आंतरिक दरवाजों का चयन करते समय: बाजार में क्या नया है?

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हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि अगर पारंपरिक दरवाजे उबाऊ एवं पुराने लगें, तो क्या किया जा सकता है, एवं नए दरवाजों का चयन कैसे सोच-समझकर किया जाए।

“UNION” के माध्यम से हम आपको इंटीरियर दरवाजों का चयन करते समय किन बातों पर ध्यान देना चाहिए, छिपी हुई तरह से लगाने के फायदे, एवं बाजार में उपलब्ध नए प्रकार की सामग्रियों एवं सजावटी विकल्पों के बारे में जानकारी देते हैं। आखिरकार, आधुनिक प्रौद्योगिकियों की वजह से इंटीरियर दरवाजे केवल स्थानों को विभाजित करने या जोड़ने के काम ही नहीं करते, बल्कि और भी कई कार्य कर सकते हैं。

**डिज़ाइन का चयन**

सभी इंटीरियर दरवाजों को उनके मुख्य कार्य के आधार पर “स्विंग डोर” एवं “स्लाइडिंग डोर” में वर्गीकृत किया जा सकता है। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं。

**स्विंग डोर**

स्विंग डोर दो प्रकार के होते हैं – छिपी हुई तरह से लगाए जाने वाले, एवं थ्रेशोल्ड वाले। मुख्य अंतर यह है कि थ्रेशोल्ड वाले दरवाजों को सजावट पूरी होने के बाद ही लगाया जा सकता है। यदि आप छिपी हुई फ्रेम वाले दरवाजे चुनते हैं, तो दीवारों को विशेष रूप से तैयार करने की आवश्यकता पड़ती है; लेकिन ऐसे दरवाजे बहुत ही आकर्षक दिखते हैं, एवं स्थान को अनुकूलित करने के अधिक अवसर प्रदान करते हैं。

**थ्रेशोल्ड वाले दरवाजे:** थ्रेशोल्ड, दरवाजे की फ्रेम एवं दीवार के बीच का अंतर भरने हेतु प्रयोग में आने वाली पट्टियाँ हैं। यदि दीवार का आकार असामान्य हो, तो विशेष पट्टियों का उपयोग किया जाता है। फोटो: आधुनिक शैली में बना लिविंग रूम, सुझाव, इंटीरियर डेकोरेशन, इंटीरियर डिज़ाइन, छिपे हुए दरवाजे, दरवाजों का चयन कैसे करें, नए उत्पाद, इंटीरियर दरवाजे, UNION – हमारी वेबसाइट पर फोटो

**छिपी हुई फ्रेम वाले दरवाजे:** ऐसे दरवाजों में कोई दृश्यमान फ्रेम, थ्रेशोल्ड या हिंज नहीं होता; साथ ही, उनके लिए विभिन्न प्रकार की सजावटी सामग्रियाँ उपलब्ध हैं। ऐसे दरवाजे कहीं भी – चाहे सीढ़ियों के नीचे या झुकी हुई छत वाले कमरे में – आसानी से लगाए जा सकते हैं। इन्हें दीवार के रंग के अनुसार रंगकर भी प्रयोग में लाया जा सकता है, या फिर उन्हें विशेष डिज़ाइन के अनुसार भी सजाया जा सकता है (जैसे कि काँच, वीनर आदि)।

**स्लाइडिंग डोर**

स्लाइडिंग इंटीरियर दरवाजे, किसी स्थान को विभाजित करने हेतु सबसे सुविधाजनक विकल्प हैं। ये कमरे को खुला, रोशन रखते हैं, एवं उसे कई कार्यात्मक भागों में बाँट सकते हैं। साथ ही, विभिन्न प्रकार की सामग्रियों का उपयोग करके इन्हें किसी भी इंटीरियर शैली में लगाया जा सकता है।

स्लाइडिंग दरवाजे दो, तीन या अधिक पैनलों से बन सकते हैं; प्रत्येक पैनल 3 मीटर ऊँचा एवं 1.3 मीटर चौड़ा हो सकता है। इस कारण ये लगभग किसी भी आकार के दरवाजे-खुलने वाले स्थान पर लगाए जा सकते हैं। इन दरवाजों को खुलने वाली जगह के अंदर या निक्षेप में भी लगाया जा सकता है; साथ ही, इन्हें दीवार पर चलाकर भी उपयोग में लाया जा सकता है, बिना किसी अतिरिक्त जगह लेने के।

**लगाने की प्रणाली:** इन दरवाजों की लगाने की प्रणाली दृश्यमान या छिपी हुई हो सकती है; ऐसी प्रणाली आधुनिक इंटीरियर डिज़ाइन के लिए बहुत ही उपयुक्त है।

**दृश्यमान रेलिंग वाले दरवाजे:** इन दरवाजों में, एक लटकी हुई मशीनरी खुलने वाले स्थान के ऊपर लगाई जाती है, एवं दरवाजे का पैनल उसी पर चलता है। ऐसे दरवाजों का मुख्य फायदा यह है कि इन्हें लगाना एवं उपयोग करना बहुत ही आसान है। इन्हें किसी भी समय, जब सजावट पूरी हो जाए, लगाया जा सकता है。

