लेनिंग्राड्स्की प्रोस्पेक्ट पर स्थित “लेस हाउस”: सोवियत आर्किटेक्चर की ऐसी कहानियाँ…
मॉस्को वास्तुकला की अद्भुत विरासत
मॉस्को की इमारतों के पैनोरामिक दृश्य में कुछ ऐसी संरचनाएँ हैं जो न केवल अपने ऐतिहासिक महत्व के कारण, बल्कि अपनी असाधारण सौंदर्यपूर्ण विशेषताओं के कारण भी उल्लेखनीय हैं। ऐसी ही एक आर्किटेक्चरल उत्कृष्ट कृति है ‘लेस हाउस’, जो लेनिंग्राड्स्की प्रोस्पेक्ट पर स्थित है, एवं अपनी कंक्रीट से बनी, हल्की एवं सुंदर फासाद के कारण प्रसिद्ध है।
**दिलचस्प तथ्य:**
‘लेस हाउस’ की ऐसी फासाद की प्रेरणा बुरков को इटली की यात्राओं के दौरान दिखी गई आर्किटेक्चरल विशेषताओं से मिली;
आदर्श पैटर्न तैयार करने हेतु 10 से अधिक प्रोटोटाइप बनाए गए;
इमारत के आंगन में बना बगीचा भी इसी समय डिज़ाइन किया गया, एवं आज भी संरक्षित है;
फासाद में प्रयोग किए गए कंक्रीट तत्वों की मोटाई केवल 5-7 सेमी है, जो उस समय के हिसाब से एक तकनीकी उपलब्धि थी;
बुरков ने ऐसी विशेष तकनीक विकसित की, जिससे मॉस्को की कठोर सर्दियों में पतले कंक्रीट तत्व नहीं टूटे;
**फोटो: kulturologia.ru****ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं निर्माण:**
‘लेस हाउस’ का निर्माण 1939-1940 में प्रसिद्ध सोवियत आर्किटेक्ट अंद्रेई कॉन्स्टेंटिनोविच बुरков एवं बोरिस निकोलायेविच ब्लोहिन के सहयोग से किया गया। इस इमारत को सोवियत यूनियन की एयरोप्लेन उद्योग संस्था के कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन के रूप में बनाया गया।
सोवियत आर्किटेक्चर में इस अवधि के दौरान ‘कंस्ट्रक्टिविज्म’ से ‘नव-शास्त्रीयता’ की ओर परिवर्तन हुआ, एवं बुरков का कार्य इन दोनों दिशाओं के बीच एक सेतु का काम किया। अंद्रेई बुरков न केवल एक प्रतिभाशाली आर्किटेक्ट थे, बल्कि इटली एवं फ्रांस में कला का अध्ययन भी कर चुके थे; इसी कारण उनका डिज़ाइन दृष्टिकोण अनूठा था。
**आर्किटेक्चरल विशेषताएँ:**
इमारत की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है उसकी लेनिंग्राड्स्की प्रोस्पेक्ट की ओर देखने वाली फासाद। इस फासाद पर एक जटिल कंक्रीट से बना जालीदार ढाँचा है, जो कई कार्य करता है:
यह अपार्टमेंटों को भीड़भाड़ वाले रास्तों से आने वाले शोर से बचाता है;
इससे अंदर कमरों में प्रकाश एवं छाया का खेल दिखाई देता है;
यह प्राकृतिक वेंटिलेशन सुनिश्चित करता है;
यह इमारत को एक अनूठा सौंदर्य प्रदान करता है。
संरचनात्मक रूप से, यह आठ मंजिला इमारत है, एवं इसकी लंबाई लगभग 150 मीटर है। ‘लेस’ जैसी फासाद के अलावा, इमारत में अर्धवृत्ताकार बालकनियाँ, सुंदर रेलिंग वाले बालकनी, एवं सावधानीपूर्वक डिज़ाइन किए गए आकार भी हैं。
सामग्री पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सजावटी तत्वों हेतु ‘कंक्रीट’ का उपयोग किया गया, जो उस समय एक नवीन प्रकार की इंजीनियरिंग सामग्री थी। बुरков ने तकनीकों का प्रयोग करके मजबूती, लचीलापन एवं सौंदर्य के बीच आदर्श संतुलन हासिल किया。
**फोटो: kulturologia.ru****नवाचार एवं तकनीकी समाधान:**
अंद्रेई बुरков केवल एक आर्किटेक्ट ही नहीं, बल्कि एक नवाचारप्रिय इंजीनियर भी थे। ‘लेस हाउस’ के निर्माण में उन्होंने सोवियत यूनियन में कई अग्रणी तकनीकों का उपयोग किया:
सजावटी तत्वों हेतु पहले से तैयार कंक्रीट घटकों का उपयोग किया गया;
एयरोप्लेन निर्माता सेमेन अलेक्सेयेविच लावोचकिन;
कंक्रीट जाली बनाने हेतु विशेष मॉल्डिंग का उपयोग किया गया;
कंक्रीट मिश्रण में ऐसे पदार्थ मिलाए गए, जिससे इसकी लचीलापन एवं स्थिरता बढ़ गई;
कार्यात्मक तत्व (वेंटिलेशन, ध्वनि-नियंत्रण) को सजावटी डिज़ाइन में ही शामिल कर दिया गया।
