एक छोटे स्टूडियो में बिस्तर कहाँ रखा जाए: 5 सबसे अच्छे समाधान - Дизайн интерьера дома и квартиры - REMONTNIK.PRO

एक छोटे स्टूडियो में बिस्तर कहाँ रखा जाए: 5 सबसे अच्छे समाधान

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सीमित जगह के कारण आंतरिक डिज़ाइन हेतु अपरंपरागत दृष्टिकोण अपनाने पड़ते हैं, खासकर बिस्तर जैसे महत्वपूर्ण तत्वों के मामले में। आधुनिक डिज़ाइन की मदद से न्यूनतम जगह पर भी पूर्ण आकार का शयन क्षेत्र बनाया जा सकता है। हम ऐसे 5 उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, जहाँ छोटे स्टूडियो में बिस्तर की व्यवस्था की गई है。

**कोने का उपयोग करें:** कमरे के कोने में बिस्तर रखने से जगह खाली हो जाती है एवं आरामदायक वातावरण बनता है। दोनों ओर की दीवारें बिस्तर को घेरकर एकांतपूर्ण माहौल पैदा करती हैं। गोपनीयता बनाए रखने हेतु दरवाज़े पर पर्दे लगाएँ, जैसा कि डिज़ाइनर सारा मिखाइलोवा ने अपने 18 वर्ग मीटर के स्टूडियो में किया। यहाँ शयन क्षेत्र केवल 4 वर्ग मीटर है, लेकिन हर इंच जगह का सही उपयोग किया गया है। बिस्तर में उठाने-खाने वाला तंत्र एवं अलमारी है, जिससे जगह का अधिकतम उपयोग हो पाता है। स्टाइलिश बेडसाइड लाइटें इस छोटे कमरे को वास्तव में आरामदायक बना देती हैं。

डिज़ाइन: सारा मिखाइलोवाडिज़ाइन: सारा मिखाइलोवा

**लॉफ्ट का उपयोग करें:** अगर आपकी छतें ऊंची हैं, तो लॉफ्ट बनाने पर विचार करें। इससे फर्श की जगह खाली हो जाएगी एवं डाइनिंग एरिया, लिविंग रूम, कार्यस्थल या अलमारी बनाई जा सकेगी। उदाहरण के लिए, वारवारा गोलोव्को के 17 वर्ग मीटर के स्टूडियो में शयन क्षेत्र लॉफ्ट पर है, जिससे 10 वर्ग मीटर अतिरिक्त जगह मिल गई। लॉफ्ट पर अलमारी एवं बिस्तर भी रखा गया है।

डिज़ाइन: वारवारा गोलोव्को का स्टूडियोडिज़ाइन: वारवारा गोलोव्को का स्टूडियो

**विस्तारीय बिस्तर:** कुछ मामलों में शयन क्षेत्र फर्नीचर का ही हिस्सा होता है। इस संक्षिप्त स्टूडियो में खिड़की के पास एक प्लेटफॉर्म बनाकर उस पर लिविंग एरिया तैयार किया गया है। प्लेटफॉर्म के नीचे अलमारी एवं विस्तारीय बिस्तर है। इस तरह हर इंच जगह का सही उपयोग हो पाता है।

डिज़ाइन: अन्ना नोवोपोल्त्सेवाडिज़ाइन: अन्ना नोवोपोल्त्सेवा

**“फर्नीचर का रूपांतरण” वाला उपाय:** कोगन डिज़ाइन स्टूडियो के 20 वर्ग मीटर के स्टूडियो में ऐसा ही अपरंपरागत उपाय अपनाया गया। यहाँ बिस्तर दिन के समय दीवार में ही घुल मिल जाता है, जिससे खुला स्थान प्राप्त होता है; रात में यह आरामदायक बिस्तर के रूप में प्रयोग में आता है। इसमें ऑर्थोपेडिक मैट्रेस है, जिससे आरामदायक नींद संभव होती है। ऐसा करने से जगह की बचत होती है एवं इंटीरियर अधिक कार्यात्मक एवं स्टाइलिश दिखाई देता है।

डिज़ाइन: कोगन डिज़ाइन स्टूडियोडिज़ाइन: कोगन डिज़ाइन स्टूडियो

**पार्टीशन का उपयोग करें:** अगर आप शयन क्षेत्र को मुख्य क्षेत्र से अलग करना चाहते हैं, तो पार्टीशन के रूप में दरवाज़ा या शेल्फ उपयोग में लाएँ। नतालिया काल्टीयेवा ने अपने 28 वर्ग मीटर के स्टूडियो में पार्टीशन के रूप में शेल्फ का उपयोग किया; इससे शयन क्षेत्र एवं लिविंग रूम अलग-अलग हो गए। शेल्फ हल्की एवं साफ दिखती है, जिससे कमरा हल्का एवं रोशन रहता है। साथ ही, इसमें किताबें एवं अन्य छोटी वस्तुएँ भी रखी जा सकती हैं – सीमित जगह में यह बहुत ही काम आता है।

डिज़ाइन: नतालिया काल्टीयेवाडिज़ाइन: नतालिया काल्टीयेवा

जैसा कि आप देख सकते हैं, बिस्तर की उचित व्यवस्था एक आरामदायक एवं कार्यात्मक इंटीरियर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऊपर दिए गए सुझावों का उपयोग करके ऐसा आरामदायक एवं स्टाइलिश वातावरण बनाएँ।

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