ब्लाइंड्स केवल खिड़कियों के लिए ही नहीं होती हैं… स्लैट्स एवं अन्य ब्लाइंड संरचनाओं का उपयोग करके आंतरिक जगहों में जीवंतता कैसे लाई जा सकती है?
ऐसी संरचनाओं के वास्तविक जीवन में उपयोग
लंबे समय से शीशों पर लगाए जाने वाले पर्दे केवल सूर्य की रोशनी को रोकने हेतु ही उपयोग में आते रहे हैं। आजकल डिज़ाइनर पर्दों एवं अन्य संरचनाओं का उपयोग करके अनूठे आंतरिक डिज़ाइन बना रहे हैं। आइए जानें कि ऐसी वस्तुओं का उपयोग करके कैसे स्थान को और अधिक कार्यात्मक बनाया जा सकता है。
लेख के मुख्य बिंदु:
पर्दे एवं अन्य संरचनाएँ स्थानों को विभाजित करने में मदद करती हैं;
पर्दे एवं खिड़की पर लगने वाली संरचनाएँ भंडारण हेतु उपयोगी हैं;
इनका उपयोग करने से वेंटिलेशन एवं प्रकाश में सुधार होता है;
छोटे अपार्टमेंटों में ये स्थान बचाने में मदद करती हैं;
�धुनिक सामग्रियों से बनी ऐसी वस्तुएँ टिकाऊ एवं स्टाइलिश होती हैं;
कमरों के बीच पर्दे लगाना सामान्य दरवाज़ों की तुलना में अधिक कार्यात्मक है।
तो, क्यों दीवारों पर पर्दे लगाए जाते हैं?
कल्पना कीजिए: आप एक छोटे स्टूडियो अपार्टमेंट में रहते हैं, जहाँ जगह काफी कम है। ऐसी स्थिति में पर्दों का उपयोग करके कमरों को अलग-अलग किया जा सकता है।
आंतरिक डिज़ाइन में पर्दे केवल सौंदर्य ही नहीं, बल्कि कई समस्याओं का समाधान भी हैं:
स्थानों का विभाजन: पर्दे आसानी से कमरों को अलग-अलग कर सकते हैं।
वेंटिलेशन में सुधार: पर्दे हवा को आसानी से गुज़ारने देते हैं, खासकर छोटे कमरों में।
प्रकाश का नियंत्रण: पर्दों की पट्टियों को मोड़कर कमरे में प्रवेश करने वाली रोशनी को नियंत्रित किया जा सकता है।
जगह बचाना: पर्दे इस्तेमाल न होने पर भी जगह घेरते नहीं हैं।
किन कमरों में पर्दों का उपयोग किया जा सकता है?
डिज़ाइनर अलग-अलग तरीकों से पर्दों का उपयोग कर रहे हैं। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं:
कमरों का विभाजन: पर्दे एक कमरे को दूसरे से अलग कर सकते हैं।
�ंडारण हेतु: पर्दे वाले दरवाज़े आइटमों को “सांस लेने” में मदद करते हैं, अर्थात् हवा उनके पास से आ-जा सकती है।
बेडसाइड टेबल: पर्दे बेडसाइड टेबल को अनूठा एवं सुंदर बना सकते हैं।
�ेडिएटर: पर्दे रेडिएटर को छिपाने में मदद करते हैं, लेकिन ऊष्मा का प्रसार नहीं रोकते।
�त: पर्दे छत पर लगने पर दिखावटी प्रभाव पैदा करते हैं एवं अन्य उपकरणों को छिपा सकते हैं।
कमरों के बीच पर्दे: पारंपरिक दरवाज़ों का एक कार्यात्मक विकल्प।
आंतरिक दरवाज़े पर पर्दे लगाना भी एक अच्छा विकल्प है। ऐसे दरवाज़े न केवल सुंदर दिखते हैं, बल्कि कार्यात्मक भी हैं:
जगह बचाना: पर्दे लगने से खुलने हेतु अतिरिक्त जगह की आवश्यकता नहीं पड़ती।
सुविधाजनक उपयोग: पर्दों की पट्टियों को मोड़कर दरवाज़े की खुलास की मात्रा आसानी से नियंत्रित की जा सकती है।
वेंटिलेशन में सुधार: बंद होने पर भी ये दरवाज़े हवा को आसानी से गुज़ारने देते हैं।
प्रकाश का नियंत्रण: पर्दों की पट्टियों को मोड़कर कमरे में प्रवेश करने वाली रोशनी को नियंत्रित किया जा सकता है।
कौन-सी सामग्रियाँ उपयुक्त हैं?
