8 शानदार टिप्स – एक साधारण इंटीरियर को डिज़ाइनर शैली में बदलने हेतु

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आर्किटेक्ट तात्याना ग्रिगोरीयेवा ने अपनी सहकर्मी आर्किटेक्ट सोंड्रा बैलोइयन के साथ मिलकर अपने परिवार के लिए एक तीन कमरों वाला अपार्टमेंट सजाया। हमने ऐसे कई दिलचस्प तत्वों को एकत्र किया, जो एक डिज़ाइनर इंटीरियर को साधारण इंटीरियर से अलग बनाते हैं… ध्यान से पढ़ें。

**छत तक फैला किचन कैबिनेट** सिर्फ़ कैबिनेट को छत तक ले जाना ही पर्याप्त नहीं है… छत की किनारी पर सुंदर डिज़ाइन भी आवश्यक है, ताकि धूल न जमे।

**कैबिनेटों की सममित व्यवस्था** डिज़ाइनर किचन में कैबिनेटों की सममित व्यवस्था होती है… ऐसा करने से इंटीरियर में सामंजस्य आ जाता है। इस परियोजना में ऊपरी पंक्ति में कैबिनेटों की सममित व्यवस्था की गई… ऐसा करने से माइक्रोवेव ओवन भी सही जगह पर रह गया।

**जीवन-परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फर्नीचर की व्यवस्था** डिज़ाइनरों ने मेज़ की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया… सामान्य दिनों में मेज़ को खिड़की के पास रखा जा सकता है, जबकि पार्टी के दौरान उससे जगह छुटाकर नाचने में इस्तेमाल किया जा सकता है… अगर दोस्ताना डिनर हो, तो मेज़ को बीच में रखकर सजाया जा सकता है… मेज़बान ने यहाँ एक “औपचारिक” चैन्डलीर भी लगाया।

**भार वहन करने वाली दीवारों पर सजावट** कई अपार्टमेंटों में भार वहन करने वाली दीवारें पहले से ही मौजूद होती हैं… उन्हें हटाना संभव नहीं है… लेकिन उनका उपयोग सजावट के लिए भी किया जा सकता है… उदाहरण के लिए, उन पर शेल्फ या सजावटी वस्तुएँ रखी जा सकती हैं… कुछ लोग तो इस उद्देश्य से जानबूझकर विभाजन भी कर देते हैं।

**खाली जगहों का गैर-मानक उपयोग** कुछ लोग कह सकते हैं कि यह तो सिर्फ़ एक “साधारण” लिविंग रूम ही है… लेकिन देखिए, भार वहन करने वाली दीवार के पीछे की जगह कैसे सुंदर ढंग से उपयोग में आ रही है… एक आरामदायक सोफा एवं साइडबोर्ड भी वहीं रखे गए हैं… ऐसा करने से कम से कम कोई “आराम का क्षेत्र” तो मिल जाता है।

**समान रंगों का उपयोग** शयनकक्ष के लिए रंग चुनते समय ध्यान दें कि प्रकाश कैसे पड़ रहा है… इस परियोजना में डिज़ाइनरों ने ऐसे रंग चुने, जिससे कोई “अंधेरा क्षेत्र” न हो… दीवारों पर गहरे जैतूनी रंग का उपयोग किया गया, जबकि छायाओं में हल्के रंग।

**हर इंच जगह का समझदारी से उपयोग** तकनीकी दृष्टि से तो बिल्डरों को सभी निचोड़ों को ढकना आसान लगता है… लेकिन डिज़ाइनरों के कार्य में हर इंच जगह का समझदारी से उपयोग किया जाता है।

**दृश्यमान अव्यवस्था से बचना** डिज़ाइनरों को दृश्यमान अव्यवस्था पसंद नहीं होती… छोटी-मोटी वस्तुएँ कैबिनेटों या दराजों में रख दी जानी चाहिए… तकनीकी विवरण भी दीवार के रंग के हिसाब से रंगे जा सकते हैं।

**सुंदर एवं सामंजस्यपूर्ण इंटीरियर** डिज़ाइनरों के प्रयासों से हमें एक सुंदर, सामंजस्यपूर्ण एवं आरामदायक इंटीरियर मिलता है… ऐसे इंटीरियर में कोई “अव्यवस्था” नहीं होती… सब कुछ सुनियोजित एवं सुंदर ढंग से रखा जाता है।