“ड्रीम किचन – मानक लेआउट में: डिज़ाइन परियोजना से लेकर कार्यान्वयन तक”
अपनी सपनों की रसोई बनाने हेतु उपयोगी सुझाव
- पहले ही सावधानीपूर्वक योजना बनाएं एवं जगह का मापन कर लें;
- मरम्मत शुरू करने से पहले अपने बजट एवं प्राथमिकताओं का निर्धारण करें;
- किचन की व्यवस्था ऐसी चुनें जो कार्यात्मक हो (लीनियर, एल-आकार, यू-आकार या आइलैंड शेप);
- काउंटरटॉप एवं कैबिनेट दरवाजों हेतु उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री चुनें;
- ऊर्जा-बचत वाले घरेलू उपकरण खरीदें;
- हर इंच जगह का उचित उपयोग करके स्टोरेज प्रणाली बनाएं;
- प्रकाश-व्यवस्था में सामान्य एवं विशेष प्रकाश का संयोजन करें;
- �रामदायक रसोई के लिए वेंटिलेशन की व्यवस्था अवश्य करें;
- यदि पुन: व्यवस्था से किचन की कार्यक्षमता में सुधार हो, तो उसे अवश्य करें;
- बिजली/प्लंबिंग जैसे जटिल कार्यों हेतु पेशेवरों की सहायता लें。
हम में से कौन नहीं ऐसा सपना देखता है कि हमारे पास अमेरिकी फिल्मों जैसी बड़ी, आरामदायक किचन हो… लेकिन वास्तव में ज्यादातर लोग सामान्य किचनों में ही खाना पकाते हैं। फिर भी हार मत मानें! सीमित जगह पर भी आप अपनी पसंद की किचन बना सकते हैं… बस इस कार्य में बुद्धि एवं कल्पना का उपयोग करें。
**“सात बार मापें, फिर ही काटें…”**मरम्मत शुरू करने से पहले जरूर तथ्यों का सटीक मापन कर लें… दीवारों, खिड़कियों एवं दरवाजों के आकार नोट कर लें… सॉकेट एवं वेंटिलेशन होल्स की भी जानकारी आवश्यक है… ये सभी जानकारियाँ आपकी परियोजना का आधार बनेंगी。
अब मज़ेदार हिस्सा आता है… एक डिज़ाइन तैयार करें… अगर आप पिकासो नहीं हैं, तो भी ग्राफ पेपर पर साधारण रेखाचित्र बनाकर जगह का विश्लेषण कर सकते हैं…
**“बजट: सपने देखना ठीक है, लेकिन योजना बनाना आवश्यक है…”**एक “सपनों की” किचन की कीमत कितनी होगी? इसका जवाब “कुछ ही” से लेकर “बहुत अधिक” तक हो सकता है… आर्थिक परेशानी से बचने हेतु एक विस्तृत बजट तैयार करें… धनराशि को कैबिनेट, उपकरण, सजावटी वस्तुएँ एवं मजदूरी जैसे विभिन्न खंडों में विभाजित करें… 10-15% धनराशि अप्रत्याशित खर्चों हेतु आरक्षित रखें…
अपनी प्राथमिकताएँ निर्धारित करें… शायद आपको गुणवत्तापूर्ण उपकरणों की अधिक आवश्यकता हो, जबकि कैबिनेट पर कम ध्यान देना हो… ऐसे में बजट को सही तरीके से वितरित करें…
**“लेआउट: सीमित जगह पर भी किचन कैसे व्यवस्थित करें?”**मानक किचन आमतौर पर छोटी होती हैं… लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे असुविधाजनक होंगी… हर इंच जगह का उचित उपयोग करें… नीचे कुछ लोकप्रिय व्यवस्थाएँ दी गई हैं:
- **लीनियर लेआउट:** सभी चीजें एक ही दीवार पर रखें… छोटी किचनों हेतु उपयुक्त।
- **L-आकार लेआउट:** दो आसन्न दीवारों का उपयोग करें… छोटे स्थानों हेतु अच्छा विकल्प।
- **U-आकार लेआउट:** तीन दीवारों का उपयोग करें… बड़े कमरों हेतु उपयुक्त।
- **आइलैंड शेप:** यदि जगह अनुमत हो, तो आइलैंड किचन का मुख्य भाग बना सकते हैं…
लेआउट चुनते समय “कार्य-त्रिकोण” को ध्यान में रखें… फ्रिज, स्टोव एवं सिंक की दूरी ऐसी होनी चाहिए कि रसोई का काम आसानी से हो सके…
**“डिज़ाइन: सुंदरता, व्यवहारिकता एवं कीमत – तीनों का संतुलन…”**किचन का डिज़ाइन सौंदर्य, उपयोगिता एवं लागत के बीच संतुलन पर निर्भर है… कैबिनेट दरवाजों हेतु MDF या मजबूत लकड़ी उपयुक्त है… काउंटरटॉप हेतु कृत्रिम पत्थर या लैमिनेट विकल्प हैं… फर्श हेतु सिरेमिक ग्रेनाइट या अच्छी क्वालिटी का लिनोलियम उपयुक्त है…
**“उपकरण: रोबोट भी किचन में मददगार हो सकते हैं…”**आधुनिक घरेलू उपकरण कभी-कभी “भविष्य से आए अलीेन” जैसे लगते हैं… वाई-फाई वाले फ्रिज, भाप उत्सर्जन वाले ओवन, इंडक्शन कुकिंग पैन – विकल्पों की कोई सीमा नहीं है… लेकिन क्या आपको सभी उपकरणों की आवश्यकता है?
