कोरिडोर में रसोई एवं बाल्कनी पर शयनकक्ष… ऐसे अजीबोगरीब विचार जो वास्तव में काम करते हैं!

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हम अपार्टमेंटों की व्यवस्था हेतु गैर-पारंपरिक समाधानों के बारे में बताते हैं。

अगर आपको लगता है कि आपका अपार्टमेंट बहुत छोटा या असुविधाजनक है, तो शायद आप सही जगह पर उपाय नहीं ढूँढ रहे हैं। कल्पना करिए कि नियम तोड़े जा सकते हैं और सीमाएँ बदली जा सकती हैं… क्या आप घरेलू जगहों में क्रांति के लिए तैयार हैं? चलिए, शुरू करते हैं!

**लेख से मुख्य बिंदु:**
  • गैर-पारंपरिक उपाय अपार्टमेंट के उपयोगी क्षेत्र को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं;

  • गलियारे में रसोई न केवल संभव है, बल्कि सही तरीके से लागू की जाए तो बहुत ही आरामदायक भी हो सकती है;

  • अगर सभी विवरणों पर ध्यान दिया जाए, तो बालकनी पर बनाई गई शयनकक्ष भी आरामदायक हो सकती है;

  • कोई भी बड़ा परिवर्तन करने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेना आवश्यक है;

  • �सामान्य व्यवस्थाएँ अपार्टमेंट की कीमत बढ़ा सकती हैं, लेकिन इनके कारण इसकी बिक्री में भी परेशानी हो सकती है。

**गलियारे में रसोई: किसी भी कमरे तक खाना पहुँचाना** पहली नज़र में तो गलियारे में रसोई रखने का विचार अजीब लग सकता है, लेकिन वास्तव में यह छोटे अपार्टमेंटों के लिए बहुत ही उपयोगी है। **क्यों यह काम कर सकता है:**
  • केंद्रीय स्थिति – गलियारा तो सभी कमरों को जोड़ता है, इसलिए रसोई किसी भी कमरे से आसानी से पहुँची जा सकती है。

  • अतिरिक्त जगह मिल जाती है – पारंपरिक रसोई को कोई अन्य कमरा बनाया जा सकता है, या लिविंग रूम में ही शामिल किया जा सकता है。

  • बेहतर वेंटिलेशन – गलियारे में हवा का प्रवाह आमतौर पर सामान्य रसोई की तुलना में बेहतर होता है。

**कैसे लागू करें:**
  • संक्षिप्त उपकरणों का उपयोग करें – संकीर्ण फ्रिज, अंतर्निहित डिशवॉशर एवं बहुकार्यीय माइक्रोवेव आदि।

  • मोड़ने योग्य या विस्तार करने योग्य भोजन क्षेत्र का उपयोग करें।

  • उचित प्रकाश व्यवस्था करें – कार्य स्थलों पर सामान्य एवं विशेष प्रकाश का संयोजन आरामदायक वातावरण बनाएगा।

  • �र्ध्वाधर जगहों का उपयोग करें – दीवार पर लगे कैबिनेट, चुम्बकीय चाकू/मसाला धारक आदि से हर इंच जगह का उपयोग किया जा सकता है。

**क्या ध्यान रखें:**
  • बिजली/पाइपलाइन व्यवस्थाओं को स्थानांतरित करने से पहले इंजीनियर से सलाह लें।

  • गलियारे की चौड़ाई ऐसी होनी चाहिए कि वहाँ आराम से खाना पकाया जा सके एवं चला जा सके।

  • ध्वनि-नियंत्रण की व्यवस्था करें, ताकि रसोई से आने वाली आवाज़ अन्य कमरों में न पहुँचे।

    **बालकनी पर शयनकक्ष:** बालकनी आमतौर पर अनावश्यक सामान रखने की जगह होती है… लेकिन इसे एक आरामदायक शयनकक्ष में भी बदला जा सकता है! **क्यों यह काम कर सकता है:**
    • प्राकृतिक प्रकाश एवं ताज़ी हवा स्वस्थ नींद में मदद करते हैं。

