बरसात वाले सप्ताहांत में कॉटेज में: 15 ऐसी गतिविधियाँ जो आपको ऊब से बचाएंगी!

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कैसे बाध्यतामूलक एकांत को एक आरामदायक पारिवारिक छुट्टी में बदला जाए?

बाहर तेज़ी से बारिश हो रही है, और आप अपने परिवार के साथ कोटेज में फंसे हुए हैं? यह तो एक आम स्थिति है… खासकर तब जब आपने इसीलिए ग्रामीण इलाके में आना चुना था, लेकिन अब घर पर ही नजरबंदी की स्थिति है… ऊपर से पानी टपकता रहता है… लेकिन बारिश वाले वीकेंड कोटेज में भी सूर्यलीन दिनों की तुलना में कहीं अधिक आनंददायक हो सकते हैं… बस जरूरी है कि आप जानें कि क्या करना है… हमने 15 ऐसे तरीके इकट्ठे किए हैं, जिनकी मदद से आप इस बाधा को एक आरामदायक परिवारिक छुट्टी में बदल सकते हैं.

लेख के मुख्य बिंदु:

  • रचनात्मक गतिविधियाँ – बच्चों को कई घंटे तक व्यस्त रख सकती हैं, एवं कुछ उपयोगी चीजें भी बना सकती हैं;
  • �ाना पकाने संबंधी प्रयोग – खाना पकाने को पूरे परिवार के लिए मनोरंजन में बदल सकते हैं;
  • घरेलू खोज एवं खेल – छोटे स्थानों पर भी ये गतिविधियाँ की जा सकती हैं;
  • �रामदायक रीति-रिवाज – खराब मौसम को छुट्टी के अनुभव का हिस्सा बना सकते हैं;
  • �पयोगी कार्य – मनोरंजन एवं आवश्यकताओं को एक साथ पूरा कर सकते हैं.

रचनात्मक गतिविधियाँ: जब हाथों को कुछ करने की आवश्यकता होती है…

  • परिवार का फोटो-एल्बम: अपने फोन से तस्वीरें निकालकर उन्हें एक पुस्तिका में जोड़ दें… बच्चों को ऐसी गतिविधियाँ बहुत पसंद आएंगी… साथ ही, आपको कोटेज में बिताए गए समय की यादें भी मिल जाएंगी;
  • प्राकृतिक सामग्री से सजावट: शंकु, पत्तियाँ आदि का उपयोग करके मोमबत्ती-होल्डर, दीवार-सजावट आदि बना सकते हैं;
  • पत्थरों पर चित्र बनाना: एक्रिलिक रंगों की मदद से साधारण पत्थरों पर खूबसूरत चित्र बना सकते हैं… ये आपके बगीचे को सजा देंगे;
  • घरेलू सामग्री से मंडला बनाना
    1. अनाज, मैकरोनी, बटन आदि का उपयोग करके मंडला बना सकते हैं… यह गतिविधि छोटे बच्चों के लिए भी उपयुक्त है;
  • मोमबत्तियाँ बनाना: पुरानी मोमबत्तियों से मोम निकालकर उसमें एसेंशियल ऑयल मिलाकर छोटे कपों में डाल दें… ये रोमांटिक एवं उपयोगी हैं… बिजली न होने पर भी काम आती हैं.

खाना पकाने संबंधी प्रयोग: जब खाना पकाना मनोरंजन बन जाता है…

  • �र पर ही रोटी बनाना: इस प्रक्रिया में कई घंटे लग सकते हैं… आटा मिलाकर, उसे फूलने देकर, फिर ओवन में पकाएँ… इसकी सुगंध बहुत ही आरामदायक होती है… इसकी रेसिपी ऑनलाइन भी मिल सकती है…
  • पिज्जा बनाना: पहले से तैयार मैदा, सॉस, पनीर एवं अन्य सामग्रियों का उपयोग करके सभी लोग अपनी-अपनी पिज्जा बना सकते हैं… बच्चों को ऐसा करने में बहुत मजा आएगा;
    • बिना पकाए ही मिठाइयाँ बनाना: कुकीज एवं कंडेंस्ड दूध से ट्रफल्स, कपों में तैयार किए गए टिरामिसु, घर पर ही बनाई गई आइसक्रीम… ये सभी जल्दी, स्वादिष्ट एवं मनोरंजक हैं.
    • घरेलू अचार-मसाले: यदि मौसम उपयुक्त हो, तो अचार या खीरे बना लें… नहीं हो, तो घर पर ही मेयोनीज बना लें… बच्चे तो यह देखकर हैरान रह जाएंगे कि ऐसा भी संभव है!
    • थीम-आधारित खाना: इतालवी, मेक्सिकन, रूसी जैसे पकवान… रेसिपी पढ़कर, खुद ही खाना पकाएँ, फिर सभी को इसे चखने का मौका दें.
    फोटो: ग्रामीण जीवन में बच्चों को कैसे व्यस्त रखा जा सकता है… बारिश वाले वीकेंड, कोटेज में क्या करें… – हमारी वेबसाइट पर ऐसी ही तस्वीरें उपलब्ध हैं

