रूसी वास्तविकताओं में भूमध्यसागरीय आहार: क्या बदलना है एवं कैसे अनुकूलित करना है?
याद रखें: सबसे लाभकारी आहार वही है जिसे आप लंबे समय तक आनंद के साथ अपना सकें。
भूमध्यसागरीय आहार को दुनिया का सबसे स्वास्थ्यवर्धक आहार माना जाता है। लेकिन जब इसकी रेसिपियों का अध्ययन किया जाता है, तो पता चलता है कि दुकानों में उपलब्ध आधे से अधिक उत्पाद इतने महंगे हैं कि एक विमान की पंख के बराबर होते हैं, जबकि बाकी आधे उत्पादों को ही बिल्कुल भी नहीं बेचा जाता। क्या हमें स्वस्थ खान-पान के सपने को छोड़ देना चाहिए? आइए देखते हैं कि कैसे भूमध्यसागरीय आहार के सिद्धांतों को रूसी उत्पादों एवं बजट के अनुसार अनुकूलित किया जा सकता है。
Photo from freepik.com
**लेख के मुख्य बिंदु:**
- भूमध्यसागरीय आहार का मूल आधार इसके सिद्धांत हैं, न कि कोई विशेष उत्पाद;
- महंगे भूमध्यसागरीय उत्पादों के रूसी विकल्प अक्सर उनके समान ही लाभदायक होते हैं;
- मौसमी उपलब्धता एवं उत्पादों की गुणवत्ता, मूल रेसिपियों के सख्ती से पालन से अधिक महत्वपूर्ण हैं;
- आहार को जलवायु एवं खान-पान की परंपराओं के अनुसार अनुकूलित करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है;
- बजट के अनुसार भूमध्यसागरीय आहार असली उत्पादों की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकता है。
- **भरपूर सब्जियाँ एवं फल:** हर भोजन का आधार;
- **फाइबर-युक्त अनाज:** परिष्कृत अनाजों के बजाय;
- **मछली एवं समुद्री भोजन:** हफ्ते में 2-3 बार;
- **जैतून का तेल:** मुख्य वसा का स्रोत;
- **मूंगफली एवं बीज:** प्रतिदिन थोड़ी मात्रा में;
- **दूग्ध उत्पाद:** मध्यम मात्रा में;
- **लाल वाइन:** रात के भोजन में थोड़ी मात्रा में।
- **जैतून का तेल → अलसी का तेल, रापसी का तेल, अपरिष्कृत सूरजमुखी का तेल:**
एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून का तेल प्रति लीटर 500 रूबल में उपलब्ध है। अलसी का तेल अधिक फायदेमंद ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त है एवं इसकी कीमत आधी है। अपरिष्कृत सूरजमुखी का तेल तलने हेतु बजट-अनुकूल विकल्प है। **मुख्य नियम:** अलग-अलग तेलों का उपयोग करें – सलाद में अलसी का तेल, तलने हेतु रापसी का तेल, एवं प्रामाणिक स्वाद हेतु जैतून का तेल।
- **समुद्री मछली → शुद्ध जल की मछली, डिब्बाबंद मछली:**
ताजा टूना एवं डोराडा प्रति किलोग्राम 2000 रूबल में उपलब्ध है, लेकिन सभी के लिए यह व्ययवहूल नहीं है। पाइक पर्च, पाइक एवं कार्प में भी उतना ही प्रोटीन होता है। डिब्बाबंद सार्डिन, मैकरेल एवं एंचोवी भी कुछ ही पैसों में ओमेगा-3 के उत्कृष्ट स्रोत हैं। **प्रतिस्थापन का सिद्धांत:** आहार में कोई भी मछली, कोई मछली न होने से बेहतर है।
- **अर्टिचोक, एस्पारागस, रुकोला → पालक, स्पिनाच, अन्य हरी सब्जियाँ:**
800 रूबल प्रति किलोग्राम में उपलब्ध विदेशी सब्जियों के स्थान पर सस्ती विकल्प भी उपलब्ध हैं। सफेद पालक में अर्टिचोक के बराबर विटामिन सी होता है, एवं स्पिनाच पालक की तुलना में आयरन एवं फोलेट में भी समान है।
- **सीडर के बीज → अखरोट, अन्य बीज:**
सीडर के बीज प्रति किलोग्राम 3000 रूबल में उपलब्ध हैं। अखरोट में अधिक ओमेगा-3 होता है एवं यह सीडर के बीजों की तुलना में पाँच गुना सस्ता है। सूरजमुखी एवं कद्दू के बीज भी विटामिन-ई से भरपूर हैं एवं बजट-अनुकूल हैं。 **“रूसी जलवायु के अनुसार भूमध्यसागरीय आहार को कैसे अनुकूलित करें?”** भूमध्यसागरीय आहार ऐसी जगहों पर विकसित हुआ, जहाँ गर्म जलवायु में सब्जियाँ एवं फल साल भर उपलब्ध रहते हैं। रूसी परिस्थितियों में निम्नलिखित समायोजन आवश्यक हैं:
