लटकाए गए छतों के लिए छत लाइट्स – तस्वीरें एवं स्थापना संबंधी जानकारियाँ
लटके हुए छतों के लिए उपयोग में आने वाले छत प्रकाश उपकरण, उनके फ्रेम, लैम्प के आकार या सजावटी तत्वों की सुंदरता के कारण ही नहीं खरीदे जाते। क्रिस्टल शैन्डेलियर एवं धातु से बने उपकरण भी हमारे विकल्पों में शामिल नहीं हैं।
क्यों लटकाए गए छतों के लिए छत लाइटें आवश्यक हैं?
लटकाए गए छतों के लिए उपयोग में आने वाली छत लाइटें केवल फ्रेम, लैम्प के आकार या सजावट के कारण ही नहीं खरीदी जाती हैं। क्रिस्टल शैन्डेलियर या अन्य डिज़ाइनर तत्व भी इसके उदाहरण नहीं हैं। लटकाए गए छतों के लिए उपयोग में आने वाली लाइटें संक्षिप्त एवं अदृश्य होती हैं, एवं इनका मुख्य कार्य प्रकाश प्रदान करना होता है।
यहाँ तक कि सादे डिज़ाइन वाली छत लाइटें भी अंदरूनी वातावरण में विशेष आभास पैदा कर सकती हैं, बिना किसी अनावश्यक ध्यान को आकर्षित किए। ऐसी लाइटिंग को “कार्यात्मक लाइटिंग” ही कहा जाता है।

चित्र 1 – बाथरूम में लटकाए गए छत के लिए उपयोग में आने वाली छत लाइट
अब आइए जानते हैं कि लटकाए गए छतों के लिए छत लाइटें कैसे चुनी जाती हैं।
**डिज़ाइन:** सभी छत लाइटें उच्च-तकनीकी शैली में नहीं बनाई जाती हैं; कई मॉडल अन्य शैलियों में भी उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, आधुनिक सादे डिज़ाइन के साथ-साथ पारंपरिक शैली में भी छत लाइटें उपलब्ध हैं।
**“एम्बेडेड लाइट” क्या है?**
“एम्बेडेड लाइट” वह ऐसी लाइट है जिसका शरीर पूरी तरह या आंशिक रूप से लटकाए गए छत, दीवार या फर्नीचर के नीचे छिपा होता है。
**“एम्बेडेड लाइट” के प्रकार:**
लाइट के आकार के आधार पर, इन्हें निम्नलिखित प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:
- पैनल (मॉड्यूलर);
- स्पॉटलाइट (सामान्य/फर्नीचर-विशेष)।
प्रकाश के प्रकार के आधार पर, इन्हें निम्नलिखित प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:
- फैला हुआ प्रकाश;
- सीधा प्रकाश।
�गाने की गहराई के आधार पर, इन्हें निम्नलिखित प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:
- पूरी तरह छिपी हुई;
- आंशिक रूप से छिपी हुई (उप-प्रकार: बाहरी, निकली हुई, सतह पर लगी)。