    खेल एवं मनोरंजन: पारंपरिक एवं लोकप्रिय गतिविधियाँ

    • बोर्ड गेम्स: मोनोपॉली, ऊनो, माफिया, क्रोकोडाइल… कोटेज में कई ऐसे खेल लाएं… समय तो बिना पता चले ही बीत जाएगा!
    • घरेलू खोज: घर में कहीं-कहीं नोट्स छिपा दें… अंत में तो मिठाइयाँ या छोटे-मोटे उपहार ही मिलेंगे… आप चाहें तो इस खोज को “समुद्री डकैतों” या “जासूसों” संबंधी थीम पर भी कर सकते हैं;
    • होम-सिनेमा: पहले से ही फिल्में डाउनलोड कर लें, पॉपकॉर्न तैयार कर लें… फिर एक असली “मूवी-नाइट” मना लें… टिकट भी लें, एवं ब्रेक के दौरान बातचीत भी करें!
    • काराओके या संगीत-समारोह: काराओके ऐप्स तो बिना इंटरनेट भी काम करते हैं… या फिर गिटार पर गाने भी सकते हैं!

    �पयोगी कार्य: मनोरंजन एवं आवश्यकताओं को एक साथ पूरा करना

    • संगीत के साथ सफाई: अपने पसंदीदा गाने चलाकर सफाई करें… बच्चे भी इसमें मदद कर सकते हैं… धूल हटाना, चीजों को उनकी जगह पर रखना आदि…
    • कोटेज में मौजूद सामानों की गिनती: अलमारियों में रखी गई सामग्रियों की गिनती कर लें… अनावश्यक चीजें तो फेंक ही दें… कभी-कभी कोटेज में बहुत सामान इकट्ठा हो जाता है… इसे तो साफ़ कर ही लेना चाहिए!

    ये 15 गतिविधियाँ तो बस शुरुआत हैं… मुख्य बात तो यही है कि खराब मौसम को भी एक अवसर के रूप में देखें… रचनात्मकता से काम करें, तो हर पल आनंददायक हो जाएगा!

    बारिश वाले दिन में कैसे एक आरामदायक वातावरण बनाएं?

    • रोशनी: सभी लाइटें जला दें, मोमबत्तियाँ भी जला दें… चमकदार रोशनी तो बारिश के मौसम में भी आराम देती है!
    • �र्म कंबल एवं पैड: सोफे या बिस्तर पर गर्म कंबल रख दें… बच्चे तो इनसे ही “किले” भी बना सकते हैं!
    • सुगंधित वातावरण: वैनिला या दालचीनी वाली मोमबत्तियाँ, एसेंशियल ऑयल वाले लैंप… सूखी संतरे के छिलके भी रोशनी में रख दें… ये सभी गंधें मूड को बेहतर बना देती हैं!
    • पृष्ठभूमि-ध्वनियाँ: यदि इंटरनेट उपलब्ध हो, तो आरामदायक संगीत चला दें… नहीं हो, तो प्रकृति की ध्वनियाँ भी सुन सकते हैं… बारिश की आवाज तो वाकई ही शांतिदायक होती है!

    अगर बच्चों की उम्र अलग-अलग हो… तो क्या करें?

    3-6 साल के छोटे बच्चों के लिए: मिट्टी या नमक से मॉडल बनाएँ, उंगलियों से चित्र बनाएँ, सरल पहेलियाँ हल करें… घरेलू सामग्री से “पुतले” भी बना सकते हैं!

    7-12 साल के बच्चों के लिए: जटिल निर्माण-सेट, वैज्ञानिक प्रयोग… कम्प्यूटर पर कार्टून देखकर सीखें… स्मार्टफोन से फोटोग्राफी भी सीख सकते हैं!

