इंटीरियर डिज़ाइन की प्रवृत्तियाँ 2025–2026: मुख्य दिशाएँ
एक विशेषज्ञ के साथ अन्वेषण करना
आधुनिक आंतरिक डिज़ाइन केवल एक सुविधाजनक एवं सुंदर ढाँचा ही नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व, मूल्यों एवं जीवनशैली का भी प्रतिबिंब है। आंतरिक सजावट व्यक्ति का ही एक अंग बन जाती है – ऐसी जगह जो शक्ति एवं विशिष्टता का प्रतीक है। इसलिए, महत्वपूर्ण बात अस्थायी फैशन रुझान नहीं, बल्कि ऐसी प्रवृत्तियाँ हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरें।
आंतरिक डिज़ाइनर तात्याना बेजुखाया के साथ मिलकर हम 2025–2026 के आंतरिक डिज़ाइन रुझानों पर चर्चा करेंगे; तात्याना इन रुझानों को केवल सौंदर्य के रूप में ही नहीं, बल्कि भविष्य की एक दर्शनशास्त्रीय अवधारणा के रूप में भी देखती हैं – पर्यावरण, विलास, प्रौद्योगिकी एवं कला का संयोजन।
तात्याना बेजुखाया – उद्योग की विशेषज्ञ, प्रीमियम डिज़ाइन स्टूडियो “TB.Design” एवं फर्नीचर ब्रांड “FURFUR”的 संस्थापक, लोकप्रिय ब्लॉगर, वक्ता एवं मार्गदर्शक。**“इको-लक्ज़री” – सचेतन चयन की एक नई सौंदर्यशैली**
पर्यावरण अब सीमाओं का प्रतीक नहीं है, बल्कि “सचेतन विलास” का प्रतीक बन गया है। आंतरिक सजावट में कोमल प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग बढ़ गया है – ऐसी पत्थर, लकड़ी एवं कपड़े जो उच्च गुणवत्ता वाले हों। खनिज, मैदा-मटरी या नींबू की सतह वाली सजावटें अनूठा प्रभाव पैदा करती हैं, जिसे बड़े पैमाने पर नहीं बनाया जा सकता।
**“कार्यात्मक प्रौद्योगिकियाँ” भी इसी श्रेणी में आती हैं।** ऊष्मा-पुनर्प्राप्ति प्रणालियाँ, स्मार्ट जलवायु एवं प्रकाश नियंत्रण प्रणालियाँ, ऊर्जा-बचत वाले समाधान – ये सभी विलासी आंतरिक सजावटों का अनिवार्य हिस्सा हैं। 2025–2026 में “विलास” का अर्थ है – जिम्मेदारी से सुंदर जीवन जीना।
डिज़ाइन: तात्याना बेजुखाया**“तकनीकी न्यूनतावाद” – स्पष्टता की एक दर्शनशास्त्रीय अवधारणा**
न्यूनतावाद का भविष्य पुराने “खाली एवं सूने” स्थानों से बिलकुल अलग है। यह स्पष्टता की दर्शनशास्त्रीय अवधारणा है, जिसमें हर विवरण कार्यात्मक एवं सोच-समझकर बनाया गया होता है। ऐसी आंतरिक सजावटों में अंतर्निहित अलमारियाँ, छिपी हुई प्रौद्योगिकियाँ, टच-पैनल एवं स्मार्ट होम प्रणालियाँ शामिल होती हैं।
**“दृश्यमान साफ-सुथरापन” भी इसी श्रेणी में आता है; ऐसी आंतरिक सजावटों में बड़े कलात्मक फर्नीचर, कलात्मक पैनल एवं अनूठे आभार दिखाई देते हैं।** स्थान विवरणों से अत्यधिक भरा नहीं होता, बल्कि प्रत्येक क्षेत्र में कोई ना कोई भावनात्मक केंद्र होता है।
डिज़ाइन: तात्याना बेजुखाया**“विभिन्न युगों का संवाद” – आधुनिकता एवं परंपरा**
2025–2026 में सबसे लोकप्रिय रुझान है – विभिन्न युगों के तत्वों का संयोजन। आधुनिक शैली में बने मेहराब, पुराने ढंग के फर्नीचर, एवं अत्याधुनिक सजावटों का समन्वय।
ऐसी मिश्रित सजावटें आंतरिक स्थानों को गहराई एवं अनूठापन देती हैं। यह केवल “चयनात्मक शैलियों” का संयोजन नहीं, बल्कि आधुनिकता एवं परंपरा के बीच का “संवाद” भी है। ऐसी सजावटें खासकर उच्च-गुणवत्ता वाले घरों में बहुत प्रभावी होती हैं, क्योंकि ऐसे घरों में “इतिहास” एवं “चरित्र” होता है।
डिज़ाइन: तात्याना बेजुखाया**“बायोफिलिया” एवं “प्राकृतिक रूप” – प्रकृति को घर का हिस्सा बनाना**
लोग प्रकृति के साथ सामंजस्य चाहते हैं, एवं यही इच्छा आंतरिक डिज़ाइन में भी प्रतिबिंबित होती है। प्राकृतिक सामग्रियों से बने फर्नीचर, प्राकृतिक रंग, कमरों में हरियाली – ये सभी आंतरिक सजावटों के अनिवार्य तत्व बन गए हैं।
**“ऊर्ध्वाधर बाग” एवं “प्राकृतिक सजावटें”** – ऐसी व्यवस्थाएँ स्थान को और अधिक जीवंत बना देती हैं। यहाँ तक कि महानगरों में भी लोग प्रकृति से जुड़ा महसूस करते हैं।
डिज़ाइन: तात्याना बेजुखाया**“स्थान को गैलरी के रूप में उपयोग करना” – कला को केंद्र बनाना**