चित्र 2 – रसोई में उपयोग में आने वाली LED छत लाइट
**लटकाए गए छतों में लाइटें लगाना: कौन-से बल्ब चुनें?**
पैनल/मॉड्यूलर लाइटें सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती हैं। आमतौर पर, ऐसी लाइटें किसी जटिल लटकाए गए छत सिस्टम का ही हिस्सा होती हैं।
**लाइट का स्थान:** मॉड्यूलर लाइटें ऐसी छतों पर कहीं भी लगाई जा सकती हैं। लटकाए गए छतों के लिए उपयोग में आने वाली एम्बेडेड लाइटें अक्सर कार्यालयों में ही इस्तेमाल की जाती हैं, क्योंकि वे औद्योगिक एवं सादे दिखाई देती हैं।
**आवासीय क्षेत्रों में:** ऐसी लाइटें अक्सर नहीं उपयोग में आती हैं; क्योंकि वे घर के वातावरण के अनुरूप नहीं होती हैं।
**दिलचस्प विकल्प:** ऐसी लाइटें जो दृश्यमान रूप से नहीं दिखाई देती हैं। ऐसी लाइटें लटकाए गए छत की पृष्ठभूमि में ही छिप जाती हैं, एवं केवल जब लाइटें चालू होती हैं, तभी दिखाई देती हैं।
पैनल-आधारित एम्बेडेड लाइटें केवल सीधा या फैला हुआ प्रकाश ही प्रदान करती हैं। कमरे में समान प्रकाश प्राप्त करने के लिए, अक्सर ऐसी कई लाइटें ही लगाई जाती हैं।
**बाहरी दृष्टि से:** पैनल-लाइटें पारदर्शी प्लास्टिक से बने ढक्कन वाले एक बॉक्स की तरह दिखती हैं; आप किसी भी रंग या पैटर्न का डिफ्यूज़र चुन सकते हैं।
**स्पॉटलाइट:** रोजमर्रा में इन्हें “डाउनलाइट” भी कहा जाता है।
**विशेषताएँ:** ऐसी लाइटें एम्बेडेड हो सकती हैं, या छत के ऊपर सीधे भी लगाई जा सकती हैं।
**दिलचस्प विकल्प:** ऐसी लाइटों के लिए डिफ्यूज़र खरीदना आवश्यक नहीं है; क्योंकि बिना डिफ्यूज़र भी अधिक प्रकाश प्राप्त होता है।
**उपयोग:** स्पॉटलाइटें किसी विशेष स्थान पर ही प्रकाश प्रदान करने के लिए उपयुक्त होती हैं। उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर।
**सलाह:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवल सजावटी उद्देश्यों हेतु नहीं, बल्कि किसी विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने के लिए ही करना बेहतर होता है।
**पेशेवर डिज़ाइनरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत है।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब:** सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूर्ण कारक है; यह ग्राहक द्वारा चुने गए बल्ब के प्रकार एवं उसके कार्य करने के तापमान पर निर्भर है।
**आधुनिक बल्ब:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्ब शामिल हैं।
**पारंपरिक बल्ब:** पारंपरिक बल्ब (इन्कैंडेसेंट, फ्लोरोसेंट) अब लटकाए गए छतों में उपयोग में नहीं आते हैं; क्योंकि ऐसे बल्ब बड़े होते हैं एवं अत्यधिक गर्मी पैदा करते हैं।
**अन्य विकल्प:** ज्यादातर लाइटों में एक या अधिक बल्ब एक साथ लगाए जा सकते हैं; इस प्रकार हैलोजन एवं LED बल्ब दोनों ही उपयोग में आ सकते हैं।
**लगाने की गहराई:** लाइटों की लगाने की गहराई उनके प्रकार पर निर्भर करती है: 1-2 सेमी – LED लाइटें; 4-9 सेमी – हैलोजन लाइटें; 20-30 सेमी – इन्कैंडेसेंट बल्बों के लिए।

**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: कीमत:**

**लटकाए गए छतों की लाइटें: क्या से बनी होती हैं?**
एम्बेडेड लाइटों के फ्रेम को आमतौर पर दबाव में पिघलाए गए एल्युमीनियम से बनाया जाता है; इसके बाद इस पर एनोडाइज़िंग, क्रोमेटिंग एवं पाउडर-कोटिंग की जाती है।
डिफ्यूज़र प्लास्टिक (पारदर्शी/मैट) या काँच से भी बन सकते हैं (केवल महंगे मॉडलों में ही)।
प्राकृतिक लकड़ी एवं क्रिस्टल भी इन लाइटों के सजावटी तत्वों के रूप में उपयोग में आ सकते हैं।

चित्र 3 – हॉल में लटकाए गए छत के लिए संयुक्त प्रकार की लाइट
**लटकाए गए छतों पर लाइटें कैसे लगाएं?**
किसी भी कमरे में बल्बों का सही स्थान चुनने से प्रकाश का वितरण सही हो जाएगा, एवं कमरे की आकृति भी बेहतर दिखाई देगी।
**सलाह:** एम्बेडेड लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर ही प्रकाश प्रदान करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पूरे कमरे में समान रूप से प्रकाश फैलाने हेतु भी उपयोग में आती हैं।
**अन्य विकल्प:** लाइटें ऊपर की ओर ही प्रकाश प्रदान करनी चाहिए; अन्यथा गहरे धब्बे छत पर बन सकते हैं।
**विविधता:** लटकाए गए छतों के लिए उपलब्ध लाइटों में विभिन्न शैलियाँ, प्रकार एवं कीमतें हैं; आप अपनी आवश्यकताओं के अनुसार ही उपयुक्त लाइट चुन सकते हैं。
**लटकाए गए छतों के लिए छत लाइटें: चित्र:**

चित्र 4 – GX53 प्रकार की अत्यंत पतली एम्बेडेड लाइट

चित्र 5 – सजावटी एम्बेडेड लाइट; कीमत $15 (शक्ति – 50 वॉट)

चित्र 5 – GX53 H4 प्रकार की अत्यंत पतली एम्बेडेड लाइट

चित्र 6 – सजावटी एम्बेडेड लाइट; कीमत $12; रंग – पारदर्शी क्रोम

चित्र 6 – GU10 प्रकार की घूर्णनशील धातु लाइट

चित्र 7 – सजावटी एम्बेडेड लाइट; कीमत $17

चित्र 8 – घूर्णनशील लाइट; कीमत $5
**लटकाए गए छतों के लिए LED लाइटें:**
LED छत लाइटें पहले से तैयार किए गए ब्रैकेटों में ही लगाई जाती हैं; ऐसे ब्रैकेट 2-3 पैरों एवं ऊष्मा-प्रतिरोधी प्लास्टिक से बने होते हैं।