- **सर्दियों में अधिक कैलोरी-युक्त उत्पाद:** ठंडे मौसम में शरीर को गर्म रखने हेतु अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है; इसलिए मूंगफली, बीज एवं चर्बीयुक्त मछली की मात्रा बढ़ाएँ।
- **फ्रोजन सब्जियों का उपयोग:** आयातित “ताजी” सब्जियों की तुलना में फ्रोजन सब्जियाँ अधिक लाभदायक हैं।
- **मौसमी उपलब्धता का पालन:** गर्मियों में ताजी सब्जियाँ, शरदियों में सेब एवं कद्दू, सर्दियों में कद्दूकस की हुई पत्तेदार सब्जियाँ।
- **कद्दूकस की हुई पत्तेदार सब्जियाँ → जैतून:** कद्दूकस की हुई पत्तेदार सब्जियों में भी प्रोबायोटिक एवं विटामिन-सी होता है; इनका उपयोग भूमध्यसागरीय आहार में किया जा सकता है।
- **क्रैनबेरी → अंगूर:** उत्तरी इलाकों में पाई जाने वाली क्रैनबेरी में भूमध्यसागरीय अंगूर से अधिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, एवं ये पूरे सर्दियों तक सुरक्षित रहती हैं।
- **बकव्हीट → बुलगुर:** बकव्हीट की दलिया प्रोटीन एवं खनिजों से भरपूर है; इसका उपयोग भूमध्यसागरीय आहार में किया जा सकता है।
- **कॉटेज पनीर → यूनानी दही:** 5% वसा वाला कॉटेज पनीर, महंगे यूनानी दही की तुलना में अधिक प्रोटीन युक्त है एवं सस्ता भी है।
- **न्यूनतम प्रसंस्करण:** सब्जियों को हल्के से पकाएँ, या सीधे कच्ची ही उपयोग में लाएँ; मछली को तलने के बजाय ओवन में पकाएँ।
- **हरी सब्जियाँ एवं मसाले:** धनिया, पुदीना, तुलसी, लहसुन – ये सभी भूमध्यसागरीय आहार के समान ही फायदेमंद हैं।
- **सरलता:** जटिल सॉस एवं बहु-घटक वाले व्यंजन भूमध्यसागरीय आहार का हिस्सा नहीं हैं; सरल व्यंजन ही बेहतर होते हैं।
- **महंगे सुपरफूड:** चिया बीज, गोजी बेरी, स्पिरुलिना – ये सभी मार्केटिंग तकनीकों का हिस्सा हैं; रूसी उत्पाद ही इनके समान ही लाभदायक हैं।
- **विशेष भूमध्यसागरीय उत्पाद:** “भूमध्यसागरीय” नमक, तेल, मसाले – ऐसे उत्पादों पर अतिरिक्त खर्च करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
- **विदेशी फल:** सर्दियों में 200 रूबल प्रति किलोग्राम में उपलब्ध एवोकाडो – ऐसा खर्च अनावश्यक है; स्थानीय सेब एवं नाशपाती ही बेहतर विकल्प हैं।
- **नाश्ता:** ओट्स में सेब एवं अखरोट, हरा चाय;
- **दोपहर का भोजन:** ताजे पालक की सूप, गाजर एवं प्याज, काला रोटी का टुकड़ा, अलसी के तेल वाली खीरा सलाद;
- **नाश्ता:** कॉटेज पनीर में फ्रोजन बेरी;
- **रात का भोजन:** ओवन में पकी हुई मैकरेल, स्ट्यू किए गए जुकीनी, हर्बल चाय।
अधिक लेख:
“हाउस का रंग-मानचित्र: प्रत्येक कमरे में 2025 के रुझानों का उपयोग कैसे करें”
10 डाइनिंग टेबल: आपके इंटीरियर के लिए ट्रेंडी मॉडल
किंवदंतियाँ या सच्चाई: मॉस्को के सबसे अजीबोगरीब घरों के रहस्य
इंटीरियर डिज़ाइन की प्रवृत्तियाँ 2025–2026: मुख्य दिशाएँ
नए ‘डेक्स्टर’ में उमा थूरमैन: इस किरदार के बारे में जानकारी एवं अभिनेत्री ने फिल्मांकन के दौरान क्या खुलासा किया?
इलेक्ट्रीशियन धोखेबाज़: 5 ऐसी योजनाएँ जिनके कारण आपको लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है
चाइना टाउन: ऐसा क्यों है कि मुख्य व्यापारिक क्षेत्र का नाम “स्वर्गीय राज्य” पर रखा गया?
एक छोटे स्टूडियो में बिस्तर कहाँ रखा जाए: 5 सबसे अच्छे समाधान