आंतरिक डिज़ाइन में लकड़ी से बने छत
लकड़ी उन सामग्रियों में से एक है जिनका परीक्षण सदियों से किया जा रहा है; घर इसी से बनाए गए हैं, और आज भी इसका उपयोग सतहों को सजाने हेतु व्यापक रूप से किया जाता है。
आजकल, बहुत से लोग लकड़ी की फर्शें एवं दीवारों पर लकड़ी के पैनल देखना सामान्य मानते हैं। लेकिन अक्सर इन सतहों पर झूलने वाली संरचनाएँ या फैली हुई कैनवासेज लगी होती हैं… जो कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है! अच्छी तरह से तैयार की गई लकड़ी की छतें बहुत ही सुंदर एवं स्टाइलिश दिखती हैं。
**लकड़ी की छतों की विशेषताएँ:**
सबसे पहले, यह बात ध्यान देने योग्य है कि लकड़ी पर्यावरण के दृष्टिकोण से पूरी तरह सुरक्षित है… इसमें कोई भी ऐसा पदार्थ नहीं होता जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो। इसके अलावा, कुछ प्रकार की जंगली लकड़ियाँ (जैसे लार्च) मनुष्य के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं… प्राकृतिक लकड़ी को प्रसंस्कृत करना आसान है; यह टिकाऊ है, एवं दूषित होने पर भी इसे साफ करके दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है… शहरी अपार्टमेंटों में तो इसकी ऊष्मा-एवं ध्वनि-इन्सुलेशन क्षमता भी बहुत ही उपयोगी है।

डिज़ाइन: ओल्गा बोरोविकोवा एवं इरीना निकोलेवा
**लकड़ी की छतों के प्रकार:**
आधुनिक तकनीकों के कारण अब छतें केवल पारंपरिक लकड़ी की लट्ठियों के रूप में ही नहीं, बल्कि अन्य तरीकों से भी बनाई जा सकती हैं… इनके विवरण नीचे दिए गए हैं。

डिज़ाइन: स्टूडियो “स्पेस फॉर लाइफ”
**लकड़ी की लट्ठियों से बनी छत:**
ऐसी छतें तैयार करने में सुंदर ढंग से तैयार की गई लकड़ी की लट्ठियों का उपयोग किया जाता है… इन लट्ठियों पर एक ओर खाँचे एवं दूसरी ओर नुकीले हिस्से होते हैं… ऐसी संरचना छत की स्थापना को आसान बनाती है, एवं पूरी सतह को एकसमान रूप देती है… आमतौर पर ऐसी छतें पाइन, एश, ओक, लार्च या बिर्च की लकड़ी से बनाई जाती हैं… सौना कक्षों में ऐसी छतों का उपयोग किया जाना अधिक उपयुक्त है… छत लगाने से पहले, इस मaterial पर विशेष तरल पदार्थ लगाना आवश्यक है… ताकि इसका प्राकृतिक रंग लंबे समय तक बना रहे।लकड़ी के पैनल:
ऐसे पैनल आमतौर पर मूल्यवान लकड़ियों से बनाए जाते हैं… इनकी निर्माण प्रक्रिया में दो (कभी-कभी तीन) परतें उपयोग में आती हैं… मुख्य परत कम मूल्यवान लकड़ियों से (जैसे पाइन या स्प्रूस) बनाई जाती है, जबकि बाहरी परत महंगी लकड़ियों से बनाई जाती है… इन पैनलों को उच्च तापमान एवं दबाव में जोड़ा जाता है… इसके परिणामस्वरूप मजबूत एवं सुंदर पैनल तैयार हो जाते हैं… इन पैनलों के मुख्य लाभ हैं:
- मजबूती;
- टिकाऊपन;
- सुंदर दिखावट;
- स्थापना में आसानी।
**कवर्ड पैनल:**
ऐसे पैनल भी मूल्यवान लकड़ियों से ही बनाए जाते हैं… इनमें दो (कभी-कभी तीन) परतें होती हैं… मुख्य परत कम मूल्यवान लकड़ियों से, जबकि बाहरी परत महंगी लकड़ियों से बनाई जाती है… इन पैनलों पर मोम लगाया जाता है; इस कारण ये धूल एवं नमी से सुरक्षित रहते हैं… इन्हें लिविंग रूम, बाथरूम एवं रसोई में भी उपयोग किया जा सकता है।
**प्लाईवुड का उपयोग छत बनाने हेतु:**
प्लाईवुड मजबूत एवं लंबे समय तक उपयोग करने योग्य है… इसे आसानी से प्रसंस्कृत भी किया जा सकता है, एवं इस पर रंग भी लगाया जा सकता है… यदि छत को नमी से सुरक्षित रखने की आवश्यकता हो, तो इस पर विशेष तरल पदार्थ लगाए जाते हैं… ऐसा करने से प्लाईवुड और भी मजबूत हो जाता है।
**लकड़ी के वॉलपेपर:**
यह एक बहुत ही दिलचस्प एवं नवीन प्रकार का सामग्री-उपयोग है… इसमें लकड़ी के वॉलपेपर एवं पैनल दोनों के फायदे मिले हुए हैं… लकड़ी के वॉलपेपर कॉर्क या वीनियर से बनाए जाते हैं… ऐसे वॉलपेपर गंध, धूल एवं ध्वनि को रोकने में प्रभावी होते हैं… इनमें मूल्यवान लकड़ियों का उपयोग भी किया जाता है, एवं इन्हें साधारण कागज़ के वॉलपेपर पर चिपकाया जाता है।
**झूलने वाली एवं कवर्ड छतें:**
इन दोनों प्रकार की छतों में अंतर है… झूलने वाली छतों को विशेष धातु-उपकरणों की मदद से “काली” छत या बीमों से जोड़ा जाता है… इससे एक खाली जगह बन जाती है, जिसमें विद्युत केबल एवं अन्य संचार-प्रणालियाँ लगाई जा सकती हैं… झूलने वाली छतों का दोष यह है कि इनकी ऊँचाई कम हो जाती है… जबकि कवर्ड छतें सीधे ही दीवारों पर लगाई जाती हैं; इसलिए छत की ऊँचाई लगभग वही रहती है… ऐसी छतों में केवल विद्युत या टेलीफोन केबल ही लगाए जा सकते हैं; पाइप या वेंटिलेशन-प्रणालियाँ नहीं।
**हल्के एवं गहरे रंग की लकड़ी से बनी छतें:**
लकड़ी का रंग चुनते समय ध्यान रखें कि गहरे रंग अंतरिक्ष को संकुचित दिखाते हैं… इसलिए बड़े कमरों में ही गहरे रंग की छतें उपयुक्त होंगी… हल्के रंग की लकड़ी किसी भी आकार के कमरों में इस्तेमाल की जा सकती है… हल्के एवं गहरे रंगों का संयोजन भी आकर्षक परिणाम देता है… लेकिन ऐसे “प्रयोग” बड़े कमरों में ही उचित होंगे।
**आंतरिक शैलियाँ एवं लकड़ी की छतें:**
लकड़ी की प्राकृतिकता एवं सुंदरता के कारण इसे विभिन्न आंतरिक शैलियों में उपयोग किया जा सकता है… तो कौन-सी शैलियाँ हैं?