समकालीन लोगों के अनुसार, बुरков ने स्वयं कंक्रीट घटकों के निर्माण एवं स्थापना पर निगरानी रखी, ताकि उनकी कल्पना के अनुसार ही इमारत बन सके।
**फोटो: kulturologia.ru****‘लेस हाउस’ में जीवन:**
इमारत के अपार्टमेंट अच्छी तरह से डिज़ाइन किए गए थे, एवं कमरे भी बहुत ही आरामदायक थे। शुरूआत में यहाँ एयरोप्लेन उद्योग से जुड़े इंजीनियर, निर्माता, एवं कुछ बुद्धिजीवी ही रहते थे।
वर्षों में ‘लेस हाउस’ में रहने वाले प्रमुख व्यक्तियों में शामिल हैं:
लेखक एवं अनुवादक आर्काडी स्टेनरबर्ग;
�भिनेत्री नीना आर्खिपोवा;
एयरोप्लेन उद्योग के कई उच्च-पदस्थ अधिकारी।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि इमारत के कई अपार्टमेंट आज भी अपनी मूल व्यवस्था, पार्केट फर्श, एवं प्रारंभिक सजावट ही बनाए रखे हुए हैं; यह इमारत की उच्च गुणवत्ता का प्रमाण है。
**फोटो: kulturologia.ru****युद्ध एवं उसके बाद की अवधि में इमारत:**
महान देशभक्तिपूर्ण युद्ध के दौरान भी इस इमारत को कोई नुकसान नहीं हुआ; हालाँकि यह मॉस्को की लड़ाई के दौरान फ्रंटलाइन के पास ही स्थित थी। ऐसा होना एक सौभाग्यपूर्ण बात रही, क्योंकि इससे यह आर्किटेक्चरल उत्कृष्ट कृति भविष्य की पीढ़ियों तक सुरक्षित रही।
युद्ध के बाद भी ‘लेस हाउस’ एक प्रतिष्ठित आवासीय इमारत बनी रही। 1970-1980 के दशक में इसकी इंजीनियरिंग प्रणालियों में कुछ सुधार किए गए, लेकिन फासाद एवं मुख्य आर्किटेक्चरल विशेषताओं को संरक्षित ही रखा गया।
**फोटो: kulturologia.ru****सांस्कृतिक महत्व एवं पहचान:**
आज ‘लेस हाउस’ एक क्षेत्रीय सांस्कृतिक धरोहर है। मॉस्को के आर्किटेक्चरल मार्गदर्शिकाओं में इसका नियमित रूप से उल्लेख किया जाता है, एवं फोटोग्राफरों एवं आर्किटेक्चर प्रेमियों के लिए यह एक लोकप्रिय विषय है。
बुरков का कार्य सोवियत यूनियन में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी प्रशंसित हुआ। ‘लेस हाउस’ को अक्सर आधुनिकतावादी आर्किटेक्चर पर होने वाले अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में ‘कार्यक्षमता एवं सौंदर्य के सफल संयोजन’ का उदाहरण के रूप में उद्धृत किया जाता है。
**वर्तमान स्थिति:**
2000 के दशक में इस इमारत की व्यापक मरम्मत की गई। इसकी ‘लेस’ जैसी फासाद को दोबारा ठीक किया गया, फर्श साफ किए गए, एवं इंजीनियरिंग प्रणालियों में सुधार किए गए। इसके कारण आज यह इमारत लगभग उसी रूप में दिखाई देती है, जैसी 1940 में तैयार हुई थी。
‘लेस हाउस’ आज भी एक आवासीय इमारत के रूप में ही उपयोग में है, एवं इसके अपार्टमेंट मूल्यवान हैं; क्योंकि यह एक प्रतिष्ठित स्थान पर स्थित है, एवं इसका ऐतिहासिक एवं आर्किटेक्चरल महत्व भी है。
**आर्किटेक्चर पर प्रभाव:**बुरков के ‘कंक्रीट से बने जालीदार ढाँचों’ संबंधी प्रयोगों ने सोवियत आर्किटेक्चर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। युद्ध के बाद भी सोवियत यूनियन के अन्य शहरों में इसी प्रकार के डिज़ाइन अपनाए गए, हालाँकि वे सरल रूप में ही थे।
1960-1970 के दशक में ऐसे डिज़ाइनों का उपयोग और भी बढ़ गया, खासकर दक्षिणी सोवियत रिपब्लिकाओं में; जहाँ ऐसे डिज़ाइन इमारतों को गर्मी से भी बचाने में मदद करते थे।
लेनिंग्राड्स्की प्रोस्पेक्ट पर स्थित ‘लेस हाउस’ केवल एक सुंदर इमारत ही नहीं, बल्कि सोवियत आर्किटेक्चर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय भी है; क्योंकि यह दर्शाती है कि मानकीकृत निर्माण प्रणालियों के बावजूद भी रचनात्मक प्रयोगों एवं व्यक्तिगत दृष्टिकोणों की गुंजाइश हमेशा ही रही है। यह आर्किटेक्चरल उत्कृष्ट कृति आज भी मॉस्कोवासियों एवं शहर के आगंतुकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, एवं शहर में सबसे अधिक फोटोग्राफ की जाने वाली इमारतों में से एक है。
**कवर: kulturologia.ru**







