लॉफ्ट स्टाइल का इंटीरियर: बड़े एवं छोटे अपार्टमेंट्स दोनों के लिए एक लोकप्रिय ट्रेंड
लॉफ्ट स्टाइल आज भी वैसे ही प्रासंगिक है जैसा कि कई साल पहले था, और ऐसा लगता नहीं है कि आने वाले समय में इसकी महत्ता कम होगी। एक विशेषज्ञ के साथ मिलकर, हम आपको ऐसी टिप्स देते हैं जिनकी मदद से आप अपने घर में यह स्टाइल लागू कर सकते हैं。
“लॉफ्ट स्टाइल” की शुरुआत 1940 के दशक में अमेरिका में हुई। यह शैली आज भी विकसित हो रही है, एवं अपनी प्रासंगिकता नहीं खोई है। अन्ना पोकहोड्नेवा के साथ हम आपको बताएंगे कि कौन-से स्टाइलिश एवं डेकोरेटिव उपाय एक कमरे को “लॉफ्ट स्टाइल” देने में मदद करते हैं।
अन्ना पोकहोड्नेवा, “इन माय बॉक्स स्टूडियो” में एक विशेषज्ञ एवं डिज़ाइनर हैं; वे प्रत्येक परियोजना को “सही लेआउट एवं संरचनात्मक समाधान” खोजने के रूप में देखती हैं।
**“लॉफ्ट स्टाइल”: यह कैसा है?**
- **ग्रे कंक्रीट, टेराकोटा ईंटों से बनी दीवारें/छतें**, खुरदरी सतहें, एवं प्राकृतिक पत्थर – ये सभी कमरे में “गैर-निवासीय, औद्योगिक वातावरण” पैदा करते हैं।

**ऊँची छतें:**
लॉफ्ट स्टाइल के लिए ऊँची छतें आवश्यक हैं; हमारे देश में तीन मीटर या उससे अधिक ऊँची छतें ही आम हैं।
सफेद रंग की पेंटिंग से छतें दृश्य रूप से बड़ी लगेंगी, एवं कमरा अधिक खुला एवं चमकदार दिखेगा; चमकदार एनामल पेंट से इस प्रभाव को और बढ़ाया जा सकता है।

**मिश्रित प्रकार की रोशनी:**
लिविंग रूम या रसोई-डाइनिंग एरिया में विभिन्न स्थानों पर “स्पॉट लाइटिंग” का उपयोग करें; बड़े चैनलीय दीपक, तकनीकी स्पॉटलाइट्स, एवं बिना छाँव वाली बल्बें – ये सभी कमरे में अलग-अलग प्रकार की रोशनी पैदा करते हैं।
बिजली के तारों को छिपाने/ढकने की कोई आवश्यकता नहीं है; “लॉफ्ट स्टाइल” में तो लटके हुए तार ही स्वीकार्य हैं।

**कोई पर्दे नहीं:**
असली “लॉफ्ट” में आमतौर पर हल्की पर्दें या भारी ड्रेप नहीं लगाए जाते; धातु की ब्लिंड या “रोमन शेड्स” ही उपयोग में आते हैं।

**लकड़ी की फर्श:**
यदि वित्तीय स्थिति अनुमत हो, तो लकड़ी की फर्श ही उपयोग में लाएं; खासकर हल्के रंग की लकड़ी।
हालाँकि, “लॉफ्ट स्टाइल” में लैमिनेट, पीवीसी टाइलें, या काँच/पत्थर जैसी सामग्रियों का उपयोग भी स्वीकार्य है।

**मूल ढंग की फर्नीचर:**
फर्नीचर समान रंग या कठोर बनावट वाला नहीं होना चाहिए; ऐसे कुर्सियाँ, सोफे आदि चुनें जो दीवारों/फर्श के रंग से अलग हों। “एक्लेक्टिक” फर्नीचर भी स्वीकार्य है; उदाहरण के लिए, अलग-अलग मॉडल/बनावट वाली कुर्सियाँ एक ही मेज के आसपास रखी जा सकती हैं।

**कमरे को सजाने हेतु आवश्यक चीजें:**
- यदि संभव हो, तो दीवारों पर बने विभाजक हटा दें या उन्हें कम से कम रखें।
- छतों को ऊँचा रखें; छोटे अपार्टमेंट में ऐसा करने से कमरा अधिक खुला एवं चमकदार लगेगा।
- हल्के रंगों का उपयोग करें; जैसे – काला, ग्रे, भूरा, गहरा हरा, बर्गंडी आदि।
- फर्नीचर, अलग-अलग बनावट वाली सतहें, एवं रंगों का उपयोग करके कमरे में “जोन” बनाएँ।
- छोटे स्थानों हेतु कार्यात्मक, संक्षिप्त फर्नीचर ही उपयोग में लाएँ।
- कलात्मक वस्तुएँ (मूर्तियाँ, आधुनिक चित्र, पोस्टर आदि) कमरे में “लॉफ्ट स्टाइल” की भावना जोड़ेंगी।
**नोट:** ऊपर दी गई सभी जानकारियाँ “लॉफ्ट स्टाइल” में कमरे को सजाने हेतु आवश्यक हैं; अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इनमें से कुछ चीजों का ही उपयोग करें।
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