चित्र 9 – LED स्पॉटलाइट
**LED छत लाइटें: प्रकार:**
**विशेषताएँ:** ऊँची छतों एवं बड़े कॉर्निस वाले कमरों के लिए LED स्ट्रिप लाइटें सबसे उपयुक्त हैं; क्योंकि ये अधिक प्रकाश प्रदान करती हैं एवं समान रूप से सभी जगहों पर प्रकाश फैलाती हैं।
**उपयोग:** LED स्ट्रिप लाइटें कई रंगों में भी उपलब्ध हैं; आप अपनी पसंद के अनुसार ही इनका चयन कर सकते हैं。
**विविधता:** LED लाइटें ऊपर की ओर ही प्रकाश प्रदान करती हैं; अतः इन्हें कहीं भी सीधे ही लगाया जा सकता है।
**सलाह:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवल किसी एक विशेष बिंदु पर ही प्रकाश प्रदान करने के उद्देश्य से करना बेहतर होता है; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर।
**पेशेवर डिज़ाइनरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत है।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: विकल्प:**
सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूर्ण कारक है; यह ग्राहक द्वारा चुने गए बल्ब के प्रकार एवं उसके कार्य करने के तापमान पर निर्भर है।
**आधुनिक बल्ब:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्ब शामिल हैं।
**पारंपरिक बल्ब:** पारंपरिक बल्ब (इन्कैंडेसेंट, फ्लोरोसेंट) अब लटकाए गए छतों में उपयोग में नहीं आते हैं; क्योंकि ऐसे बल्ब बड़े होते हैं एवं अत्यधिक गर्मी पैदा करते हैं।
**अन्य विकल्प:** ज्यादातर लाइटों में एक या अधिक बल्ब एक साथ लगाए जा सकते हैं; इस प्रकार हैलोजन एवं LED बल्ब दोनों ही उपयोग में आ सकते हैं。
**लगाने की गहराई:** लाइटों की लगाने की गहराई उनके प्रकार पर निर्भर करती है: 1-2 सेमी – LED लाइटें; 4-9 सेमी – हैलोजन लाइटें; 20-30 सेमी – इन्कैंडेसेंट बल्बों के लिए।

**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: कीमत:**

**लटकाए गए छतों की लाइटें: क्या से बनी होती हैं?**
एम्बेडेड लाइटों के फ्रेम को आमतौर पर दबाव में पिघलाए गए एल्युमीनियम से बनाया जाता है; इसके बाद इस पर एनोडाइज़िंग, क्रोमेटिंग एवं पाउडर-कोटिंग की जाती है।
डिफ्यूज़र प्लास्टिक (पारदर्शी/मैट) या काँच से भी बन सकते हैं।
प्राकृतिक लकड़ी एवं क्रिस्टल भी इन लाइटों के सजावटी तत्वों के रूप में उपयोग में आ सकते हैं。

चित्र 3 – हॉल में लटकाए गए छत के लिए संयुक्त प्रकार की लाइट
**लटकाए गए छतों पर लाइटें कैसे लगाएं?**
किसी भी कमरे में बल्बों का सही स्थान चुनने से प्रकाश का वितरण सही हो जाएगा, एवं कमरे की आकृति भी बेहतर दिखाई देगी।
**सलाह:** एम्बेडेड लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर ही प्रकाश प्रदान करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पूरे कमरे में समान रूप से प्रकाश फैलाने हेतु भी उपयोग में आती हैं。
**अन्य विकल्प:** लाइटें ऊपर की ओर ही प्रकाश प्रदान करनी चाहिए; अन्यथा गहरे धब्बे छत पर बन सकते हैं。
**विविधता:** लटकाए गए छतों के लिए उपलब्ध लाइटों में विभिन्न शैलियाँ, प्रकार एवं कीमतें हैं; आप अपनी आवश्यकताओं के अनुसार ही उपयुक्त लाइट चुन सकते हैं。
**लटकाए गए छतों के लिए छत लाइटें: चित्र:**

चित्र 4 – GX53 प्रकार की अत्यंत पतली एम्बेडेड लाइट

चित्र 5 – सजावटी एम्बेडेड लाइट; कीमत $15 (शक्ति – 50 वॉट)

