इनटीरियर में कॉर्निस का उपयोग: फायदे एवं नुकसान। आप क्या चुनेंगे?

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हम ऐसे इंटीरियरों के उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, जहाँ कॉर्निस डेकोर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है; आप खुद तय कर सकते हैं कि यह डेकोर क्षेत्र में सहज रूप से फिट होता है या नहीं।
**आंतरिक कॉर्निस एवं मोल्डिंग्स फिर से लोकप्रिय हो रही हैं।** डिज़ाइनर आधुनिक इन्टीरियरों को और अधिक सुंदर बनाने हेतु कॉर्निस डेकोर का उपयोग कर रहे हैं; उदाहरण के लिए, कम छतों की कमी को दूर करने या स्थान को दृश्य रूप से अधिक सुसंगत बनाने हेतु। हमने कुछ ऐसी परियोजनाएँ चुनी हैं, जिनमें मोल्डिंग्स, सॉकेट्स एवं अन्य कॉर्निस डेकोर तत्वों का उपयोग किया गया है: **मॉस्को में ‘थेरेपी अपार्टमेंट’:** एक बच्चे वाले परिवार के लिए डिज़ाइन किए गए इस फ्लैट में डिज़ाइनर सर्ज माखोव ने शांत, धूसर रंगों की पेंटिंग के साथ-साथ सजावटी मोल्डिंग्स एवं ऊँची बेसबोर्ड्स का उपयोग किया। कॉर्निस पर लगे सॉकेट्स ने कॉरल-ग्लास की छतरियों को और अधिक सुंदर बना दिया। यदि छत पूरी तरह समतल होती, तो यह डेकोर अत्यधिक अलंकृत लगता। **डिज़ाइन: सर्ज माखोव** **चेस-प्लेयर का अपार्टमेंट:** इस अपार्टमेंट के मालिक चेस खिलाड़ी हैं; डिज़ाइनर करीना रिमिक ने ऐसी सामग्रियों एवं डिज़ाइनों का उपयोग किया, जो उनके शौक को पूरी तरह दर्शाते हों। अनेक आधुनिक परियोजनाओं में कोई विशिष्ट स्टाइलिस्टिक दिशा नहीं होती; बल्कि ग्राहक की व्यक्तिगत पसंदें ही डिज़ाइन का आधार बनती हैं। **डिज़ाइन: करीना रिमिक** **एक युवा महिला के लिए आधुनिक स्टूडियो अपार्टमेंट:** यह एक जीवंत, आधुनिक अपार्टमेंट है; केवल 40 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल एवं 2.5 मीटर की छत के कारण डिज़ाइनरों ने कॉर्निस डेकोर के तत्वों का सावधानीपूर्वक उपयोग किया। चूँकि छत पर मोटी मोल्डिंग है, इसलिए दीवारों एवं छत के बीच की सीमा धुंधली हो जाती है; इस कारण छत दृश्य रूप से अधिक ऊँची लगती है। **डिज़ाइन: वन लाइन डिज़ाइन** **सेंट पीटर्सबर्ग में अपार्टमेंट:** ‘मैलित्स्की स्टूडियो’ के डिज़ाइनरों ने इस अपार्टमेंट में न्यूनतम सजावट ही की। दीवारों पर मोल्डिंग्स लगाई गईं, एवं उन्हें हल्के धूसर रंगों में रंगा गया। **डिज़ाइन: ‘मैलित्स्की स्टूडियो’** **चेल्याबिंस्क में अपार्टमेंट:** एक किशोर पुत्र वाले परिवार के लिए डिज़ाइनर नादिया किसेल्यकोवा ने आधुनिक शैली में सजावट की। लिविंग रूम एवं रसोई के बीच स्लाइडिंग दरवाजे लगाए गए, ताकि स्थान का विभाजन किया जा सके। छह खंभों पर पॉलीयूरेथेन से बनी मोल्डिंग्स लगाई गईं, ताकि वे इन्टीरियर का हिस्सा बन सकें। **डिज़ाइन: नादिया किसेल्यकोवा** **तागांका स्ट्रीट पर स्थित स्टूडियो अपार्टमेंट:** इस अपार्टमेंट में डिज़ाइनर वलेरिया डैन’कोवा ने हाथ से बनाए गए वॉलपेपर एवं मार्बल जैसी काँच की सामग्रियों का उपयोग किया। दीवारों पर लगी मोल्डिंग्स ने कमरे को आकार में बड़ा दिखाई देने में मदद की। **डिज़ाइन: वलेरिया डैन’कोवा** **विषय-संबंधी टिप्पणी:** पुस्तक के कवर पर “वन लाइन डिज़ाइन” की एक परियोजना दर्शाई गई है।