**छिपी हुई रेलिंग वाले दरवाजे:** इन दरवाजों में, रेलिंग दृश्यमान नहीं होती; यह रेलिंग छत में ही बनाई जाती है। इन्हें लगाने हेतु, सजावट के दौरान ही खुलने वाले स्थान को विशेष रूप से तैयार करना पड़ता है。

**दीवार के अंदर लगने वाले दरवाजे:** ऐसे दरवाजे दीवार के अंदर ही लगाए जाते हैं; ये देखने में अनोखे लगते हैं, एवं स्थान भी बचा लेते हैं。

इस प्रकार के दरवाजों को लगाने हेतु भी पहले से ही योजना बनानी पड़ती है, एवं दीवारों को उपयुक्त रूप से तैयार करना पड़ता है。

**“मैजिक ट्रैक”:** स्लाइडिंग इंटीरियर दरवाजों के लिए “मैजिक ट्रैक” एक शानदार विकल्प है; ऐसी प्रणाली में, दरवाजे का पैनल दीवार के पीछे ही लगाया जाता है, एवं यह पूरी तरह से दृश्यमान नहीं होता; इस कारण दरवाजा “हवा में लटका हुआ” दिखाई देता है。

**सामग्री का चयन**

सभी आधुनिक इंटीरियर दरवाजों की फ्रेम, लकड़ी या एल्यूमीनियम से बनती है – ये दोनों ही मजबूत एवं हल्की सामग्रियाँ हैं। इन दरवाजों पर विभिन्न प्रकार की सजावटें भी की जा सकती हैं, जैसे कि काँच, वीनर, पत्थर या एनामल।

**काँच:** काँच से बने दरवाजों की देखभाल करना आसान है; इन्हें सामान्य सफाई उत्पादों से ही साफ किया जा सकता है। काँच के दरवाजों पर रंग भी लगाया जा सकता है; उन्हें मैट या चमकदार भी बनाया जा सकता है, एवं इन पर धातुई भी प्रभाव डाले जा सकते हैं。

**एनामल:** एनामल से लेपित इंटीरियर दरवाजे कई फायदों के होते हैं; ये मजबूत होते हैं, आसानी से साफ रहते हैं, एवं बाहरी झटकों का भी सामना कर सकते हैं। “UNION” में, हम इन दरवाजों के निर्माण हेतु पानी-आधारित लैक एवं रंगों का ही उपयोग करते हैं; इसलिए ये पूरी तरह से स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं, एवं पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुँचाते。

**वीनर:** प्राकृतिक वीनर से बने दरवाजे, प्राकृतिक लकड़ी के समान ही दिखते हैं; लेकिन इनका वजन काफी कम होता है, एवं कीमत भी कम होती है。

**पत्थर:** 2020 में “पत्थर से बने दरवाजे” एक प्रचलित ट्रेंड रहे; ऐसे दरवाजे सिरेमिक ग्रेनाइट से बनते हैं, एवं उच्च दबाव पर लगाने पर ये अत्यधिक मजबूत हो जाते हैं; इन पर खरोंचें भी नहीं आतीं。

**रंगीन किए जा सकने वाले दरवाजे:** बिक्री के दौरान, ऐसे दरवाजों के पैनल एवं फ्रेम पहले ही रंग लगा दिए जाते हैं; इन्हें लगाने के बाद उपर से वॉलपेपर चढ़ाया जा सकता है, या उन पर मोर्टार से सजावट की जा सकती है। ऐसे दरवाजों को अक्सर छिपी हुई फ्रेम में ही लगाया जाता है。

**दिलचस्प समाधान:** - **समतलता:** पड़ोसी दरवाजों को अलग-अलग दिशाओं में भी लगाया जा सकता है; ऐसा करने से दरवाजे एक ही समतल पृष्ठभाग पर रहेंगे। - **अदृश्य हिंज:** ऐसे दरवाजों में हिंज पूरी तरह से छिपे हुए होते हैं; इस कारण दरवाजा एक ही समतल सतह पर चलता है, एवं आसानी से 180 डिग्री तक खुल सकता है। - **डबल ग्लाज़:** डबल ग्लाज़ वाले दरवाजों में ध्वनि-अवरोधक प्रभाव अधिक होता है; इसलिए ऐसे दरवाजे कमरे में शांति बनाए रखने में मदद करते हैं। - **फ्रेम का ऊपरी हिस्सा नहीं:** इस प्रकार के दरवाजों में फ्रेम का कोई ऊपरी हिस्सा नहीं होता; इस कारण छत की ऊँचाई भी अधिक दिखाई देती है। - **सौंदर्य:** ऐसे दरवाजों में स्कर्टिंग बोर्ड भी छिपा हुआ होता है; इस कारण दरवाजा एवं दीवार एक ही समतल पृष्ठभाग पर रहते हैं। - **हैंडल:** आधुनिक डिज़ाइन में, हैंडलों को दरवाजे की ही सामग्री से बनाया जाता है; ऐसा करने से दरवाजा और भी आकर्षक दिखता है।