चित्र 5 – GX53 H4 प्रकार की अत्यंत पतली एम्बेडेड लाइट

चित्र 6 – सजावटी एम्बेडेड लाइट; कीमत $12; रंग – पारदर्शी क्रोम

चित्र 6 – GU10 प्रकार की घूर्णनशील धातु लाइट

चित्र 7 – सजावटी एम्बेडेड लाइट; कीमत $17

चित्र 8 – घूर्णनशील लाइट; कीमत $5
**लटकाए गए छतों के लिए LED लाइटें:**
LED छत लाइटें पहले से तैयार किए गए ब्रैकेटों में ही लगाई जाती हैं; ऐसे ब्रैकेट 2-3 पैरों एवं ऊष्मा-प्रतिरोधी प्लास्टिक से बने होते हैं।

चित्र 9 – LED स्पॉटलाइट
**LED छत लाइटें: प्रकार:**
**विशेषताएँ:** ऊँची छतों एवं बड़े कॉर्निस वाले कमरों के लिए LED स्ट्रिप लाइटें सबसे उपयुक्त हैं; क्योंकि ये अधिक प्रकाश प्रदान करती हैं एवं समान रूप से सभी जगहों पर प्रकाश फैलाती हैं。
**उपयोग:** LED स्ट्रिप लाइटें कई रंगों में भी उपलब्ध हैं; आप अपनी पसंद के अनुसार ही इनका चयन कर सकते हैं。
**सलाह:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने के उद्देश्य से ही करना बेहतर होता है; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर।
**पेशेवर डिज़ाइनरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत है।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: विकल्प:**
सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूर्ण कारक है; यह ग्राहक द्वारा चुने गए बल्ब के प्रकार एवं उसके कार्य करने के तापमान पर निर्भर है।
**आधुनिक बल्ब:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्ब शामिल हैं。
**पारंपरिक बल्ब:** पारंपरिक बल्ब (इन्कैंडेसेंट, फ्लोरोसेंट) अब लटकाए गए छतों में उपयोग में नहीं आते हैं; क्योंकि ऐसे बल्ब बड़े होते हैं एवं अत्यधिक गर्मी पैदा करते हैं。
**अन्य विकल्प:** ज्यादातर लाइटों में एक या अधिक बल्ब एक साथ लगाए जा सकते हैं; इस प्रकार हैलोजन एवं LED बल्ब दोनों ही उपयोग में आ सकते हैं。
**लगाने की गहराई:** लाइटों की लगाने की गहराई उनके प्रकार पर निर्भर करती है: 1-2 सेमी – LED लाइटें; 4-9 सेमी – हैलोजन लाइटें; 20-30 सेमी – इन्कैंडेसेंट बल्बों के लिए。

**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: कीमत:**

**लटकाए गए छतों की लाइटें: क्या से बनी होती हैं?**
एम्बेडेड लाइटों के फ्रेम को आमतौर पर दबाव में पिघलाए गए एल्युमीनियम से बनाया जाता है; इसके बाद इस पर एनोडाइज़िंग, क्रोमेटिंग एवं पाउडर-कोटिंग की जाती है।
डिफ्यूज़र प्लास्टिक (पारदर्शी/मैट) या काँच से भी बन सकते हैं।
प्राकृतिक लकड़ी एवं क्रिस्टल भी इन लाइटों के सजावटी तत्वों के रूप में उपयोग में आ सकते हैं。

चित्र 3 – हॉल में लटकाए गए छत के लिए संयुक्त प्रकार की लाइट
**लटकाए गए छतों पर लाइटें कैसे लगाएं?**
किसी भी कमरे में बल्बों का सही स्थान चुनने से प्रकाश का वितरण सही हो जाएगा, एवं कमरे की आकृति भी बेहतर दिखाई देगी।
**सलाह:** एम्बेडेड लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने के उद्देश्य से ही नहीं, बल्कि पूरे कमरे में समान रूप से प्रकाश फैलाने हेतु भी उपयोग में आती हैं。
**अन्य विकल्प:** ऐसी लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आती हैं; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर।
**पेशेवर डिज़ाइनरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत है।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: विकल्प:**
सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूर्ण कारक है; यह ग्राहक द्वारा चुने गए बल्ब के प्रकार एवं उसके कार्य करने के तापमान पर निर्भर है。
**आधुनिक बल्ब:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्ब शामिल हैं。
**पारंपरिक बल्ब:** पारंपरिक बल्ब (इन्कैंडेसेंट, फ्लोरोसेंट) अब लटकाए गए छतों में उपयोग में नहीं आते हैं; क्योंकि ऐसे बल्ब बड़े होते हैं एवं अत्यधिक गर्मी पैदा करते हैं。
**अन्य विकल्प:** ज्यादातर लाइटों में एक या अधिक बल्ब एक साथ लगाए जा सकते हैं; इस प्रकार हैलोजन एवं LED बल्ब दोनों ही उपयोग में आ सकते हैं。
**लगाने की गहराई:** लाइटों की लगाने की गहराई उनके प्रकार पर निर्भर करती है: 1-2 सेमी – LED लाइटें; 4-9 सेमी – हैलोजन लाइटें; 20-30 सेमी – इन्कैंडेसेंट बल्बों के लिए。