**कंट्री शैली:**
इस आंतरिक शैली में लकड़ी का ही उपयोग किया जाता है… इसलिए लकड़ी की छतें बहुत ही उपयुक्त होंगी… सरलता एवं पारंपरा, कंट्री शैली के मुख्य तत्व हैं… असमतल एवं जानबूझकर खुरदरी छतें, लकड़ी के स्तंभ एवं बीमों के साथ मिलकर इस शैली को और अधिक आकर्षक बना देंगी… यदि आप समतल सतह पसंद करते हैं, तो लकड़ी के पैनल या वॉलपेपर उपयुक्त रहेंगे。
**डिज़ाइन: मारीना सार्किस्यान**
**काटे गए हुए लकड़ी के तत्वों से बनी छतें:**
ऐसी छतें डिज़ाइन के हिसाब से ही बनाई जाती हैं… इनमें फूलों के नक्शे, पैटर्न या आधुनिक डिज़ाइन भी शामिल हो सकते हैं… ऐसी छतें बनाने में पहले ही विशेष तैयारी की जाती है; फिर तैयार सामग्री को मुख्य छत पर लगा दिया जाता है。
**लकड़ी की छतों पर पेंटिंग करना:**
पारंपरिक रूप से, लकड़ी की छतों पर सफेद रंग ही लगाया जाता है… क्योंकि यह कमरे को अधिक खुला एवं चमकदार दिखाता है… छोटे कमरों में ऐसा करना विशेष रूप से उपयुक्त है… अन्य रंगों का उपयोग आंतरिक शैली पर निर्भर करता है… आमतौर पर सफेद रंग में ही कुछ रंग मिलाकर वांछित शेड प्राप्त किया जाता है… लकड़ी की छतों पर 2, कभी-कभी 3 परतों में ही पेंट लगाया जाता है।
**लकड़ी की छतों पर वुडन शैली में सजावट:**
लकड़ी की छतों पर वुडन शैली में सजावट करने हेतु अनोखी संरचनाएँ भी इस्तेमाल की जा सकती हैं… ऐसी संरचनाएँ विभिन्न प्रकार की लकड़ियों से बनाई जा सकती हैं… इन पर अनोखे डिज़ाइन भी लगाए जा सकते हैं… ऐसी छतें देखने में बहुत ही आकर्षक होती हैं।
**डिज़ाइन: मारीना सार्किस्यान**
**शेल शैली:**
इस शैली में भी लकड़ी का ही उपयोग किया जाता है… इसमें विस्तृत एवं सुंदर आकार के लकड़ी के तत्व शामिल होते हैं… छतों पर गहरे हरे, भूरे या बर्गंडी रंग भी इस्तेमाल किए जाते हैं… चमकदार रंगों का उपयोग नहीं किया जाता।
**एको-शैली:**
इस शैली में प्राकृतिक सामग्रियों का ही उपयोग किया जाता है… लकड़ी के रंग को बरकरार रखने हेतु विशेष तरल पदार्थ भी इस पर लगाए जाते हैं… ऐसा करने से लकड़ी की छतें लंबे समय तक उपयोग में रहती हैं।
**पारंपरिक शैली:**
पारंपरिक शैली में भी लकड़ी की छतों का ही उपयोग किया जाता है… इनमें सामान्य रूप से लकड़ी की लट्ठियों का ही उपयोग किया जाता है… इन लट्ठियों पर विशेष उपचार किए जाते हैं, ताकि वे अधिक मजबूत हो जाएँ… आवश्यकता पड़ने पर इन पर पॉलीयूरेथेन या गипс की परत भी लगाई जा सकती है।
**डिज़ाइन: मारिया इवानोवा**
**काटे हुए हुए लकड़ी के तत्वों से बनी छतें:**
ऐसी छतें डिज़ाइन के हिसाब से ही बनाई जाती हैं… इनमें कलात्मक डिज़ाइन भी शामिल हो सकते हैं… ऐसी छतें देखने में बहुत ही आकर्षक होती हैं。
**लकड़ी की छतों पर पेंटिंग करने से पहले आवश्यक तैयारियाँ:**
पेंटिंग से पहले छत को अच्छी तरह साफ कर लेना आवश्यक है… फिर पेंट लगाएं… यदि छत को नमी से सुरक्षित रखने की आवश्यकता हो, तो विशेष पदार्थ भी इस पर लगाए जा सकते हैं…
**लकड़ी की छतों का उपयोग अन्य कार्यों हेतु भी किया जा सकता है:**
लकड़ी की छतों का उपयोग अन्य आंतरिक वस्तुओं/सुविधाओं के निर्माण हेतु भी किया जा सकता है…
**निष्कर्ष:**
लकड़ी की छतें आंतरिक डिज़ाइनों में बहुत ही उपयोगी हैं… इनके विभिन्न प्रकार हैं, एवं इनका उपयोग करने से कमरा और अधिक सुंदर एवं आकर्षक दिखाई देता है…
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