कच्चा या तैयार उत्पाद? विभिन्न प्रकार की समाप्ति प्रक्रियाओं के फायदे एवं नुकसान

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क्या “कच्ची सिलाई” केवल एक खुला कंक्रीट का ढाँचा है? और “तैयार सिलाई” ऐसा अपार्टमेंट है जिसमें आप कल ही रहना शुरू कर सकते हैं? यदि आपने दोनों प्रश्नों के उत्तर “हाँ” दिए, तो यह पोस्ट आपके लिए है。

आजकल डेवलपर्स खरीदारों को विभिन्न स्तरों पर तैयार अपार्टमेंट उपलब्ध कराते हैं – जैसे कि केवल मूल ढाँचा तैयार होने से लेकर पूरी तरह तैयार अपार्टमेंट तक। “मूल ढाँचा” एवं “टर्नकी” जैसे शब्दों के पीछे क्या है, इसकी जानकारी हमारे विशेषज्ञ देते हैं।

एंड्रेय ल्यामिन-बोरोडिन, रीवेडो ऑनलाइन सेवा के महानिदेशक: 1. **अपार्टमेंट – बिना किसी अतिरिक्त तैयारी के** ऐसा अपार्टमेंट केवल मूल ठोस कंक्रीट से बना होता है। आमतौर पर इसमें केवल बिजली की सुविधाएँ एवं साझा पानी/सीवेज पाइपलाइनें ही लगी होती हैं; अंदर की पाइपलाइनें नहीं होतीं। हीटिंग सिस्टम भी आमतौर पर मौजूद होता है, कभी-कभी रेडिएटर भी। फर्श एवं छत भी केवल कंक्रीट से बने होते हैं; हालाँकि कभी-कभी फर्श पर अतिरिक्त समतलीकरण भी किया जाता है।

**फायदे:** अगर आपको किसी बड़े पैमाने पर अपार्टमेंट में बदलाव करने हैं, तो ऐसा अपार्टमेंट खरीदने से ढहाने एवं कचरा हटाने के खर्च में काफी बचत होगी।

**नुकसान:** अगर अपार्टमेंट में कोई दीवारें नहीं हैं एवं बाद में उन्हें बनाया जाता है, तो इसका खर्च आपको ही उठाना पड़ेगा।

**ऐसे अपार्टमेंट में रहने के लिए आवश्यक कार्य:** अगर दीवारें न हों, तो उन्हें खुद बनाना पड़ेगा; पानी/सीवेज की पाइपलाइनें एवं हीटिंग सिस्टम भी लगाना पड़ेगा।

2. **मूल ढाँचा (बिना किसी अतिरिक्त तैयारी के):** ऐसे अपार्टमेंट में बिजली एवं अन्य इंजीनियरिंग सुविधाएँ उन स्थानों पर ही लगी होती हैं, जहाँ उनका उपयोग किया जाएगा; कभी-कभी साधारण पाइपलाइनें भी लगी होती हैं। छत एवं दीवारें भी समतल कर दी जाती हैं; अंतिम तैयारी बाद में की जा सकती है।

**फायदे:** ऐसा विकल्प अच्छा है; क्योंकि मूल कार्य डेवलपर द्वारा ही एक समान मानकों के अनुसार किए जाते हैं। इसलिए बाद में अपार्टमेंट में बहुत कम बदलाव करने पड़ते हैं।

**नुकसान:** चूँकि बिजली की पाइपलाइनें साधारण होती हैं, इसलिए बाद में उनमें बदलाव करना पड़ सकता है; प्लास्टर भी उतर सकता है, इसलिए पूरे क्षेत्र में पुन: कार्य करना पड़ सकता है।

3. **पूरी तरह तैयार अपार्टमेंट:** ऐसे अपार्टमेंट में दीवारों, फर्शों एवं छतों पर अंतिम सुधार किया जा चुका होता है; सभी बिजली/पानी/सीवेज सुविधाएँ एवं हीटिंग सिस्टम भी लगे होते हैं। ऐसे अपार्टमेंट में तुरंत रहना संभव होता है।

**नुकसान:** आर्थिक श्रेणी की नई इमारतों में सबसे सस्ती सामग्रियों ही का उपयोग किया जाता है; इनकी गुणवत्ता अक्सर ठीक नहीं होती। बिजली की पाइपलाइनें भी साधारण होती हैं, इसलिए बाद में उनमें बदलाव करना पड़ सकता है।

**फायदे:** पूरी तरह तैयार अपार्टमेंट में कई सालों तक इंतज़ार किया जा सकता है; बाद में “अपनी पसंद” के अनुसार बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा सकते हैं।

Photo: in style, Tips, Practical Renovation, Andrey Lyamin-Borodin, finishing_encyclopedia – photos on our site 4. **टर्नकी विकल्प:** मूल रूप से, यह पूरी तरह तैयार अपार्टमेंट ही होता है; इसमें कुछ फर्निशिंग आइटम भी शामिल होते हैं, जैसे कि अंतर्निहित वार्डरोब एवं सुसज्जित रसोई। यह विकल्प दो तरीकों से उपलब्ध है: **पहला विकल्प:** खरीदार अपने अपार्टमेंट के डिज़ाइन एवं सजावट के विकल्प चुन सकते हैं; आवश्यकता पड़ने पर नई दीवारें भी बनाई जा सकती हैं। **दूसरा विकल्प:** डेवलपर ही अपार्टमेंट को पूरी तरह तैयार करके खरीदार को सौंप देता है; इसमें अंतर्निहित फर्निशिंग, सुसज्जित रसोई एवं बाथरूम भी शामिल होते हैं।

**फायदे:** खरीदार को डिज़ाइन एवं सजावट का पूरा अधिकार होता है; इसलिए बचत भी होती है।

**नुकसान:** हो सकता है कि खरीदार की पसंद डेवलपर के विकल्पों से मेल नहीं खाए।

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