2 वर्ग मीटर का संकीर्ण प्रवेश हॉल: क्या हटाना चाहिए, क्या जोड़ना चाहिए, एवं सब कुछ के लिए जगह कहाँ से ढूँढी जाए?
ध्यान दें!
महत्वपूर्ण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सूचना हेतु है। प्रवेश हॉल की योजना बनाते समय विद्युत केबल, वेंटिलेशन एवं अग्नि सुरक्षा के मापदंडों पर ध्यान दें। कुछ परिवर्तनों हेतु संपत्ति प्रबंधन कंपनी से अनुमति आवश्यक हो सकती है।
क्रुश्चेवका फ्लैट में प्रवेश हॉल एक ऐसा कमरा होता है जिसकी चौड़ाई कंधे के बराबर होती है; ऐसी जगह पर कपड़े ठीक से रखना संभव नहीं होता। चार लोगों के लिए बाहरी कपड़े, हर मौसम के जूते, छत्र, बैग, चाबियाँ – सभी कुछ एक छोटी जगह पर रखना पड़ता है। साथ ही, एक दर्पण, बैठने की जगह एवं कम से कम सुंदर डिज़ाइन भी आवश्यक है।
लेकिन क्या ऐसा संकीर्ण कमरा कार्यात्मक प्रवेश हॉल में बदला जा सकता है? इंटीरियर डिज़ाइनरों के अनुसार, चाहे कम स्थान क्यों न हो, सही तरीके से सामान रखकर अपार्टमेंट का पहला इम्प्रेशन सुधारा जा सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि ऊंचाई, कोने एवं दीवारों पर उपलब्ध हर सेंटीमीटर का उपयोग किया जाना चाहिए। हम विशेषज्ञों के साथ इस बारे में विस्तार से जानेंगे कि कैसे ऐसा संकीर्ण कमरा कार्यात्मक प्रवेश हॉल में बदला जा सकता है。
लेख के मुख्य बिंदु:
- अंतर्निर्मित वार्ड्रोब – सामान्य फर्नीचर की तुलना में 2-3 गुना अधिक कुशलता से स्थान उपयोग करता है;
- कोनों का उपयोग – प्रवेश द्वार के पास खाली जगहों का सही तरीके से उपयोग;
- दीवार पर लगे भंडारण उपकरण – फर्श की जगह बचाते हैं;
- दर्पण एवं हल्के रंग – संकीर्ण जगहों को आकार में बड़ा दिखाते हैं;
- बहु-स्तरीय जूते रखने की व्यवस्था – 50% तक जगह बचाती है;
- उचित प्रकाश व्यवस्था – अंधेरे कमरे को आरामदायक बनाती है。
संकीर्ण प्रवेश हॉल में स्टैंडअलोन फर्नीचर बेकार ही होता है; क्योंकि ऐसे में कीमती जगह खर्च हो जाती है। अंतर्निर्मित वार्ड्रोब, फर्श से छत तक होना आवश्यक है; ताकि हर इंच की ऊंचाई एवं गहराई का उपयोग किया जा सके।
**वार्ड्रोब हेतु आदर्श आकार:**
- गहराई: 40-45 सेमी (कंधे के आकार के सामान रखने हेतु);
- �ंचाई: छत तक (2.5-2.7 मीटर);
- चौड़ाई: पूरी दीवार के बराबर (1.5-2.5 मीटर)。
- �पर: टोपी, दस्ताने, छत्र रखने हेतु शेल्फ;
- मध्य में: कंधे पर पहने जाने वाले कपड़ों हेतु हैंगर;
- नीचे: जूते रखने हेतु शेल्फ एवं दराजे;
- किनारों पर: बैग एवं चाबियाँ रखने हेतु हुक।
- खोलने हेतु अतिरिक्त जगह की आवश्यकता नहीं होती;
- दरवाजे पर दर्पण लगने से जगह अधिक दिखाई देती है;
- रोजमर्रा के कपड़ों हेतु हैंगर;
- तीनों ओर लटकाने योग्य शेल्फ;
- जूतों हेतु दराजा;
- 30-35 सेमी गहराई का कॉर्नर कैबिनेट。
- मौसमी सामान हेतु ऊंचा कैबिनेट;
- टोपी हेतु शेल्फ;
- �ैक्यूम क्लीनर एवं मोप हेतु जगह;
- �त्र रखने हेतु बास्केट。
- कम ही उपयोग होने वाले सामान हेतु अलग जगह;
- बैग एवं बैकपैक हेतु शेल्फ;
- जूतों हेतु डिब्बे。
- अतिरिक्त बाहरी कपड़े – केवल मौसमी सामान ही रखें;
