राइमर ब्यूरो द्वारा निर्मित “लॉ शोरूम”: चुप्पी – एक डिज़ाइन घोषणा के रूप में

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मूल पाठ:
आधुनिक रसोई, चमकदार काले फर्नीचर, गर्म बॉहरी सतह वाली नारंगी दीवारें, स्टेनलेस स्टील की उपकरणें एवं स्टाइलिश डिज़ाइन – जो विलास एवं मिनिमलिस्ट शैली को दर्शाता है):

<p>शहर के केंद्र में स्थित <strong>LAU</strong>, फर्नीचर ब्रांड का प्रमुख शोरूम है; जो प्रदर्शनी स्थलों की अवधारणा को ही नए ढंग से परिभाषित करता है। <strong>Raimer Büro</strong> द्वारा डिज़ाइन किया गया यह आर्किटेक्चरल श्रेष्ठकृति केवल प्रभाव डालने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि विचार-विमर्श के लिए है… ऐसा स्थान जो केवल तभी “बोलता” है, जब आप सुनने के लिए तैयार हों।</p><h2>“अर्थपूर्ण मिनिमलिज्म…”</h2><p>पारंपरिक प्रदर्शनी हॉलों के तरीकों से अलग, <strong>LAU</strong> वाणिज्यिक उद्देश्यों को अस्वीकार करता है… यह केवल कार्यक्षमता से परे है, बल्कि एक “अस्तित्व” का प्रतीक है। इसकी आर्किटेक्चरल रचना एक सख्त केंद्रीय अक्ष पर आधारित है… जो सममिति एवं शांति पैदा करती है… डिज़ाइनर इसे “मौन का मंच” कहते हैं… यहाँ कोई भी विकर्षण नहीं है – केवल लय, तर्क एवं सामग्रियों में ईमानदारी है।</p><h2>“प्रमुख आर्किटेक्ट राइमर के.ओ.” का कहना है: “स्पर्श-गुणधर्म सुविधा नहीं, बल्कि संपर्क है…” एवं यह सिद्धांत हर विवरण में निहित है。</h2><h2>“नारंगी एवं काला – गहराई के रंग…”</h2><p>इस डिज़ाइन की अभिव्यक्ति दो मजबूत रंगों – <strong>नारंगी एवं काले</strong> – पर आधारित है… यह सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि एक दार्शनिक विकल्प है… नारंगी गर्मी एवं ऊर्जा का प्रतीक है, काला – गहराई एवं संवेदनशीलता… मिलकर ये “शांति एवं उत्साह” का संतुलन पैदा करते हैं।</p><h2>“हेमिंगवे के उपन्यास ‘द ओल्ड मैन एंड द सी’ की सरलता एवं गहराई… इस परियोजना के लिए प्रेरणा स्रोत रही।”</h2><h2>“डिज़ाइन के माध्यम से संवाद…”</h2><p>यह स्थान, आर्किटेक्चरल टीम एवं ब्रांड के बीच महीनों तक के <strong>सहयोग</strong> से बना… मानवीय अंतर्ज्ञान एवं सामग्रियों की विशेषताओं के आधार पर हर पहलू का परीक्षण किया गया… ट्रेंडों के बजाय, बातचीत के माध्यम से ही इसे विकसित किया गया।</p><h2>“डिज़ाइनरों ने सतही सजावट से परहेज किया… बल्कि ऐसा “प्राणवान स्थान” बनाने की कोशिश की, जो प्रकाश, समय एवं मौजूदगी की प्रतिक्रिया दे…”</h2><h2>“‘लॉ एंड बार’ – संरचनात्मक एवं प्रतीकात्मक तत्व…”</h2><h2>LAU के केंद्र में प्राकृतिक पत्थर से बना एक मूर्तिपूर्ण ढाँचा है… जो “मुलाकात का स्थल, कार्यस्थल एवं कलात्मक व्यवस्था” है… इसके बगल में ऐश लकड़ी से बना एक चौकोर बार है… ये तत्व केवल सजावटी नहीं, बल्कि संरचनात्मक एवं प्रतीकात्मक हैं… “सामूहिक रूप से प्रस्तुत एक घोषणा-पत्र”।</h2><h2>“दोनों ओर की खुली अलमारियाँ… दीवारें… सभी तत्व दृश्य-लय पैदा करते हैं, स्थान को गहराई देते हैं… ये कुछ भी नहीं दिखाते… बल्कि रोजमर्रा की गतिविधियों को ही डिज़ाइन का हिस्सा बना देते हैं…”</h2><h2>“स्पर्श-गुणधर्म… एक दार्शन…”</h2><p>सामग्रियों का चयन ट्रेंड या रंगों के आधार पर नहीं, बल्कि “उनके गुणों” के आधार पर किया गया… कपास, पत्थर, लकड़ी एवं स्टील – ये सभी स्पर्श को आमंत्रित करने वाली सामग्रियाँ हैं… यहाँ “स्पर्श” केवल आराम पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि संपर्क स्थापित करने हेतु है…</p><h2>“शोरूम की सतहें ऐसी ही डिज़ाइन की गईं, ताकि भावनात्मक एवं शारीरिक अनुभव हो सकें… स्पर्श-अनुभव ही इस आर्किटेक्चर की मूल भाषा है…”</h2><h2>“प्रकाश… एक “सह-लेखक”…”</h2><h2>LAU में प्रकाश केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि एक “भावनात्मक साथी” है… मृदु परिवेश-प्रकाश इस जगह को आकर्षक बनाता है… स्टेनलेस स्टील से बनी आराम-क्षेत्र प्रकाश को परावर्तित एवं फैलाती है… जैसे सूर्य की किरणें पानी पर…</h2><h2>कॉरिडोर के अंत में एक मृत्पुष्टि-प्रकार की धातु की कुर्सी है… जो मृदु प्रकाश में चमकती है… ऐसे ही, एक काला चमड़े का सोफा… जो “मेसा वैन डेर रोहे” के स्टाइल का सम्मानपूर्ण संकेत है…</h2><h2>“‘LAU’… केवल एक प्रदर्शनी हॉल नहीं… बल्कि एक “स्थानिक घोषणा-पत्र” है… ऐसी जगह, जहाँ सामग्रियाँ “सांस लेती” हैं… प्रकाश मिलकर एक संगीत बनाता है… एवं मौन ही “उच्चतम विलास” बन जाता है…”</h2></div></div></main></div><div class=

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