**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: कीमत:**

**लटकाए गए छतों की लाइटें: क्या से बनी होती हैं?**
एम्बेडेड लाइटों के फ्रेम को आमतौर पर दबाव में पिघलाए गए एल्युमीनियम से बनाया जाता है; इसके बाद इस पर एनोडाइज़िंग, क्रोमेटिंग एवं पाउडर-कोटिंग की जाती है।
डिफ्यूज़र प्लास्टिक (पारदर्शी/मैट) या काँच से भी बन सकते हैं。
प्राकृतिक लकड़ी एवं क्रिस्टल भी इन लाइटों के सजावटी तत्वों के रूप में उपयोग में आ सकते हैं。

चित्र 3 – हॉल में लटकाए गए छत के लिए संयुक्त प्रकार की लाइट
**लटकाए गए छतों पर लाइटें कैसे लगाएं?**
किसी भी कमरे में बल्बों का सही स्थान चुनने से प्रकाश का वितरण सही हो जाएगा, एवं कमरे की आकृति भी बेहतर दिखाई देगी。
**सलाह:** एम्बेडेड लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही नहीं, बल्कि पूरे कमरे में समान रूप से प्रकाश फैलाने हेतु भी उपयोग में आती हैं。
**अन्य विकल्प:** ऐसी लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आती हैं; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर。
**पेशेवर डिज़ाइनरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत है।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: विकल्प:**
सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूर्ण कारक है; यह ग्राहक द्वारा चुने गए बल्ब के प्रकार एवं उसके कार्य करने के तापमान पर निर्भर है。
**आधुनिक बल्ब:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्ब शामिल हैं。
**पारंपरिक बल्ब:** पारंपरिक बल्ब (इन्कैंडेसेंट, फ्लोरोसेंट) अब लटकाए गए छतों में उपयोग में नहीं आते हैं; क्योंकि ऐसे बल्ब बड़े होते हैं एवं अत्यधिक गर्मी पैदा करते हैं。
**अन्य विकल्प:** ज्यादातर लाइटों में एक या अधिक बल्ब एक साथ लगाए जा सकते हैं; इस प्रकार हैलोजन एवं LED बल्ब दोनों ही उपयोग में आ सकते हैं。
**लगाने की गहराई:** लाइटों की लगाने की गहराई उनके प्रकार पर निर्भर करती है: 1-2 सेमी – LED लाइटें; 4-9 सेमी – हैलोजन लाइटें; 20-30 सेमी – इन्कैंडेसेंट बल्बों के लिए。

**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: कीमत:**

**लटकाए गए छतों की लाइटें: क्या से बनी होती हैं?**
एम्बेडेड लाइटों के फ्रेम को आमतौर पर दबाव में पिघलाए गए एल्युमीनियम से बनाया जाता है; इसके बाद इस पर एनोडाइज़िंग, क्रोमेटिंग एवं पाउडर-कोटिंग की जाती है।
डिफ्यूज़र प्लास्टिक (पारदर्शी/मैट) या काँच से भी बन सकते हैं。
प्राकृतिक लकड़ी एवं क्रिस्टल भी इन लाइटों के सजावटी तत्वों के रूप में उपयोग में आ सकते हैं。

चित्र 3 – हॉल में लटकाए गए छत के लिए संयुक्त प्रकार की लाइट
**लटकाए गए छतों पर लाइटें कैसे लगाएं?**
किसी भी कमरे में बल्बों का सही स्थान चुनने से प्रकाश का वितरण सही हो जाएगा, एवं कमरे की आकृति भी बेहतर दिखाई देगी。
**सलाह:** एम्बेडेड लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही नहीं, बल्कि पूरे कमरे में समान रूप से प्रकाश फैलाने हेतु भी उपयोग में आती हैं。
**अन्य विकल्प:** ऐसी लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आती हैं; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर。
**पेशेवर डिज़ाइनरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत है。
**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: विकल्प:**
सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूर्त कारक है; यह ग्राहक द्वारा चुने गए बल्ब के प्रकार एवं उसके कार्य करने के तापमान पर निर्भर है。
**आधुनिक बल्ब:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्ब शामिल हैं。
**पारंपरिक बल्ब:** पारंपरिक बल्ब (इन्कैंडेसेंट, फ्लोरोसेंट) अब लटकाए गए छतों में उपयोग में नहीं आते हैं; क्योंकि ऐसे बल्ब बड़े होते हैं एवं अत्यधिक गर्मी पैदा करते हैं。
**अन्य विकल्प:** ज्यादातर लाइटों में एक या अधिक बल्ब एक साथ लगाए जा सकते हैं; इस प्रकार हैलोजन एवं LED बल्ब दोनों ही उपयोग में आ सकते हैं。
**लगाने की गहराई:** लाइटों की लगाने की गहराई उनके प्रकार पर निर्भर करती है: 1-2 सेमी – LED लाइटें; 4-9 सेमी – हैलोजन लाइटें; 20-30 सेमी – इन्कैंडेसेंट बल्बों के लिए。

