“स्कैंडिनेवियन स्टाइल अब बीता हुआ जमाना है… कौन-से इंटीरियर 2025 में फैशन से बाहर हो गए?”

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वर्ष 2025 में अच्छा आंतरिक डिज़ाइन वह होगा जिसमें लोग आराम से रह सकें।

पाँच साल पहले, सफेद दीवारें, हल्का लकड़ी का फर्निशिंग, एवं अलमारी पर लिखा “Home” शब्द – ये सभी स्टाइल के प्रतीक माने जाते थे। स्कैंडिनेवियन मिनिमलिज्म हर घर की आंतरिक सजावट पर हावी था, एवं ईंटों से बनी दीवारों वाले लॉफ्ट औद्योगिक सुंदरता का प्रतीक माने जाते थे। लेकिन आंतरिक डिज़ाइन की रुचियाँ हमारे अनुकूल होने से पहले ही बदल जाती हैं… वह जो कभी आधुनिक एवं स्टाइलिश माना जाता था, अब पुराने ढंग का ही लगता है। आइए देखें कि कौन-से स्टाइल अब पुराने हो चुके हैं, एवं आगे क्या आ रहा है।

लेख से मुख्य बिंदु:

  • स्कैंडिनेवियन स्टाइल – अब प्रासंगिक नहीं है;
  • लॉफ्ट एवं औद्योगिक तत्व अब क्लिशे हो चुके हैं;
  • “प्रोवेंस” स्टाइल कृत्रिम एवं अप्राकृतिक लगता है;
  • क्लासिक स्टाइल अब “म्यूज़ियम जैसा” एवं ठंडा लगता है;
  • अब गर्म, प्राकृतिक एवं व्यक्तिगत स्टाइल ही पसंद किए जा रहे हैं।

**“स्कैंडिनेवियन स्टाइल”: जब सफेदी उबाऊपन का प्रतीक बन गई…** सफेद दीवारें, हल्का फर्निशिंग, न्यूनतम सजावट – यही स्कैंडिनेवियन स्टाइल के मुख्य तत्व थे। आइकिया ऐसे ही फर्निशिंग प्रोडक्ट बनाती है, ब्लॉगर सफेद घरों की तस्वीरें पोस्ट करते हैं… सभी “हाइगे” एवं “सादगी” का सपना देखते हैं। लेकिन अब स्कैंडिनेवियन स्टाइल क्लिशे हो चुका है… सभी घर समान दिखने लगे हैं; सफेद दीवारें, हल्का फर्निशिंग… यह सब अब प्रत्याशित हो चुका है। रूस के मौसम में ऐसी सजावट वास्तव में अनुपयुक्त है।

**“लॉफ्ट स्टाइल”: जब “औद्योगिक शैली” केवल एक रूपरेखा बन गई…** ईंटों की दीवारें, धातु की पाइपें, मोटा फर्निशिंग… यही लॉफ्ट स्टाइल के मुख्य तत्व थे। लेकिन अब यह सब केवल दिखावे के लिए ही हो गया है… ऐसी सजावट वास्तव में आरामदायक नहीं है।

**“प्रोवेंस स्टाइल”: जब कृत्रिम शैली पुरानी हो गई…** लैवेंडर रंग, कृत्रिम रूप से पुराना बनाया गया फर्निशिंग… यह सब “प्रोवेंस” स्टाइल का हिस्सा था। लेकिन अब यह सब केवल कृत्रिम दिखने लगा है…

**“शैबी चिक” स्टाइल: जब “पुरानापन” केवल दिखावा बन गया…** घिसे हुए रंग, पिंक शेड, ढेर सारे टेक्सटाइल… यही “शैबी चिक” स्टाइल के मुख्य तत्व थे। लेकिन अब यह सब केवल दिखावे के लिए ही हो गया है…

**“क्लासिक स्टाइल”: जब “विलास” म्यूज़ियम जैसा हो गया…** सुनहरे फ्रेम, क्रिस्टल चैंडलरी, भारी दराजे… यही क्लासिक स्टाइल के मुख्य तत्व थे। लेकिन अब यह सब केवल “म्यूज़ियम जैसा” ही लगता है…

**“2025 के नए रुझान”:** पुराने स्टाइलों की जगह, अब अधिक जीवंत एवं प्राकृतिक डिज़ाइन ही पसंद किए जा रहे हैं। घर, उसके मालिकों की व्यक्तिगतता को दर्शाना चाहिए, न कि पत्रिकाओं में छपी तस्वीरों की नकल। गर्म, प्राकृतिक रंग ही अब पसंद किए जा रहे हैं… सफेद रंग केवल एक छोटा सा आकर्षण है, न कि मुख्य तत्व। सामग्रियाँ अब प्राकृतिक ही हो रही हैं… कोई भी चीज़, नकली ढंग से पुरानी नहीं बनाई जा रही है। अधिक रंग, अधिक विविधता… लेकिन सभी चीजें सुनियोजित एवं सामंजस्यपूर्ण हो रही हैं।

**डिज़ाइन: इरीना एवं अलेक्सेï**

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