बड़ा अपार्टमेंट: लेआउट नियोजन हेतु सुझाव

यह पृष्ठ निम्नलिखित भाषाओं में भी उपलब्ध है:🇺🇸🇷🇺🇺🇦🇫🇷🇩🇪🇪🇸🇵🇱🇨🇳🇯🇵
एक पेशेवर के साथ मिलकर, हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि कैसे किसी बड़े अपार्टमेंट की व्यवस्था और भी बेहतर बनाई जा सके।

बहुत से लोग सोचते हैं कि एक बड़े अपार्टमेंट में लेआउट तय करना एवं फर्नीचर व्यवस्थित करना आसान है। फिर भी, मकान मालिक अक्सर कई सवाल पूछते हैं… जैसे कि बड़ी आकार की अलमारियाँ कहाँ लगाएँ, माता-पिता के लिए शयनकक्ष कौन-से कमरे में बनाएँ, आदि। इन सवालों के जवाब हमने MIC Group के विशेषज्ञ दिमित्री बतलुक से प्राप्त किए।

दिमित्री बतलुक, MIC Group में विक्रय विभाग के विशेषज्ञ निदेशक। 1. **सभी कमरों के कार्यों की योजना बनाएँ:** एक बड़े अपार्टमेंट में सही तरह से कमरों का विभाजन करना आवश्यक है… अन्यथा कोई कमरा अत्यधिक वस्तुओं से भर जाएगी, जबकि कोई कमरा खाली ही रह जाएगी। सबसे पहले, घर के सभी कमरों की सूची तैयार करें… फिर प्रत्येक कमरे का कार्य निर्धारित करें… जैसे कि कौन-सी कमरा मेहमानों को बैठाने, फिल्में देखने या आराम करने के लिए उपयुक्त है… याद रखें कि इसका कोई एकदम सही उत्तर नहीं है… सब कुछ आपके परिवार की आदतों पर निर्भर करता है। 2. **अलमारियों एवं भंडारण सुविधाओं की योजना बनाएँ:** आदर्श व्यवस्था यह है कि प्रवेश द्वार एवं शयनकक्ष में अलग-अलग अलमारियाँ लगाएँ… छत तक ऊँची अलमारियाँ बनाकर सभी आवश्यक वस्तुओं को रखें… अलमारियाँ एवं शेल्फ ऐसी ही जगहों पर लगाएँ जहाँ स्थान कम न हो। 3. **दूसरा बाथरूम बनाएँ:** आधुनिक अपार्टमेंटों में, ‘गीले क्षेत्र’ में अलग-अलग बाथरूम एवं शौचालय रखना सुविधाजनक होता है… एक बाथरूम में बाथटब एवं वॉशिंग मशीन रखें, दूसरे बाथरूम में संक्षिप्त शॉवर या छोटा सिंक लगाएँ… आप चाहें तो कुत्तों के पैर या गंदे जूतों को धोने हेतु अलग से जगह भी बना सकते हैं। 4. **रसोई एवं लिविंग रूम को एक साथ न जोड़ें:** स्टूडियो अपार्टमेंटों में तो रसोई एवं लिविंग रूम को एक साथ रखना आम है… लेकिन बड़े अपार्टमेंटों में ऐसा करना जरूरी नहीं है… अलग-अलग कमरे होना आरामदायक होता है, क्योंकि इससे बदबू एवं गंदगी केवल उसी कमरे में रहती है… साथ ही, सामानों को सीधे रसोई में ले जाना भी आसान हो जाता है। 5. **रसोई की अलमारियों की व्यवस्था ठीक से करें:** जितना बड़ा कमरा होगा, उतनी ही संभावना है कि ‘कार्य क्षेत्र’ में काफी दूरी हो जाए… इसलिए अलमारियों एवं शेल्फों को किसी एक ही दीवार पर न लगाएँ… बल्कि ‘L’ आकार में या सीधी अलमारियाँ ही उपयोग में लाएँ। 6. **बच्चों के लिए अलग कमरा आवश्यक है:** बच्चों के लिए कपड़ों की अलमारी, काम करने हेतु जगह, एवं खेलने हेतु स्थान आवश्यक है… बच्चों का शयनकक्ष खिड़की के पास ही रखें… पढ़ने हेतु आरामदायक रोशनी व्यवस्थित करें… दो बच्चों के लिए तो डबल बेड ही सबसे उपयुक्त विकल्प है… क्योंकि यह जगह नहीं घेरता, एवं अपने कार्य भी बेहतर ढंग से करता है। 7. **‘गंदे क्षेत्र’ को अलग जगह पर रखें:** प्रवेश द्वार पर ऐसी जगह आवश्यक है जहाँ गंदे जूते, गीले छतरे, एवं बच्चों के स्कूटर रखे जा सकें… इस जगह पर बेंच या पैरों के लिए स्टूल, हुक वाली कोट रैक, या छोटी अलमारी लगा दें… फर्श पर सिरेमिक टाइलें भी जरूर बिछाएँ। **कवर चित्र:** Aii Liseva द्वारा डिज़ाइन किया गया प्रोजेक्ट… **लेआउट समाधान:** MIC Group का ‘Southern Bunino’ परियोजना, यमांतोवो में।