लकड़ी से बने घरों के डिज़ाइन में 5 गलतियाँ

यह पृष्ठ निम्नलिखित भाषाओं में भी उपलब्ध है:🇺🇸🇷🇺🇺🇦🇫🇷🇩🇪🇪🇸🇵🇱🇨🇳🇯🇵
जानिए क्यों आपको अलमारियों को छत के सामने नहीं लगाना चाहिए, क्यों “ब्लॉक हाउस” वाली व्यवस्था समस्याजनक है, एवं कैसे आप अपने घर को अधिक रोशनीदार एवं आरामदायक बना सकते हैं।

लकड़ी से बने घर आरामदायक एवं मनमोहक होते हैं। हालाँकि, इनके डिज़ाइन में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इस पोस्ट में, डिज़ाइनर इरीना वासिलेवा लकड़ी के घरों के आंतरिक डिज़ाइन संबंधी सामान्य गलतियों के बारे में बता रही हैं, एवं प्रत्येक गलती का समाधान भी प्रस्तुत कर रही हैं。

**इरीना वासिलेवा** – एक विशेषज्ञ आंतरिक डिज़ाइनर, जो विभिन्न शैलियों के तत्वों को मिलाकर अनूकूल समाधान तैयार करना पसंद करती हैं。

**एकीकृत फर्नीचर**

गलती:** भंडारण सुविधाओं का व्यवस्थित प्रबंधन न केवल अपार्टमेंटों में, बल्कि ग्रामीण घरों में भी महत्वपूर्ण है। कई ग्राहक ऐसे अलमारियों को पसंद करते हैं जो फर्श से छत तक फैली हों; लेकिन लकड़ी के घरों में ऐसा करने से अलमारी टूट सकती है।

समाधान:** अलमारी एवं छत के बीच एक छोटा अंतर रखें। इस अंतर का आकार लकड़ी की प्रकृति पर निर्भर है। इस अंतर को छत पर लगी एक कॉर्निस से भरा जा सकता है; ऐसा करने से घर में हलचल होने पर भी अलमारी सुरक्षित रहेगी।

**रंग चयन**

गलती:** सामान्य घरों में, जिप्सम बोर्ड पर रंग का नमूना लेकर ही उसका चयन किया जा सकता है; लेकिन लकड़ी के घरों में ऐसा नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि विभिन्न प्रकार की लकड़ियाँ रंग अलग-अलग तरह से अवशोषित करती हैं। इसलिए, दीवार पर लगा रंग नमूने से भिन्न हो सकता है।

समाधान:** 4–5 अलग-अलग प्रकार के रंगों के नमूने खरीदें, एवं घर में ही उनका परीक्षण करें। लगभग 50×50 सेमी आकार के क्षेत्रों पर इन रंगों का उपयोग करें, एवं निर्माता द्वारा सुझाई गई विधियों का पालन करें।

**मैटेरियल की नकल**

गलती:** अक्सर, फ्रेम वाली दीवारों को सजाने हेतु प्लास्टिक/पैटर्न वाली सामग्री का उपयोग किया जाता है; लेकिन ऐसा करने से लकड़ी की प्राकृतिक भावना खत्म हो जाती है। इसके अलावा, रंग लगाने में भी काफी परिश्रम आवश्यक होता है।

समाधान:** फ्रेम वाली दीवारों को सजाने हेतु वॉलपेपर, पत्थर या अन्य विकल्पों का उपयोग करें; ऐसा करने से लकड़ी की भावना बनी रहेगी।

**कम रोशनी**

गलती:** लकड़ी की सतहें प्रकाश को अवशोषित करने की प्रवृत्ति रखती हैं; इसलिए, छोटे कमरों में सिर्फ एक चैंडेलियर से पर्याप्त रोशनी नहीं मिल पाती।

समाधान:** समान रोशनी हेतु अतिरिक्त स्पॉटलाइट्स का उपयोग करें। कमरे के कार्य के आधार पर ही रोशनी की व्यवस्था करें। वॉल स्कोन्स, फ्लोर लैंप एवं पेंडुलिप लाइट्स भी आवश्यक हैं; क्योंकि ये घर को आरामदायक एवं गर्म बनाते हैं।

**चित्र: इरीना वासिलेवा द्वारा डिज़ाइन किया गया परियोजना।**