वर्ग मीटरों के बराबर सोना… मानक अपार्टमेंट में जगह कैसे अधिकतम उपयोग में लाएं?
एक सामान्य अपार्टमेंट कई शहरी निवासियों के लिए परेशानी का कारण है। ऐसा लगता है कि वहाँ जगह बेहद कम है, और घर बदलना कोई ऐसी सुविधा नहीं जिसे हर कोई अपना सके। लेकिन यहाँ तक कि सबसे साधारण “दो कमरे वाले” फ्लैट में भी आप ऐसा वातावरण बना सकते हैं जिसमें आपको रहना अच्छा लगे। हम बताएँगे कि कैसे एक सामान्य अपार्टमेंट को ऐसी जगह में बदला जा सकता है जहाँ आप केवल सोना ही नहीं, बल्कि अच्छे से रह सकें।
**लेख के मुख्य बिंदु:**- बहु-कार्यात्मक फर्नीचर जगह बचाने में मदद करता है;
- अलग-अलग क्षेत्रों को विभाजित करने से जगह का उपयोग बेहतर होता है;
- �र्ध्वाधर जगह का उपयोग अक्सर नजरअंदाज किया जाता है;
- उचित प्रकाश से कमरा बड़ा लगता है;
- सामान रखने की व्यवस्था सुंदर एवं कार्यक्षम होनी चाहिए;
- रंगों का चयन जगह की अनुभूति पर प्रभाव डालता है;
- न्यूनतमतावाद केवल एक रुझान नहीं, बल्कि संकीर्ण जगहों पर जीवन जीने हेतु आवश्यकता है。
मोटे सोफे एवं ऊँची अलमारियों को भूल जाइए। आधुनिक तकनीक की मदद से ऐसे फर्नीचर बनाए जा सकते हैं जो जरूरत न होने पर “गायब” हो सकें। मोड़ने योग्य मेज, सोफा-बेड एवं सामान रखने योग्य सोफे संकीर्ण अपार्टमेंटों के लिए आवश्यक हैं। उदाहरण के लिए, ऐसा डाइनिंग मेज जो मोड़ने पर एक छोटी टेबल के आकार में आ जाए, तो जब आप मेहमान नहीं ले रहे हों तो कमरे का एक पूरा कोना खाली हो जाएगा。
**टिप:** मॉड्यूलर फर्नीचर पर ध्यान दें। इसे आवश्यकतानुसार पुनः व्यवस्थित किया जा सकता है, जिससे कमरे की संरचना में तुरंत बदलाव हो जाएगा。 **“डिज़ाइन: अविभाज्य जगहों को अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित करना”**सामान्य अपार्टमेंटों में कई बार ऐसी जगहें होती हैं जहाँ दीवारों की आवश्यकता होती है, लेकिन दीवारें नहीं होतीं। ऐसी स्थिति में हल्की दीवारें, पर्दे, शेल्फ या पौधे आदि का उपयोग करके जगहों को अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है। इससे कमरा कार्यात्मक रूप से विभाजित हो जाता है, लेकिन उसकी “खुली” अनुभूति बरकरार रहती है。
**ध्यान:** सुरक्षा नियमों एवं कानूनों का पालन जरूर करें। कुछ प्रकार के परिवर्तनों हेतु अनुमति आवश्यक हो सकती है। **“डिज़ाइन: ऊर्ध्वाधर जगह का उपयोग करके ऊँचाई का अधिकतम उपयोग”**अक्सर हम भूल जाते हैं कि एक अपार्टमेंट केवल फर्श का क्षेत्रफल ही नहीं, बल्कि उसके ऊपर मौजूद हवा का क्षेत्रफल भी होता है। लॉफ्ट स्पेस, ऊँची अलमारियाँ, लटकने वाली व्यवस्थाएँ – ये सभी ऊर्ध्वाधर जगह का उपयोग करने में मदद करती हैं। छत के पास रखी एक छोटी शेल्फ भी मौसमी सामान या कम उपयोग होने वाली वस्तुओं को रखने हेतु पर्याप्त होती है।
**टिप:** लॉफ्ट बेड लगाने पर विचार करें। यह बच्चों के कमरे या स्टूडियो हेतु एक उत्कृष्ट विकल्प है。 **“डिज़ाइन: प्रकाश का उचित उपयोग”**उचित प्रकाश से कमरा बड़ा लगता है। बहु-स्तरीय प्रकाश व्यवस्था कमरे में अच्छा प्रभाव डालती है। छत की लाइटों के साथ दीवारों पर लगी लाइटें, फर्श पर लगी लैम्पें एवं मेज पर लगी लैम्पें मिलकर कमरे में अच्छा प्रकाश पैदा करती हैं।
**टिप:** दर्पणों एवं चमकदार सतहों का उपयोग करके प्रकाश को परावर्तित करें। इससे कमरा दोगुना लगेगा एवं अधिक रोशन हो जाएगा。 **“डिज़ाइन: सामान रखने की ऐसी व्यवस्था बनाएँ जो सुंदर एवं कार्यक्षम हो”**छोटे अपार्टमेंटों में हर सेन्टीमीटर का महत्व है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अपने घर को “सामानों से भरी गुद्दागाह” में बदल देना चाहिए। अंतर्निर्मित अलमारियाँ, बिस्तर के नीचे सामान रखने हेतु व्यवस्था, बहु-कार्यात्मक पॉफ – ऐसे कई विकल्प उपलब्ध हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सामान रखने हेतु व्यवस्था को शुरुआती चरण में ही ठीक से तय कर लें।
**टिप:** दरवाजों के पीछे भी जगह उपयोग में लाएँ। अलमारियों पर लगी व्यवस्थाएँ एवं लटकने वाली जेबें छोटी वस्तुओं को रखने हेतु पर्याप्त हैं。 **“डिज़ाइन: रंगों का उपयोग जगह की अनुभूति पर प्रभाव डालने हेतु करें”**दीवारों, फर्श एवं फर्नीचर का रंग जगह की अनुभूति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। हल्के रंग कमरे को बड़ा लगाते हैं, जबकि गहरे रंग उसे छोटा दिखाते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सब कुछ सफेद ही रंग में रंगना चाहिए। पेस्टल शेड या भूरे/हल्के रंगों का उपयोग भी किया जा सकता है।
**टिप:** छोटे कमरों में तीव्र रंग-अंतर से बचें; इससे कमरा और भी छोटा लग सकता है。 **“डिज़ाइन: “कम ही, लेकिन बेहतर” – न्यूनतमतावाद”**छोटे अपार्टमेंटों में “कम ही, लेकिन बेहतर” का सिद्धांत अत्यंत महत्वपूर्ण है। अनावश्यक चीजों को हटा दें; केवल ऐसी ही वस्तुएँ रखें जिनका आपको वास्तव में उपयोग हो। इससे न केवल जगह बचती है, बल्कि कमरा भी हल्का एवं सुखद महसूस होता है。
**टिप:** अपनी वस्तुओं की नियमित रूप से समीक्षा करें; यदि कोई चीज एक साल से भी अधिक समय से उपयोग में नहीं आ रही है, तो उसे छोड़ दें。 **“याद रखें… छोटे अपार्टमेंट भी आरामदायक एवं कार्यक्षम हो सकते हैं।”**महत्वपूर्ण बात यह है कि जगह की व्यवस्था करते समय रचनात्मकता दिखाएँ, प्रयोग करने से डरें नहीं। और याद रखें… अपार्टमेंट केवल कुछ वर्ग मीटर का क्षेत्रफल ही नहीं, बल्कि आपका व्यक्तिगत स्थान है… एक ऐसी जगह जहाँ आप आराम कर सकें एवं ऊर्जा पुनः प्राप्त कर सकें। इसलिए, चाहे आप कोई भी निर्णय लें… सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको वहाँ आराम महसूस होना चाहिए。
**“डिज़ाइन: याना सुश्कोवा”**कवर डिज़ाइन: इरीना बालेंदोवना, एकातेरिना ईगोरोवा-ओर्लेटिनोवा
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