- टूटे हुए छत्र एवं पुराने बैग;
- एक साल से अधिक समय से नहीं पहने गए जूते;
- कोई कार्यात्मक उद्देश्य न होने वाली सजावटी वस्तुएँ;
- फर्श पर लटकने वाले हैंगर – जिनसे आवाजाही में रुकावट आती है。
क्या जोड़ें?:
- हर कोने में अतिरिक्त हुक लगाएं;
- प्रवेश द्वार पर गलीचा – फर्श को धूल से बचाएँ;
- छत्र रखने हेतु स्टैंड – व्यवस्था एवं स्वच्छता बनी रहे;
- एयर फ्रेशनर – प्रवेश करते ही अच्छी खुशबू मिले;
- मेहमानों हेतु सुंदर बैग में गद्देदार चप्पल।
**मौसमी सामान का व्यवस्थित भंडारण:**
- शरद-शीतकाल में: गर्म कपड़े मुख्य जगह पर रखें;
- वसंत-ग्रीष्मकाल में: हल्के कपड़े दिखाई देने वाली जगह पर, गर्म कपड़े ऊपर रखें;
- संक्रमणकाल में: सभी सामान एक साथ रखें;
- त्योहारों हेतु कपड़े – अलग जगह पर रखें।
**सामान्य गलतियाँ:**
- बहुत गहरे फर्नीचर – आवाजाही में रुकावट पैदा करते हैं;
- गहरे रंग – प्रवेश हॉल को अंधेरा बना देते हैं;
- दर्पण की कमी – कपड़े पहनने में दिक्कत होती है;
- अच्छी प्रकाश व्यवस्था न होने से वस्तुएँ ढूँढने में कठिनाई होती है;
- सभी मौसमों के सामान एक साथ रखने से अराजकता पैदा हो जाती है。
2 वर्ग मीटर का प्रवेश हॉल भी कार्यात्मकता के लिए पर्याप्त है; बस सही तरीके से इसे सजाना आवश्यक है। ऊंचाई, कोनों एवं बहु-कार्यात्मक फर्नीचर का उपयोग करके छोटा सा ही कमरा भी आरामदायक बनाया जा सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि हर उपकरण/वस्तु का उपयोग अधिकतम कुशलता से होना चाहिए, ताकि पहले ही पलों में अपार्टमेंट सुविधाजनक लगे।
**कवर: मारिया रोझ्खोवा द्वारा डिज़ाइन की गई परियोजना**
**अंदरूनी व्यवस्था:**
**स्लाइडिंग दरवाजों के फायदे:**
**वैकल्पिक उपाय:** अगर अंतर्निर्मित वार्ड्रोब सम्भव न हो, तो पूरी दीवार पर खुले भंडारण उपकरण लगा दें – हैंगर, शेल्फ, हुक आदि।
**डिज़ाइन: लीना क्नियाजेवा, क्नियाजेवा डिज़ाइन स्टूडियो**
**कोनों का उपयोग:** समस्याओं वाले क्षेत्रों का सही तरीके से उपयोग किया जाए।
**प्रवेश द्वार के पास के कोने:**
**कमरे के दूसरे कोने:**
**छत के नीचे के कोने:**
**त्रिकोणीय फर्नीचर:** कोनों का सही उपयोग करके जगह का अधिकतम उपयोग किया जाए।
**दीवार पर लगे भंडारण उपकरण:** फर्श की हर इंच जगह का उपयोग किया जाए।
**मॉड्यूलर प्रणालियाँ:** आवश्यकतानुसार इनकी संरचना बदली जा सकती है; नए उपकरण भी आसानी से जोड़े जा सकते हैं।
**हुक एवं हैंगर:** अनुपयोग के समय इन्हें मोड़कर रखा जा सकता है; कई स्तरों पर हुक होने से एक ही हुक पर कई वस्तुएँ रखी जा सकती हैं।
**शेल्फ:** 15-20 सेमी चौड़े शेल्फ, छोटी वस्तुओं हेतु उपयुक्त; किनारों वाले शेल्फ से वस्तुएँ गिरने से बचती हैं।
**दराजे:** दस्ताने एवं कंबल हेतु दीवार पर लगे दराजे; चाबियों एवं दस्तावेजों हेतु अलग डिब्बे।
**अतिरिक्त सुविधाएँ:** मेहमानों हेतु गद्देदार चप्पल, फोन चार्जिंग स्टेशन, स्वचालित प्रकाश व्यवस्था हेतु सेंसर।
**व्यवस्थित रखने हेतु उपाय:**
क्या हटाएं?:
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