आंतरिक सजावट में “कला” सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। चित्र, मूर्तियाँ, कलात्मक प्रकाश-व्यवस्था एवं अनूठे फर्नीचर – ये सभी आंतरिक सजावट को और अधिक सुंदर बना देते हैं।
फर्नीचर खासकर महत्वपूर्ण है; आजकल फर्नीचर केवल कार्यात्मक उद्देश्यों ही के लिए नहीं, बल्कि भावनात्मक अभिव्यक्ति के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। तात्याना अपने ब्रांड “FURFUR” में ऐसे ही फर्नीचर बनाती हैं; इन फर्नीचरों को पिछले साल ही “ऑल-रशिया डिज़ाइन फेस्टिवल” में पहचान मिली।
सोफे, आरामकुर्सियाँ, फर्शलाइटें – ये सभी आंतरिक सजावट को पूरक बनाते हैं। आजकल की प्रवृत्ति में “एकमात्र अनूठा फर्नीचर” भी आंतरिक सजावट का हिस्सा बन गया है; ऐसे फर्नीचर न केवल स्थान को सुंदर बनाते हैं, बल्कि उसमें “भावनात्मकता” भी जोड़ देते हैं।
**“स्पर्श-योग्य सामग्रियाँ” – एक ऐसी सजावट जिसमें स्पर्श का महत्व है**
आजकल आंतरिक सजावटों में “स्पर्श-योग्य सामग्रियों” का उपयोग बढ़ गया है। मैट सतहें, मोटे कपड़े, ऊन, कपास – ऐसी सामग्रियाँ आंतरिक सजावटों को और अधिक आकर्षक बना देती हैं।
**“लचीले जीवन-ढाँचे” – ऐसी सजावटें जो विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयुक्त हों**
आधुनिक जीवन-गति के कारण आंतरिक सजावटें भी लचीली हो गई हैं। लिविंग रूम को कुछ ही मिनटों में ऑफिस में परिवर्तित किया जा सकता है, एवं बेडरूम को योग/मедिटेशन क्षेत्र में भी उपयोग किया जा सकता है। महामारी के बाद, अधिकांश लोग हाइब्रिड कार्य-पद्धतियों को ही पसंद करने लगे, एवं ऑनलाइन खेल भी अधिक लोकप्रिय हो गए।
**“रंग-आधारित सजावट” – भावनात्मक प्रभाव पैदा करने वाले रंग**
मूलभूत रंग जैसे बेज, मिल्क-कॉफी, एशन-ग्रे – ये ही आंतरिक सजावटों का आधार हैं। लेकिन “रंग-प्रभाव” अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं – गहरा हरा, तांबा, टेराकोटा, नीला जैसे रंग।
रंगों का उपयोग चुनिंदा ढंग से ही किया जाता है – कुछ विशेष भागों में, फर्नीचर की खपड़ी में, प्रकाश-व्यवस्था में, या छोटे सजावटी तत्वों में। ऐसा करने से आंतरिक सजावट सार्वभौमिक हो जाती है, लेकिन उसमें भावनात्मक गहराई भी आ जाती है।
**“ध्वनि-परिवेश” – आराम एवं मानसिक स्वास्थ्य का महत्व**
ध्वनि-परिवेश अब आराम का एक महत्वपूर्ण तत्व बन गया है। आधुनिक आंतरिक सजावटों में ध्वनि-अवशोषक पैनल, मोटी खिड़कियाँ, मुलायम फर्नीचर आदि का ही उपयोग किया जाता है।
यह सिर्फ आराम ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। घर में शांति – यही अब “विलास” का एक नया प्रतीक है, खासकर शोरगुल भरे शहरों में।
**“व्यक्तित्व” – सबसे महत्वपूर्ण रुझान**
सबसे टिकाऊ रुझान है – व्यक्तिगतता की इच्छा। थोक-उत्पादन अब पीछे छूट गया है, एवं व्यक्तिगत डिज़ाइन ही अब महत्वपूर्ण हो गया है। अधिक से अधिक लोग हाथ का बना हुआ फर्नीचर, व्यक्तिगत रूप से डिज़ाइन की गई प्रकाश-व्यवस्था एवं सजावटी तत्व चुन रहे हैं।
**“2025–2026 के आंतरिक डिज़ाइन रुझान” – तीन शब्दों में…** “सचेतनता, व्यक्तिगतता एवं भावनात्मकता।” पर्यावरण-उन्नत सामग्रियाँ, प्राकृतिक रूप, कलात्मक फर्नीचर, स्पर्श-योग्य सामग्रियाँ एवं लचीले जीवन-ढाँचे – ये ही आने वाले समय के आंतरिक डिज़ाइन के मूलभूत तत्व हैं।
**“सबसे महत्वपूर्ण बात… अनूठापन।”** स्थान केवल एक “निष्पक्ष पृष्ठभूमि” नहीं है, बल्कि व्यक्ति के चरित्र का प्रतिबिंब है। फर्नीचर एवं अन्य आंतरिक सामग्रियाँ तो वास्तव में कला के रूप में ही उपयोग में लाई जा रही हैं। ऐसी ही सजावटें ही आंतरिक स्थानों को सुंदर, अर्थपूर्ण, भावनात्मक एवं जीवंत बना देती हैं。
कवर-फोटो: तात्याना बेजुखाया के प्रोजेक्ट से
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