    • मुख्य अपार्टमेंट से अलग होने के कारण निजता भी बनी रहती है।

    • खिड़की से मिलने वाला प्राकृतिक दृश्य नींद को और भी आरामदायक बनाता है。

    **कैसे लागू करें:**
    • बालकनी को ठीक से इंसुलेट करें, ताकि वहा साल भर आराम से रहा जा सके।

    • अच्छी ध्वनि-नियंत्रण वाली खिड़कियाँ लगाएँ।

    • वेंटिलेशन की व्यवस्था करें, ताकि नमी एवं कपड़े सड़ें नहीं।
    • �ोटा सा बिस्तर या मोड़ने योग्य बिस्तर चुनें।

    • सामान रखने हेतु उचित जगह व्यवस्थित करें – बिस्तर के नीचे या दीवार पर।

    • प्रकाश को नियंत्रित करने हेतु मोटी छाँवें लगाएँ।

    **क्या ध्यान रखें:**

      क्या बालकनी को शयनकक्ष में बदलने से कोई कानूनी परेशानी होगी, इस बारे में पहले ही जाँच लें।

      यह भी सुनिश्चित करें कि बालकनी की संरचना अतिरिक्त भार वहन कर सके।

      यदि आप गर्मी चाहते हैं, तो उष्णता नियंत्रण व्यवस्था लागू करें।

      **कानूनी पहलू:** कोई भी बड़ा परिवर्तन करने से पहले इसके कानूनी पहलुओं को अवश्य जाँच लें:
      • अपार्टमेंट में कोई भी परिवर्तन करने से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना आवश्यक है।

      • कमरों के उपयोग को बदलने हेतु अतिरिक्त परमिट आवश्यक हो सकते हैं।

      • बालकनी में कार्यशाला या अन्य उपकरण लगाने से पहले भी विशेषज्ञों से सलाह लें।

      **वित्तीय पहलू:** असामान्य व्यवस्थाएँ आपके अपार्टमेंट की कीमत को बढ़ा सकती हैं… लेकिन इनसे बिक्री में भी परेशानी हो सकती है। **क्या ध्यान रखें:**

        अगर आप भविष्य में अपार्टमेंट बेचने की सोच रहे हैं, तो पहले ही यह जाँच लें कि क्या कमरों को मूल रूप में वापस बदलना संभव होगा।

        किसी भी परिवर्तन से पहले परिवार के सदस्यों की राय जरूर लें।

        **अन्य गैर-पारंपरिक विकल्प:** अगर गलियारे में रसोई या बालकनी पर शयनकक्ष बनाने के विचार आपको अत्यधिक रूढ़िवादी लगते हैं, तो नीचे कुछ अन्य विकल्प भी हैं:
        • दो मंजिला अपार्टमेंट में सीढ़ियों के नीचे कार्यस्थल।

        • लिविंग रूम में छुपा हुआ शयनकक्ष।

        • बालकनी पर वॉशरूम।

        • �रवाजों के ऊपर सामान रखने हेतु जगह।

        **निष्कर्ष:** आपका घर… आपके नियमों के अनुसार ही होना चाहिए! गैर-पारंपरिक व्यवस्थाएँ केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि आपकी जिंदगी को आरामदायक बनाने हेतु हैं… इनसे प्रत्येक सेन्टीमीटर का उपयोग किया जा सकता है, एवं ऐसा घर बनाया जा सकता है जो आपकी जीवनशैली के अनुरूप हो। **याद रखें…** कोई भी उपाय सभी के लिए उपयुक्त नहीं होता। अगर कोई विचार आपको अजीब लगता है, तो भी इसे आजमाकर देखें… सलाह लें, अनुभवों को देखें… एवं सबसे महत्वपूर्ण बात – अपनी इच्छाओं पर ही ध्यान दें। **आपका घर… आपका निजी स्थान है… वह जगह, जहाँ आपको आराम एवं स्वतंत्रता महसूस होनी चाहिए।** **अगर इसके लिए बालकनी पर बिस्तर रखना या स्टोव को गलियारे में ले जाना आवश्यक है… तो क्यों नहीं?** **क्योंकि सबसे अच्छे विचार तो पहले “पागलपन” ही होते हैं…** **कौन जानता है… शायद आपका ही विचार भविष्य में इंटीरियर डिज़ाइन का नया रुझान बन जाए?** **कवर डिज़ाइन:** मारина Сутырина

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