डाचा पर गर्मियों में शॉवर की व्यवस्था कैसे करें: 5 आइडियाँ
एक गर्म ग्रीष्मकालीन दिन में, विशेषकर डाचा पर काम करने के बाद, हमेशा ही ठंडा होने की इच्छा होती है। हालाँकि, घर में पूरी तरह से नहाना हमेशा संभव नहीं होता। ऐसी स्थिति में, बाहरी शावर काम आता है, जिसे हर कोई खुद ही बना सकता है。
इसे विभिन्न तरीकों से बनाया जा सकता है, लेकिन कुछ मूलभूत घटक हमेशा ही समान रहते हैं – जैसे कि फ्रेम, ढक्कन, टैंक एवं पैड। हालाँकि, इनको जोड़ने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं।
**तैयारी:** ग्रीष्मकालीन शावर को लकड़ी, धातु की पट्टियों या विभिन्न प्रकार की प्लास्टिक से बनाया जा सकता है। ढकावे के लिए प्लास्टिक की पट्टियाँ, बोर्ड या वॉटरप्रूफ फिल्म का उपयोग किया जा सकता है。
**संयोजन के दौरान ध्यान रखें:** शुरू में ही यह तय कर लें कि कितने लोग इसका उपयोग करेंगे एवं कितनी बार। इस आधार पर ही टैंक का आकार एवं ड्रेन व्यवस्था तय करें। यदि संभव हो, तो शावर के साथ बदलने के लिए कमरा भी लगाएँ, ताकि कपड़े गीले न हों।
**स्थान चुनें:** शावर को ऐसी जगह पर लगाएँ जहाँ जल जल्दी से सूख जाए, ताकि टैंक में पानी जल्दी गर्म हो सके।
**आवश्यक सामान:** - 110 लीटर का टैंक - 200 लीटर का टैंक (हीटिंग वाला) - शावर होस, जिसमें नल भी हो - “Vitality” नामक शावर इकाई
**अवधि के आधार पर सामान:** यदि शावर का उपयोग कम हो, तो पैड के नीचे एक ड्रेन लेयर पर्याप्त होगा। लेकिन यदि कई लोग प्रतिदिन इसका उपयोग करें, तो सेप्टिक टैंक आवश्यक होगा। इसके बगल में नमी-प्रेमी पौधे लगाएँ, ताकि पानी सहज रूप से निकल जाए।
**निर्माण के विकल्प:** शावर का निर्माण पाँच आसान तरीकों से किया जा सकता है – लकड़ी से, पॉलीकार्बोनेट से, ईंटों से आदि।







