एक ही शाम में कैसे एक आरामदायक, सपाट घर बनाया जाए – डिज़ाइनरों द्वारा सुझाई गई प्रभावी विधि
अपने फ्लैट को ऐसी जगह बना दें जहाँ से आप बाहर निकलना ही न चाहें!
जब आप घर लौटते हैं, क्या आपका फ्लैट आपका स्वागत ठंडेपन एवं उदासीनता से करता है? ऐसा लगता है कि कुछ तो नहीं है… लेकिन आपको पता नहीं क्या। अब आप “तकनीकी रूप से ठीक” लेकिन “बिल्कुल ही अस्वागतजनक” इंटीरियरों वाले मालिकों के समूह में शामिल हो गए हैं… फर्नीचर तो है, रेनोवेशन भी ताजा है… लेकिन फिर भी घर जैसा महसूस नहीं होता।
अच्छी खबर यह है कि “आरामदायक वातावरण” बनाने में महंगी खरीदारियाँ या जोरदार बदलावों की आवश्यकता नहीं है… सिर्फ कुछ छोटे-मोटे उपायों से ही ऐसा वातावरण बनाया जा सकता है। डिज़ाइनरों को इसका “रहस्यमय फॉर्मूला” पता है… ठीक से प्रकाश व्यवस्था + मुलायम टेक्सटाइल्स + छोटे-मोटे आरामदायक तत्व = तुरंत आरामदायक वातावरण।
अगर आपको यह विश्वास नहीं है… तो तैयार हो जाइए… अपने फ्लैट को ऐसी जगह में बदल दीजिए, जहाँ आप बाहर नहीं जाना चाहेंगे…
**लेख के मुख्य बिंदु:**
- **गर्म प्रकाश** – ठंडी लाइट बल्बों की जगह गर्म लाइट बल्ब लगाएँ, एवं स्पॉटलाइट भी जोड़ें।
- **मुलायम टेक्सटाइल्स** – कंबल, पैड, मुलायम कालीन आदि… ये स्पर्श के माध्यम से आराम देते हैं।
- **पौधे एवं मोमबत्तियाँ** – पौधे जीवन का संकेत देते हैं; मोमबत्तियाँ वातावरण को आरामदायक बनाती हैं।
- **सही फर्नीचर की व्यवस्था** – अलग-अलग क्षेत्रों में आरामदायक फर्नीचर रखने से वातावरण और भी बेहतर हो जाता है।
- **सुगंधित वातावरण** – सुगंधित तेल, कैमोमाइल आदि… ये मन को शांत रखते हैं।
**“प्रकाश – सब कुछ हल कर सकता है…”** पहली चीज जो “आरामदायक वातावरण” को नष्ट कर देती है, वह है **प्रकाश**… किसी ऑफिस जैसा ही… एक ठंडा लाइट बल्ब… सबसे सुंदर लिविंग रूम को भी “डेंटिस्ट के केबिन” जैसा बना देता है… अगर आपके फ्लैट में सिर्फ छत पर लगी लाइट ही है, तो तुरंत टेबल लैम्प खरीद लें। **गर्म प्रकाश (2700-3000K)** – आरामदायक वातावरण का पहला कदम है… सभी लाइट बल्बों को गर्म प्रकाश वाले बल्बों से बदल दें… अंतर तुरंत ही दिखाई देगा… ठंडा प्रकाश तनाव पैदा करता है, जबकि गर्म प्रकाश आराम देता है… यह सिर्फ एक अनुभूति ही नहीं है… यह हमारे दिमाग की प्रकृति है… हम गर्म प्रकाश को “सूर्यास्त” एवं “आराम” से जोड़ते हैं। **कई स्रोतों से प्रकाश उपयोग करें…** कोने में एक फ्लोर लैम्प, नाइटस्टैंड पर एक टेबल लैम्प, बिस्तर के पास एक वॉल स्कोन्स… हर ऐसा प्रकाश एक “आरामदायक क्षेत्र” बनाता है… जब किसी कमरे में कई स्रोतों से मुलायम प्रकाश होता है, तो वह कमरा “बहुस्तरीय” एवं “दिलचस्प” लगने लगता है। **“स्ट्रिंग लाइट्स”…** हाँ, सिर्फ नए साल के लिए ही नहीं… गर्म LED स्ट्रिंग लाइट्स को दीवार पर लटका दें, मिरर के चारों ओर लपेट दें… या एक काँच के बर्तन में रख दें… ये सामान्य दिनों में भी “उत्सव” एवं “जादुई वातावरण” पैदा कर देती हैं।