अपनी ज़रूरतों के हिसाब से ही उपकरण खरीदें… यदि आप कम ही बार खाना पकाते हैं, तो स्टोव/ओवन पर बचत करें; लेकिन एक अच्छा फ्रिज जरूर खरीदें… यदि आप एक शानदार शेफ हैं, तो बहु-कार्यात्मक ओवन एवं गुणवत्तापूर्ण कुकिंग पैन आपके लिए आवश्यक होंगे…
उपकरणों की ऊर्जा-बचत क्षमता पर भी ध्यान दें… “क्लास A” या उससे अधिक रेटिंग वाले उपकरण बिजली-बिल में बचत करने में मदद करेंगे…
**“स्टोरेज: हर इंच जगह का सही उपयोग…”**छोटी किचनों में हर इंच जगह बहुत महत्वपूर्ण है… नीचे कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे जगह का अधिकतम उपयोग किया जा सकता है:
- **छत तक वाली ऊंची कैबिनेट:** दुर्लभ रूप से इस्तेमाल होने वाली वस्तुएँ उनमें रखें।
- **स्लाइड-आउट सिस्टम:** जगह का अधिकतम उपयोग हो सके।
- **कोने में लगी कैबिनेट:** दुर्गम कोनों को आसानी से उपयोग में लाएँ।
- **चुम्बकीय नाइफ/मसाला-रखने वाले डिब्बे:** कार्यस्थल को अधिक सुविधाजनक बनाएँ।
- **फोल्डेबल/स्लाइड-आउट मेज:** छोटी किचनों हेतु उपयुक्त।
किचन में प्रकाश ऐसा होना आवश्यक है जो कार्य करने में सहायक हो, साथ ही आरामदायक वातावरण पैदा करे… सामान्य प्रकाश (चैंडलियर/रिसेप्टेड लाइट) एवं विशेष प्रकाश (कैबिनेट के नीचे लगा हुआ प्रकाश) दोनों का संयोजन करें…
ऊपरी कैबिनेटों के नीचे लगी LED पट्टियाँ सुंदरता एवं कार्यक्षमता दोनों ही प्रदान करती हैं… डिम्मेबल लाइटें दिन के समय एवं मूड के अनुसार प्रकाश की तीव्रता को समायोजित करने में मदद करती हैं…
**“वेंटिलेशन: आसपास के लोगों को कोई परेशानी न हो…”**अच्छा वेंटिलेशन किचन में ताज़ी हवा आने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है… अपनी किचन के आकार के अनुसार उचित वेंटिलेशन यंत्र लगाएँ… मानक किचनों हेतु 400-600 मीटर घन प्रति घंटा की वेंटिलेशन गति पर्याप्त है…
यदि आप एक रेंज हुड लगाने की सोच रहे हैं, तो पहले ही अपने इमारत के नियमों की जाँच कर लें… कुछ मामलों में “रिसर्कुलेटिंग हुड” ही उपयुक्त विकल्प हो सकता है…
**“पुन: व्यवस्था: क्या आवश्यक है, एवं कैसे?”**कभी-कभी सपनों की किचन बनाने हेतु गंभीर परिवर्तन आवश्यक हो जाते हैं… उदाहरण के लिए, किचन को लिविंग रूम से जोड़ना आवश्यक हो सकता है… या किसी दरवाजे की जगह बदलनी पड़ सकती है… लेकिन किसी भी प्रकार के परिवर्तन से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति जरूर लें…
सलाह: बड़े पैमाने पर परिवर्तन करने से पहले, क्या कोई कम जटिल उपाय भी इस कार्य हेतु प्रभावी होगा, इसकी सोच जरूर करें… कभी-कभी केवल फर्नीचर की व्यवस्था या रंग-पैलेट में बदलाव ही पर्याप्त हो जाते हैं…
**“सपने से वास्तविकता तक…”**जब सभी तैयारियाँ पूरी हो जाएँ, तो काम शुरू करें… सभी कार्य खुद न करने की कोशिश करें; कुछ कार्य पेशेवरों को ही सौप दें… बिजली/प्लंबिंग जैसे कार्यों में पेशेवरों की सहायता अवश्य लें…
एक स्पष्ट कार्य-योजना बनाएँ एवं उसका पालन करें… पहले “मूलभूत” कार्य (बिजली की व्यवस्था, प्लंबिंग, दीवारों को समतल करना) पूरे करें; फिर कैबिनेट/उपकरणों की स्थापना करें…
याद रखें: मरम्मत एक लंबी प्रक्रिया है… इसे एक हफ्ते में पूरा करने की कोशिश न करें… प्रत्येक चरण को सही ढंग से पूरा करें…
मानक लेआउट में भी एक “सपनों की” किचन बनाई जा सकती है… बस इस कार्य में बुद्धि, धैर्य एवं कल्पना का उपयोग करें… ऐसी किचन न केवल खाना पकाने हेतु उपयुक्त होगी, बल्कि परिवार एवं दोस्तों के साथ समय बिताने हेतु भी आदर्श जगह होगी…
**“कवर डिज़ाइन”: ओल्गा कोवालेंको द्वारा**अधिक लेख:
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