क्यों नवीनीकरण हमेशा योजनाबद्ध राशि से अधिक महंगे पड़ते हैं? वास्तविक कारण एवं इसे बचाने के तरीके (Why renovations always cost more than planned: Real reasons and how to save.)

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अक्सर, जब किसी इमारत के नवीनीकरण हेतु बजट तैयार किया जाता है, तो हम कई महत्वपूर्ण बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। इस लेख में हम बताएंगे कि किन बातों पर विचार करना आवश्यक है, एवं कैसे अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है।

यह एक सामान्य परिस्थिति है: आपने रेनोवेशन का अनुमान लगाया, थोड़ा अतिरिक्त बजट भी रखा, लेकिन अंत में आपके खर्च अनुमान से 1.5 गुना अधिक हो गए। आइए जानें कि ऐसा सभी के साथ क्यों होता है, एवं भविष्य के खर्चों का वास्तविक अनुमान कैसे लगाया जा सकता है。

लेख से मुख्य बातें:

  • हमेशा ही अनुमान 30-50% तक बढ़ जाते हैं;

  • मुख्य लागतें अक्सर छिपी रहती हैं;

  • बजट को नियंत्रित करने के तरीके हैं;

  • कुछ सामग्रियों पर बचत करना जोखिमपूर्ण हो सकता है;

  • सबसे महंगी गलतियाँ शुरुआत में ही हो जाती हैं;

  • कार्य का गलत क्रम खर्चों को बढ़ा देता है。

ऐसे छिपे हुए खर्च जिनके बारे में सभी भूल जाते हैं:

**डिलीवरी एवं अन्य लागतें:**

  • बड़ी सामग्रियों की डिलीवरी में खर्च;

  • मददगारों की सेवा एवं फर्श हटाने/लगाने में लागत;

  • निर्माण अपशिष्टों का निपटान में खर्च;

  • सामग्रियों की भंडारण व्यवस्था में लागत।

**उपभोज्य सामग्रियों पर खर्च:**

  • �िपकाऊ पदार्थ, प्राइमर, स्पैकल;

  • स्क्रू, एंकर, कोने वाली सामग्रियाँ;

  • इन्सुलेशन टेप, पेंटर का टेप;

  • दस्ताने, ढकावटी सामग्रियाँ।

**क्यों कार्य पर खर्च बढ़ जाता है:**

**अप्रत्याशित समस्याएँ:**

  • असमतल दीवारों पर अधिक प्लास्टर लगाने की आवश्यकता हो जाती है;

  • पुरानी वायरिंग को पूरी तरह बदलने की आवश्यकता हो जाती है;

  • पाइपें खराब हो जाती हैं;

  • फर्श को मजबूत करने की आवश्यकता हो जाती है。

**ऐसी गलतियाँ जिनके कारण भारी नुकसान होता है:**

**कार्य का गलत क्रम:**

  • पहले वॉलपेपर लगाएं, फिर वायरिंग बदलने का निर्णय लें;

  • दरवाजे लगाने से पहले लैमिनेट बिछा दें;

    रेडिएटर बदलने से पहले ही दीवारों पर पेंट कर दें।

**मुख्य लागतों में बचत:**

    सस्ती वायरिंग के कारण पुन: कार्य करना पड़ सकता है;

    निम्न गुणवत्ता वाली प्लंबिंग से लीक हो सकते हैं;

    �राब ध्वनि-इन्सुलेशन के कारण अतिरिक्त कार्य की आवश्यकता हो सकती है।

    Photo: freepik.com

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    **बजट को कैसे नियंत्रित करें:**

    **कार्य शुरू करने से पहले:**

    • विस्तृत कार्य-योजना तैयार करें;

    • योजनाबद्ध बजट में 40% अतिरिक्त राशि जोड़ें;

    • �ूट पर सामग्री खरीदने हेतु समय निकालें;

    • �ैकल्पिक विकल्पों की गणना करें。

    **रेनोवेशन के दौरान:**

    • सभी खर्चों पर नज़र रखें;

    • रसीदें एवं अनुमानों की जाँच करते रहें;

    • सामग्री-उपभोग पर नियंत्रण रखें;

    • सभी दस्तावेज़ अच्छी तरह से संग्रहीत करें।

    **कहाँ बचत की जा सकती है, एवं कहाँ नहीं:**

    **ऐसे मामले जहाँ बचत जोखिमपूर्ण है:**

    • विद्युत-वायरिंग एवं सुरक्षा-स्विच;

    • प्लंबिंग पाइपें एवं कनेक्शन;

      बाथरूम में जलरोधक कार्य;

      मूल सामग्रियों की गुणवत्ता।

    **कहाँ बचत की जा सकती है:**

      सजावटी कार्य (पहले सरल रूप से शुरू करें, बाद में आवश्यकता अनुसार विकसित करें);

      सजावटी तत्व;

      �र्नीचर (बाद में या धीरे-धीरे खरीदें);

      कुछ सजावटी सामग्रियाँ।

    **अनावश्यक खर्चों से कैसे बचें:**

    **योजना बनाएँ:**

    • सटीक माप लें;

    • सामग्री की मात्रा 10-15% अधिक आंकें;

    • �िपी हुई समस्याओं की जाँच करें;

    • कार्य शुरू करने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लें。

    **मौसमी कारक:**

    **कब रेनोवेशन महंगा पड़ता है:**

    • **गर्मियों में — श्रमिकों की माँग अधिक होती है;

    • **त्योहारों से पहले — सामग्रियों की कीमतें बढ़ जाती हैं;

    • **छुट्टियों के दौरान — टीम ढूँढना मुश्किल होता है।**

    **कब पैसों की बचत की जा सकती है:**

    • **सर्दियों में — सामग्रियों पर छूट मिलती है;

    • **मौसम के अन्य समय में — कारीगरों के विकल्प अधिक होते हैं;

    • **छूट के दौरान — बड़ी छूट मिल सकती है।**

      **मनोवैज्ञानिक कारक:**

      **क्यों हम अधिक खर्च कर बैठते हैं:**

        “चूँकि हम तो रेनोवेशन कर रहे हैं...”;

        **सब कुछ एकदम सही करने की इच्छा;

        **त्वरित एवं आवेगपूर्ण निर्णय;

        **विक्रेताओं एवं कारीगरों का दबाव।**

      **बजट का सही अनुमान कैसे लगाएँ:**

      **वास्तविक तरीका है:**

        न्यूनतम खर्चों की गणना करें;

        उस राशि को 1.4 से गुणा करें;

        अप्रत्याशित खर्चों हेतु 10% अतिरिक्त जोड़ें;

        लंबी अवधि के रेनोवेशन में मुद्रास्फीति का भी ध्यान रखें।

      **याद रखें: रेनोवेशन में अतिरिक्त खर्च होना सामान्य है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है।** **महत्वपूर्ण बात है — व्यापक योजना बनाना, सभी विवरणों पर ध्यान देना, एवं अप्रत्याशित स्थितियों के लिए तैयार रहना।** **शुरुआत में ही अधिक बजट निर्धारित करना बेहतर होगा, न कि रेनोवेशन के दौरान अतिरिक्त धनराशि ढूँढना।**

      **कवर: कारीन म्खितियान द्वारा डिज़ाइन किया गया प्रोजेक्ट।**

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