**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: कीमत:**

**लटकाए गए छतों की लाइटें: क्या से बनी होती हैं?**
एम्बेडेड लाइटों के फ्रेम को आमतौर पर दबाव में पिघलाए गए एल्युमीनियम से बनाया जाता है; इसके बाद इस पर एनोडाइज़िंग, क्रोमेटिंग एवं पाउडर-कोटिंग की जाती है।डिफ्यूज़र प्लास्टिक (पारदर्शी/मैट) या काँच से भी बन सकते ह।
प्राकृतिक लकड़ी एवं क्रिस्टल भी इन लाइटों के सजावटी तत्वों के रूप में उपयोग में आ सकते हैं。

चित्र 3 – हॉल में लटकाए गए छत के लिए संयुक्त प्रकार की लाइट
**लटकाए गए छतों पर लाइटें कैसे लगाएं?**
किसी भी कमरे में बल्बों का सही स्थान चुनने से प्रकाश का वितरण सही हो जाएगा, एवं कमरे की आकृति भी बेहतर दिखाई देगी。
**सलाह:** एम्बेडेड लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही नहीं, बल्कि पूरे कमरे में समान रूप से प्रकाश फैलाने हेतु भी उपयोग में आती हैं。
**अन्य विकल्प:** ऐसी लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आती हैं; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर。
**पेशेवर डिज़ाइनरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत है।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: विकल्प:**
सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूर्त कारक है; यह ग्राहक द्वारा चुने गए बल्ब के प्रकार एवं उसके कार्य करने के तापमान पर निर्भर है。
**आधुनिक बल्ब:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्फ्सेरहदेंट शामिल हैं。
**पारंपरिक बल्ब:** पारंपरिक बल्ब (इन्कैंडेसेंट, फ्लोरोसेंट) अब लटकाए गए छतों में उपयोग में नहीं आते हैं; क्योंकि ऐसे बल्ब बड़े होते हैं एवं अत्यधिक गर्मी पैदा करते ह।
**अन्य विकल्प:** ज्यादातर लाइटों में एक या अधिक बल्ब एक साथ लगाए जा सकते हैं; इस प्रकार हैलोजन एवं LED बल्प दोनों ही उपयोग में आ सकते ह।
**लगाने की गहराई:** लाइटों की लगाने की गहराई उनके प्रकार पर निर्भर करती है: 1-2 सेमी – LED लाइटें; 4-9 सेमी – हैलोजन लाइटें; 20-30 सेमी – इन्कैंडेसेंट बल्बों के लिए。

**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: कीमत:**

**लटकाए गए छतों की लाइटें: क्या से बनी होती हैं?**
एम्बेडेड लाइटों के फ्रेम को आमतौर पर दबाव में पिघलाए गए एल्युमीनियम से बनाया जाता है; इसके बाद इस पर एनोडाइज़िंग, क्रोमेटिंग एवं पाउडर-कोटिंग की जाती है।डिफ्यूज़र प्लास्टिक (पारदर्शी/मैट) या काँच से भी बन सकते ह।
प्राकृतिक लकड़ी एवं क्रिस्टल भी इन लाइटों के सजावटी तत्वों के रूप में उपयोग में आ सकते ह।

