पर्यावरण-अनुकूल घर बनाने हेतु 5 नियम: लेआउट से लेकर सजावट तक
भले ही आप किसी लकड़ी के घर में न रहते हों, बल्कि किसी शहरी अपार्टमेंट में रहते हों, फिर भी अपने आवास स्थल को पर्यावरण-अनुकूल बनाना पूरी तरह से संभव है। इसके लिए आपको क्या चाहिए? सबसे पहले – पाँच नियमों को याद रखें。
इको-स्टाइल हर साल अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। आजकल पर्यावरण-अनुकूल घर में रहना न केवल लाभदायक है, बल्कि एक ट्रेंड भी है! ऐसे नियमों को याद रखें जो आपको अच्छा महसूस करने एवं इस ट्रेंड में बने रहने में मदद करेंगे。
मारिया अगाफोनोवा – “ग्रीन हाउस” डिज़ाइन स्टूडियो की संस्थापक; ऐसे स्टूडियो घरों में पर्यावरण-अनुकूल वातावरण बनाने में मदद करते हैं।
**1. सोच-समझकर लेआउट तय करें:** घर का स्थान खुला एवं स्वतंत्र रूप से ही इस्तेमाल होना चाहिए; प्रकाश बिना किसी अवरोध के घर में पहुँचना चाहिए। घर में घूमना आसान होना चाहिए; दीवारों एवं फर्नीचर की संख्या को कम करें, एवं स्थानों को ऐसे ही विभाजित करें कि अतिरिक्त जगह न ली जाए।

**2. प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करें:** इको-स्टाइल में गैर-विषैली सामग्रियों, रंगों, प्लास्टर, वैर्निश एवं फर्नीचर का ही उपयोग किया जाता है। यदि आप पर्यावरण-अनुकूल इंटीरियर की अवधारणा का समर्थन करते हैं, तो केवल प्राकृतिक सामग्रियों ही का उपयोग करें।

**3. प्राकृतिक सामग्री से बने फर्नीचर का उपयोग करें:** MDF या पार्टिकल बोर्ड से बने फर्नीचर से बचें; क्योंकि इनके निर्माण में फॉर्मल्डिहाइड वाली रासायनिक पदार्थों का उपयोग होता है। ऐसे फर्नीचर खरीदने के पहले 6 महीनों तक ही मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं, एवं बाद में भी गर्मी या सर्दी के मौसम में इनसे जहरीले पदार्थ निकलते रहते हैं। कपड़ों से बने आवरणों के लिए प्राकृतिक ऊन, कपास, लिनेन या जूट ही उपयुक्त हैं; कृत्रिम रेशे इस उद्देश्य के लिए उपयुक्त नहीं हैं, क्योंकि इन पर अक्सर आग-रोधी पदार्थ लगाए जाते हैं।

**4. हल्के रंगों का उपयोग करें:** हल्के रंग घर में खुलापन एवं सौंदर्य लाएँगे; बेज, हरा, नीला, सफेद, पीला एवं धूसर इस स्टाइल के मुख्य रंग हैं। प्रकृति में पाए जाने वाले रंगों का ही उपयोग करें।

**5. पौधे का उपयोग सजावट हेतु करें:** घर में जितने अधिक पौधे होंगे, उतना ही घर पर्यावरण-अनुकूल दिखाई देगा। पौधे स्थानों को विभाजित करने में मदद करते हैं, घर को अधिक आरामदायक बनाते हैं, एवं कुछ आंतरिक कमियों को भी छिपा सकते हैं। लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य हमें खुश करना एवं हमें सकारात्मक ऊर्जा देना है… घर में पौधे होने से व्यक्ति अधिक दयालु एवं सहानुभूतिशील बन जाता है, क्योंकि उसे किसी जीवित चीज़ की देखभाल करने की आदत विकसित हो जाती है।

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