पहले और बाद में: एक 38 वर्ग मीटर के स्टूडियो का पुनर्डिज़ाइन (“Before and After: Redesigning a 38-square-meter studio in a panel house.”)
नाडेज़्दा याश्चेंको ने ग्राहक की मदद से पुराने अपार्टमेंट को पूरी तरह से डिज़ाइन फिर से करके उसे आरामदायक एवं कार्यात्मक आवास में बदल दिया।
नादिज़्दा याश्चेंको ने 1960 के दशक के एक सामान्य पैनल हाउस में एक स्टूडियो डिज़ाइन किया, जिसे किराए पर दिया जाना था। इस रीनोवेशन के लिए बजट काफी कम था एवं समय-सीमा भी बहुत कम थी। हम आपको इस रीनोवेशन के विवरण बताते हैं。
रीनोवेशन से पहले की रसोई:
रसोई की व्यवस्था बहुत ही साधारण थी – सभी फर्निचर एक ही दीवार पर लगे हुए थे। पुराने फर्निचर, गैर-एकीकृत उपकरण एवं वॉशिंग मशीन भी जगह घेर रही थी। लक्ष्य यह था कि इस जगह का अधिक कार्यात्मक उपयोग किया जाए एवं इसमें एक आराम का क्षेत्र भी बनाया जाए।

रीनोवेशन के बाद की रसोई:
रसोई की व्यवस्था ‘P’ आकार में की गई। एक ही दीवार पर निचले एवं ऊपरी कैबिनेट लगाए गए, जबकि बाकी हिस्से में केवल निचले कैबिनेट ही थे, जो एक बार काउंटर में बदल गए। रसोई में इंटीग्रेटेड फ्रिज, ओवन एवं दो-बर्नर वाला कुकटॉप भी था।

रसोई में एक छोटा सा सोफा भी रखा गया। सभी दीवारों पर रंगीन वॉलपेपर लगाए गए। चूँकि अपार्टमेंट छोटा था, इसलिए केवल एक ही मुख्य रंग – ग्रे – का उपयोग किया गया। रसोई की एक दीवार पर फ्रेस्को भी बनाया गया, जिसका रंग कैबिनेटों के रंग से मेल खाता था।

रीनोवेशन के बाद का एंट्री हॉल:
एंट्री हॉल में फर्श के लिए काले-सफेद टाइलें चुनी गईं, एवं अन्य कमरों की तरह ही ग्रे रंग का पेंट लगाया गया। स्थान को बड़ा दिखाने हेतु एंट्री दरवाजे में दर्पण भी लगाए गए। प्रकाश के लिए स्पॉटलाइटों का उपयोग किया गया।