**“टेक्सटाइल्स – स्पर्श के माध्यम से आराम…”** मनुष्य स्पर्श की भावना रखने वाले प्राणी हैं… हमें आराम न सिर्फ आँखों से महसूस होता है, बल्कि हमारी त्वचा के माध्यम से भी… कठोर फर्नीचर, खुली सतहें, मुलायम टेक्सटाइल्स की कमी… ये सब घर को “अस्वागतजनक” बना देते हैं…
- **कंबल…** ये सिर्फ कंबल ही नहीं हैं… ये “आराम” का प्रतीक भी हैं… सोफे, आर्मचेयर… या तो कुर्सियों के पीछे भी कंबल रखें… ऐसी वस्तुएँ ऐसी होनी चाहिए कि उनका स्पर्श आरामदायक लगे… ऊन, कैशमीर, मुलायम कपास… ऐसी ही सामग्रियों का उपयोग करें।
- **कुशन…** सोफे पर कुशन रखने से आराम बढ़ जाता है… लेकिन एक ही तरह के कुशन न रखें… अलग-अलग टेक्सचर एवं आकार वाले कुशन ही बेहतर रहेंगे।
- **कालीन…** फर्श पर कालीन रखने से घर में “गर्माहट” एवं “देखभाल” का अहसास होता है… चाहे वह छोटी सी ही कालीन हो।
**“डिज़ाइन – घर को आकर्षक बनाने का माध्यम…”**
**डिज़ाइन: येवगेनिया ग्रिगोर्किना**
**“पौधे – घर में जीवन का संकेत…”**
- कोई भी फ्लैट… पौधों के बिना… “मृत” ही है… तकनीकी रूप से तो सब कुछ ठीक है… लेकिन कुछ महत्वपूर्ण चीजें तो गायब ही हो जाती हैं… पौधे घर में “जीवन” का संकेत देते हैं… वे साँस लेते हैं, बढ़ते हैं, बदलते रहते हैं… यही कारण है कि घर “जिंदा” लगता है… न कि “संग्रहालय”।
- 2-3 पौधे ही काफी हैं… लिविंग रूम में, खिड़की के पास, शेल्फ पर… पौधे तुरंत ही घर को “जीवंत” बना देंगे。
- **एसेंशियल ऑयल्स…** लैवेंडर, सिट्रस, वनीला… ये तेल मन को शांत करते हैं… लेकिन संयम से ही उपयोग करें… 2-3 बूँदें ही पर्याप्त हैं।
- किताबें… फोटो… सुंदर कप… ऐसे छोटे-मोटे विवरण ही घर को “जीवंत” बना देते हैं… ये तो सिर्फ “कहानियाँ” ही नहीं हैं… ये तो “असली जीवन” के संकेत भी हैं…
**“मोमबत्तियाँ – आरामदायक वातावरण का महत्वपूर्ण साधन…”** मोमबत्तियाँ… हमारी आनुवंशिक यादों में “घर” एवं “सुरक्षा” के प्रतीक हैं… जली हुई मोमबत्ती तुरंत ही वातावरण को आरामदायक बना देती है… भले ही वह जली हुई न हो… सिर्फ सुंदर मोमबत्तियाँ ही वातावरण को “खास” बना देती हैं।
**“छोटे-मोटे विवरण – घर को जीवंत बनाने में महत्वपूर्ण…”**
**“संगीत – वातावरण को पूरा करने वाला अंतिम तत्व…”** हल्का संगीत… आरामदायक धुन… ऐसा संगीत तो मन को पूरी तरह ही शांत कर देता है… चुनें ऐसे ही संगीत, जो ध्यान भटकाए नहीं, बल्कि आराम प्रदान करे।
**“कवर – डिज़ाइन परियोजना: एलेना उचाएवा”**
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