चित्र 3 – हॉल में लटकाए गए छत के लिए संयुक्त प्रकार की लाइट
**लटकाए गए छतों पर लाइटें कैसे लगाएं?**
किसी भी कमरे में बल्बों का सही स्थान चुनने से प्रकाश का वितरण सही हो जाएगा, एवं कमरे की आकृति भी बेहतर दिखाई देगी。
**सलाह:** एम्बेडेड लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही नहीं, बल्कि पूरे कमरे में समान रूप से प्रकाश फैलाने हेतु भी उपयोग में आती हैं。
**अन्य विकल्प:** ऐसी लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आती हैं; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर。
**पेशेवर डिज़ाइनरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत है।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: विकल्प:**
सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूर्त कारक है; यह ग्राहक द्वारा चुने गए बल्ब के प्रकार एवं उसके कार्य करने के तापमान पर निर्भर है。
**आधुनिक बल्ब:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्फसेरहदेंत शामिल हैं。
**पारंपरिक बल्ब:** पारंपरिक बल्ब (इन्कैंडेसेंट, फ्लोरोसेंट) अब लटकाए गये छतों में उपयोग में नहीं आते हैं; क्योंकि ऐसे बल्ब बड़े होते हैं एवं अत्यधिक गर्मी पैदा करते ह।
**अन्य विकल्प:** ज्यादातर लाइटों में एक या अधिक बल्प एक साथ लगाए जा सकते हैं; इस प्रकार हैलोजन एवं LED बल्फसेरहदेंत दोनों ही उपयोग में आ सकते ह।
**लगाने की गहराई:** लाइटों की लगाने की गहराई उनके प्रकार पर निर्भर करती है: 1-2 सेमी – LED लाइटें; 4-9 सेमी – हैलोजन लाइटें; 20-30 सेमी – इन्कैंडेसेंट बल्बों के लिए。

**लटकाए गए छतों के लिए बल्प:**

**लटकाए गए छतों की लाइटें: क्या से बनी होती हैं?**
एम्बेडेड लाइटों के फ्रेम को आमतौर पर दबाव में पिघलाए गए एल्युमीनियम से बनाया जाता है; इसके बाद इस पर एनोडाइज़िंग, क्रोमेटिंग एवं पाउडर-कोटिंग की जाती है।डिफ्यूज़र प्लास्टिक (पारदर्शी/मैट) या काँच से भी बन सकते ह।
प्राकृतिक लकड़ी एवं क्रिस्टल भी इन लाइटों के सजावटी तत्वों के रूप में उपयोग में आ सकते ह।