आधुनिक बाज़ार में पर्दों हेतु कई प्रकार की सामग्रियाँ उपलब्ध हैं:
लकड़ी: पर्यावरण-अनुकूल एवं सुंदर, लेकिन इसकी देखभाल की आवश्यकता होती है।
- MDF: प्राकृतिक लकड़ी का सस्ता विकल्प।
- प्लास्टिक: हल्की, सस्ती एवं नमी-रोधी।
- MDF से बने पर्दे: 6000 रूबल प्रति वर्ग मीटर से शुरू।
- एल्यूमिनियम से बने पर्दे: 3000 रूबल प्रति वर्ग मीटर से शुरू।
तो, असल में ये कैसे काम करते हैं?
आइए कुछ वास्तविक उदाहरण देखें:
मॉस्को में एक 42 वर्ग मीटर का अपार्टमेंट। डिज़ाइनर ने बेडरूम एवं गलियारे में पर्दों वाले दरवाज़े लगाए, जिससे स्थान कुछ हल्का लगने लगा एवं भंडारण स्थलों में वेंटिलेशन में सुधार हुआ।
डिज़ाइन: वायोलेटा कोल्टन
रोस्टोफ-ऑन-डॉन में 54 वर्ग मीटर का दो-कमरे वाला अपार्टमेंट। बेडरूम में पर्दों वाले दरवाज़े लगाए गए, जिससे स्थान कुछ हल्का लगने लगा एवं भंडारण स्थलों में वेंटिलेशन में सुधार हुआ।
डिज़ाइन: AN.NA design
मॉस्को में 54 वर्ग मीटर का तीन-कमरे वाला अपार्टमेंट। खिड़कियों पर पर्दों वाले दरवाज़े लगाए गए, जिससे स्थान कुछ हल्का लगने लगा एवं घर में गर्मी बनी रही।
डिज़ाइन: पावेल फोतेयेव
तो, इनकी कीमत कितनी है?
पर्दों की कीमत सामग्री, आकार एवं इन्स्टॉलेशन की जटिलता पर निर्भर करती है। 2023 में कई कंपनियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कीमतें इस प्रकार थीं:
विशेषज्ञों की सलाह:
पावेल फोतेयेव, एक आंतरिक डिज़ाइनर, कहते हैं: “आंतरिक डिज़ाइन में पर्दों का चयन करते समय सौंदर्य एवं कार्यक्षमता दोनों ही बातों पर ध्यान देना आवश्यक है। छोटे अपार्टमेंटों में हल्की, मोड़ने योग्य संरचनाओं का उपयोग करना बेहतर रहेगा। नमी वाले स्थानों, जैसे बाथरूम में, नमी-रोधी सामग्रियों का ही उपयोग करना चाहिए। कमरों के बीच पर्दे लगाते समय ध्वनि-निरोधकता पर भी ध्यान देना आवश्यक है; आवश्यकता पड़ने पर काँच वाले घटक भी जोड़ सकते हैं।”
निष्कर्ष:
आंतरिक डिज़ाइन में पर्दे केवल सौंदर्य ही नहीं, बल्कि कई समस्याओं का समाधान भी हैं। छोटे अपार्टमेंटों में तो ये विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। पर्दों का उपयोग करके स्थानों को अलग-अलग किया जा सकता है, वेंटिलेशन एवं प्रकाश में सुधार किया जा सकता है, एवं अनूठे डिज़ाइन बनाए जा सकते हैं।
हमेशा यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कोई भी आंतरिक डिज़ाइन सुंदर होने के साथ-साथ कार्यात्मक भी होना चाहिए। पर्दे लगाने से पहले यह सोच लें कि यह आपके जीवन-शैली के अनुरूप है या नहीं। पर्दों के साथ प्रयोग किए जाने वाले नए तरीके आपके घर को और अधिक सुंदर एवं कार्यात्मक बना सकते हैं।
कवर: freepik.com
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