    किशोरों के लिए: रणनीति-आधारित बोर्ड गेम्स, “कोटेज-जीवन” पर वीडियो बनाएँ… यूट्यूब से नई कला सीखें… अपने कमरे की डिज़ाइन भी खुद ही तय करें!

    सामान्य गतिविधियाँ: संगीत के साथ सफाई, परिवार के साथ तस्वीरें खींचना, गर्मियों की योजनाएँ बनाना… पुरानी तस्वीरें भी देख सकते हैं!

    पहले से ही क्या तैयार कर लें: “बारिश वाले दिन के लिए आवश्यक सामान”

    हस्तनिर्मित सामग्री: कागज, पेंसिल, रंग, गोंद, कैंची… ये सभी चीजें “बोरियत-निवारण सेट” में ही रख लें!

    बोर्ड गेम्स: अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए 3-4 गेम… घर पर ही इनकी रेसिपी ढूँढ लें… कोटेज में तो कोई दुकान ही नहीं होती!

    पुस्तकें एवं पत्रिकाएँ:
    1. हर उम्र के लिए कुछ-ना-कुछ… बच्चों की किताबें, किशोरों के लिए रहस्य-कहानियाँ, वयस्कों के लिए ग्रामीण जीवन संबंधी पुस्तकें…

    �ाना पकाने हेतु सामग्री: मैदा, अंडे, दूध… पैनकेक एवं अन्य व्यंजन बनाने हेतु आवश्यक सामग्री…

    बारिश वाले दिनों में मनोवैज्ञानिक पहलू: कैसे झगड़ों से बचें?

    • प्रत्येक व्यक्ति का निजी स्थान: छोटे कोटेज में भी हर व्यक्ति के लिए अलग जगह रख दें… किसी को तो पुस्तकों के साथ बिस्तर ही चाहिए, किसी को मैदान भी…
    • कभी-कभार अलग-अलग समय पर आराम करें: हमेशा सबको एक साथ ही रखने की कोशिश न करें… हर किसी को अलग-अलग समय पर आराम करने का मौका दें!
    • हर दो घंटों में गतिविधियाँ बदल लें: एक ही कार्य करते-करते तो थकान हो जाती है… इसलिए हर दो घंटों में गतिविधियाँ बदल लें… एक घंटा खाना पकाएँ, एक घंटा खेलें, एक घंटा पढ़ें, एक घंटा कुछ अन्य करें…
    • सकारात्मक दृष्टिकोण: बच्चों के सामने मौसम की शिकायत न करें… वे तो आपका मूड ही समझ लेंगे… दिखाएँ कि बारिश वाला दिन भी बहुत ही अच्छा हो सकता है!

    अगर आप कुछ भी नहीं करना चाहें…

    कभी-कभी तो बारिश वाले दिन में कुछ भी न करना ही सबसे अच्छा विकल्प होता है… किताब पढ़ें, धीरे-धीरे नींद लें, धीरे-धीरे चाय पीएँ… सिर्फ़ आराम करें… यह भी कोटेज में छुट्टी बिताने का ही एक तरीका है!

    • धीमी सुबह: अलार्म न लगाएँ… धीरे-धीरे नाश्ता करें… बिस्तर पर ही खबरें पढ़ें…
    • दार्शनिक बातचीत: परिवार के साथ भविष्य की योजनाएँ बनाएँ… पुरानी मजेदार कहानियाँ याद करें… अपने सपने भी साझा करें…
    • “डिजिटल-डिटॉक्स”: मोबाइल फोन पर बिताए गए समय को सीमित कर दें… बारिश वाले दिनों में तो आमने-सामने ही बैठकर बात करना अधिक अच्छा होता है!

    कोटेज में बारिश वाले वीकेंड… यह तो कोई सजा नहीं, बल्कि एक अवसर है… ऐसा अवसर, जिसमें आप धीरे-धीरे, एक साथ, एवं ऐसी चीजें कर सकते हैं, जो शहर में समय न होने पर नहीं कर पाएँगे… कभी-कभी तो ऐसे ही दिन अधिक यादगार रहते हैं… मुख्य बात तो यही है कि खराब मौसम को एक अवसर के रूप में ही देखें… उसका फायदा जरूर उठाएँ… बारिश की आवाज तो वाकई ही शांतिदायक होती है…

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