चित्र 3 – हॉल में लटकाए गए छत के लिए संयुक्त प्रकार की लाइट
**लटकाए गए छतों पर लाइटें कैसे लगाएं?**
किसी भी कमरे में बल्बों का सही स्थान चुनने से प्रकाश का वितरण सही हो जाएगा, एवं कमरे की आकृति भी बेहतर दिखाई देगी।
**सलाह:** एम्बेडेड लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही नहीं, बल्कि पूरे कमरे में समान रूप से प्रकाश फैलाने हेतु भी उपयोग में आती हैं。
**अन्य विकल्प:** ऐसी लाइटें केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आती हैं; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर。
**पेशेवर डिज़ाइनरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत ह।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: विकल्प:**
सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूर्त कारक है; यह ग्राहक द्वारा चुने गए बल्प के प्रकार एवं उसके कार्य करने के तापमान पर निर्भर है。
**आधुनिक बल्प:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्फसेरहदेंत शामित शामित
पैनल/मॉड्यूलर लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती हैं। आमतौर पर, पैनल-लाइटें किसी जटिल लटकाए गए छत सिस्टम का ही हिस्सा होती हैं。
**स्थापना:** पैनल-लाइटें ऐसे स्थानों पर लगाई जा सकती हैं, जहाँ उन्हें रखने के लिए जगह हो।
**उपयोग:** एम्बेडेड लाइटें अक्सर कार्यालयों में ही इस्तेमाल की जाती हैं, क्योंकि वे औद्योगिक एवं सादे दिखाई देती हैं।
**अन्य विकल्प:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आता है; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर。
**सलाह:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आता है; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर。
**पेशेवर डिज़ा�नरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत है。
**लटकाए गए छतों के लिए बल्ब: विकल्प:**
सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूरत कारक है; यह ग्राहक द्वारा चुने गए बल्प के प्रकार एवं उसके कार्य करने के तापमान पर निर्भर है。
**आधुनिक बल्प:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्फसेरहदेंत शामित
**स्पॉटलाइट:** सामान्य रूप से, स्पॉटलाइटों को “स्टैंडर्ड” ही माना जाता है।
पैनल/मॉड्यूलर लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती हैं। आमतौर पर, पैनल-लाइटें किसी जटिल लटकाए गए छत सिस्टम का ही हिस्सा होती हैं。
**स्थापना:** पैनल-लाइटें ऐसे स्थानों पर लगाई जा सकती हैं, जहाँ उन्हें रखने के लिए जगह हो।
**उपयोग:** एम्बेडेड लाइटें अक्सर कार्यालयों में ही इस्तेमाल की जाती हैं, क्योंकि वे औद्योगिक एवं सादे दिखाई देती हैं。
**अन्य विकल्प:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आता है; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर。
**पेशेवर डिज़ा�नरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत ह।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्प:** सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूरत कारक ह।
**आधुनिक बल्प:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्फसेरहदेंत
**स्पॉटलाइट:** सामान्य रूप से, स्पॉटलाइटों को “स्टैंडर्ड” ही माना जाता ह।
पैनल/मॉड्यूलर लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती हैं। आमतौर पर, पैनल-लाइटें किसी जटिल लटकाए गए छत सिस्टम का ही हिस्सा होती हैं。
**स्थापना:** पैनल-लाइटें ऐसे स्थानों पर लगाई जा सकती हैं, जहाँ उन्हें रखने के लिए जगह हो।
**उपयोग:** पैनल-लाइटें अक्सर कार्यालयों में ही इस्तेमाल की जाती हैं, क्योंकि वे औद्योगिक एवं सादे दिखाई देती हैं。
**अन्य विकल्प:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आता है; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर。
**पेशेवर डिज़ा�नरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत ह।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्प:** सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूरत कारक ह।
**आधुनिक बल्प:** आधुनिक लाइट स्रोतों में मेटल हैलाइड, हैलोजन लैम्प एवं LED बल्फसेरहदेंत
**स्पॉटलाइट:** सामान्य रूप से, स्पॉटलाइटों को “स्टैंडर्ड” ही माना जाता ह।
पैनल/मॉड्यूलर लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमतौर पर, पैनल-लाइटें किसी जटिल लटकाए गए छत सिस्टम का ही हिस्सा होती हैं。
**स्थापना:** पैनल-लाइटें ऐसे स्थानों पर लगाई जा सकती हैं, जहाँ उन्हें रखने के लिए जगह हो।
**उपयोग:** पैनल-लाइटें अक्सर कार्यालयों में ही इस्तेमाल की जाती हैं, क्योंकि वे औद्योगिक एवं सादे दिखाई देती हैं。
**अन्य विकल्प:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आता है; उदाहरण के लिए, किसी अलमारी या शेल्फ पर。
**पेशेवर डिज़ा�नरों का मत:** स्पॉटलाइटों का अत्यधिक उपयोग, अन्य प्रकार की लाइटिंग विधियों की जानकारी की कमी का ही संकेत ह।
**लटकाए गए छतों के लिए बल्प:** सभी प्रकार की एम्बेडेड लाइटों के लिए, “लगाने की गहराई” एक महत्वपूरत कारक ह।
**स्पॉटलाइट:** सामान्य रूप से, स्पॉटलाइटों को “स्टैंडर्ड” ही माना जाता ह।
पैनल/मॉड्यूलर लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
पैनल-लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
**स्थापना:** पैनल-लाइटें ऐसे स्थानों पर लगाई जा सकती हैं, जहाँ उन्हें रखने के लिए जगह हो।
**उपयोग:** पैनल-लाइटें अक्सर कार्यालयों में ही इस्तेमारी होती हैं, क्योंकि वे औद्योगिक एवं सादे दिखाई देती हैं。
**अन्य विकल्प:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवल किसी एक विशेष बिंदु पर प्रकाश प्रदान करने हेतु ही उपयोग में आता ह।
**स्पॉटलाइट:** सामान्य रूप से, स्पॉटलाइटों को “स्टैंडर्ड” ही माना जाता ह।
पैनल/मॉड्यूलर लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
पैनल-लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
**स्थापना:** पैनल-लाइटें ऐसे स्थानों पर लगाई जा सकती हैं, जहाँ उन्हें रखने के लिए जगह हो।
**उपयोग:** पैनल-लाइटें अक्सर कार्यालयों में ही इस्तेमारी होती हैं, क्योंकि वे औद्योगिक एवं सादे दिखाई देती हैं。
**अन्य विकल्प:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवर्सेरहदेंत प्रकार की लाइटें
**स्पॉटलाइट:** सामान्य रूप से, स्पॉटलाइटों को “स्टैंडर्ड” ही माना जाता ह।
पैनल/मॉड्यूलर लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
पैनल-लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
**स्थापना:** पैनल-लाइटें ऐसे स्थानों पर लगाई जा सकती हैं, जहाँ उन्हें रखने के लिए जगह हो।
**उपयोग:** पैनल-लाइटें अक्सर कार्यालयों में ही इस्तेमारी होती हैं, क्योंकि वे औद्योगिक एवं सादे दिखाई देती ह।
**अन्य विकल्प:** स्पॉटलाइटों का उपयोग केवरसेरहदेंत प्रकार की लाइटें
**स्पॉटलाइट:** सामान्य रूप से, स्पॉटलाइटों को “स्टैंडर्ड” ही माना जाता ह।
पैनल/मॉड्यूलर लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
पैनल-लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
पैनल-लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
पैनल-लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
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पैनल-लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
पैनल-लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
पैनल-लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी) की होती ह। आमत।
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पैनल-लाइटें: सामान्य आकार (600×600 मिमी)