वार्डरोब की आंतरिक सजावट, डिज़ाइन के फोटो उदाहरण

यह पृष्ठ निम्नलिखित भाषाओं में भी उपलब्ध है:🇺🇸🇷🇺🇺🇦🇫🇷🇩🇪🇪🇸🇵🇱🇨🇳🇯🇵

वार्ड्रोब कैबिनेट अपनी सुविधा एवं उपयोगिता के लिए जाना जाता है। यह सभी आवश्यक एवं अनावश्यक वस्तुओं को समायोजित कर सकता है।

इनको उचित ढंग से व्यवस्थित करना वार्ड्रोब की आंतरिक संरचना पर निर्भर करता है। आकार एवं अन्य मापदंडों में गलती से बचने के लिए, पहले ही ध्यान से विचार कर लेना आवश्यक है कि वार्ड्रोब को कहाँ रखा जाएगा, उसमें क्या रखा जाएगा, एवं बजट का सही तरीके से वितरण किया जाए। आइए, विभिन्न कमरों में उपलब्ध वार्ड्रोबों के विकल्पों पर विस्तार से चर्चा करते हैं。

**व्यावहारिक भरने की विधियाँ** वार्ड्रोब में वस्तुओं को भरने हेतु कोई विशेष नियम नहीं है; घर के मालिक ही तय करते हैं कि उनका वार्ड्रोब किस चीज़ों से भरा जाएगा। ऐसी अनावश्यक वस्तुएँ, जिनका मौसम के बाहर उपयोग नहीं होता, ऊपरी शेल्फों पर रखी जा सकती हैं। आवश्यक वस्तुएँ तो निचले हिस्से में ही रखनी चाहिए, ताकि उनका आपस में कोई अवरोध न हो। बाहरी कपड़े तो और भी दूर स्थित शेल्फों पर रखने चाहिए।

**व्यावसायिक सलाह** व्यावसायियों की सलाह है कि वार्ड्रोब में कपड़ों/कपड़ों के लिए शेल्फ, जूतों के लिए अलग शेल्फ, एवं ऊपरी कपड़ों हेतु हैंगर लगाए जाएँ। हैंगरों की लंबाई निश्चित मापदंडों के अनुसार होनी चाहिए; सबसे उपयुक्त लंबाई 90 सेमी है। व्यक्तिगत आकार एवं आवश्यकताओं के अनुसार वार्ड्रोब बनवाना संभव है, लेकिन इसकी लागत ज़्यादा होगी।

**योजना बनाने के टिप्स** वस्तुओं को कुशलतापूर्वक संग्रहीत करने हेतु स्थान का सही ढंग से वितरण आवश्यक है। इसके लिए तीन मुख्य क्षेत्र निर्धारित किए जा सकते हैं; इनकी व्यवस्था योजना बनाते समय ही सोच लेनी चाहिए:

  1. **ऊपरी क्षेत्र**: ऐसी वस्तुएँ रखी जाएँ जिनकी आवश्यकता कम हो। यह क्षेत्र कुल स्थान का लगभग 25% होता है।
  2. **मध्य क्षेत्र**: यहाँ वार्ड्रोब में आवश्यक सभी वस्तुएँ रखी जाती हैं; इसकी व्यवस्था सावधानीपूर्वक करनी आवश्यक है, ताकि रोज़मर्रा की उपयोग में आने वाली वस्तुएँ आसानी से उपलब्ध रहें।
  3. **निचला क्षेत्र**: जूते, छतरे, बैग आदि इसी क्षेत्र में रखे जाते हैं।

**आकार एवं आकृति** हर घरेलू वस्तु का अपना निश्चित आकार होता है। सामान्यतः वार्ड्रोब की चौड़ाई 120 सेमी होती है; ऐसे में दरवाज़े भी इसी आकार के होते हैं। यदि छोटा आकार का वार्ड्रोब चाहिए, तो दरवाज़े झुकनदार बनाए जा सकते हैं। छत की ऊँचाई लगभग 260-310 सेमी होती है, जबकि वार्ड्रोब की गहराई 60-70 सेमी से कम नहीं होनी चाहिए।

**कई प्रकार के वार्ड्रोब** वार्ड्रोब कई आकारों में उपलब्ध हैं; जैसे – आयताकार, त्रिभुजाकार, घुमावदार आकार आदि। ऐसे वार्ड्रोब खास कर बड़े कमरों में ही लगाए जाते हैं; अपार्टमेंटों में तो आमतौर पर कोने में ही इनकी व्यवस्था की जाती है।

**दरवाज़ों का चयन** दरवाज़ों की संख्या तय करते समय, कमरे के आकार, व्यक्तिगत पसंदें एवं मॉडल का विचार किया जाना आवश्यक है। स्लाइडिंग दरवाज़े स्थान बचाने में मदद करते हैं; आधुनिक तकनीकों की मदद से ऐसे दरवाज़े ऐसे बनाए जा सकते हैं कि उन्हें थोड़ा धकेलने पर ही वे खुल जाते हैं। यदि कमरा छोटा है, तो एक या दो ही दरवाज़े रखने बेहतर होगा; इससे कमरे में अधिक जगह बचेगी।

**भंडारण संबंधी बुनियादी बातें** वस्तुओं को सही ढंग से संग्रहीत करने हेतु, उनको ऐसी जगह पर रखना आवश्यक है कि आसानी से उन्हें निकाला जा सके। दरवाजों का आकार 35-40 सेमी होना चाहिए; छोटे कपड़ों हेतु दरवाजा 80 सेमी, एवं लंबे कपड़ों हेतु 150 सेमी का होना चाहिए। हैंगरों के लिए अतिरिक्त 20 सेमी की जगह आवश्यक है।

**अन्य बातें** वार्ड्रोब के सामने वाले हिस्से में आमतौर पर सूटकेस, यात्रा बैग एवं मौसम के बाहर उपयोग में न आने वाली वस्तुओं को रखा जाता है। स्लाइड-आउट ड्रॉअरों में मोज़े, अंदरूनी कपड़े, तौलिये, बिस्तर का कपड़ा आदि रखे जा सकते हैं; इन्हें विभिन्न गहराइयों में बनाया जा सकता है। ड्रॉअरों को ऐसे ही रखना चाहिए कि वे आसानी से खींचे जा सकें, ताकि कुछ भी गिर न जाए।

**विभिन्न कमरों में वार्ड्रोब का उपयोग** बेडरूम में ऐसा वार्ड्रोब रखना आवश्यक है, जिसमें पर्याप्त जगह हो; इसमें रोज़मर्रा के कपड़े, बिस्तर का कपड़ा एवं अन्य आवश्यक वस्तुएँ रखी जा सकती हैं। लिविंग रूम में भी ऐसा वार्ड्रोब काम आएगा; इसमें पहनावे, सहायक वस्तुएँ आदि रखे जा सकते हैं। बच्चों के कमरे में भी ऐसा वार्ड्रोब आवश्यक है; इसमें बच्चों के कपड़े, खिलौने आदि रखे जा सकते हैं।

**प्रवेश द्वार पर वार्ड्रोब** प्रवेश द्वार पर एक छोटा सा वार्ड्रोब लगाना आवश्यक है; इसमें जूते, बैग आदि रखे जा सकते हैं।