यह क्यों महत्वपूर्ण है? ऑक्सीजन की कमी से प्रतिरक्षा-क्षमता कम हो जाती है, शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, एवं कार्यक्षमता घट जाती है।

सामान्य मानक क्या है? सामान्यतः ऑक्सीजन स्तर 21% होना आवश्यक है।

कम ऑक्सीजन स्तर का समाधान कैसे करें?

शोर की जाँच करें।

यह क्यों महत्वपूर्ण है? शोर हमारे मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है; यह तनाव, चिंता, एवं चिड़चिड़ाहट पैदा करता है।

अपार्टमेंट में स्वीकार्य शोर स्तर क्या है? मानक अनुसार, दिन के समय शोर 70 डेसिबल से अधिक एवं रात में 60 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए।

पड़ोसियों के कारण होने वाले शोर से कैसे निपटें? ध्वनि-रोधी पैनल उपयोग में लाएँ। यदि घर का नवीनीकरण होने वाला है, तो पहले ही ध्वनि-नियंत्रण सामग्री खरीद लें; इससे घर बिल्कुल शांत हो जाएगा। यदि पड़ोसी लगातार शोर कर रहे हैं, तो कानूनी उपाय अपनाएँ।