सोवियत इंटीरियर से प्राप्त 5 ऐसे डिज़ाइन तत्व, जो हमारे अपार्टमेंटों में भी आज भी प्रयोग में हैं…
सोवियत शैली, उसकी सारी खूबसूरती एवं विविधता के साथ, लगभग हर किसी को पसंद नहीं है… और जैसे ही मौका मिलता है, लोग इसे तुरंत हटाने की कोशिश करते हैं। हमने सोवियत आंतरिक डिज़ाइन पर एक अलग दृष्टिकोण से विचार किया, एवं ऐसी अवधारणाओं को एकत्र किया जिनका आज भी उपयोग हो रहा है。
**अतिरिक्त भंडारण हेतु “एंट्रेसोल”**
**तब:** सोवियत काल में, हर मानक अपार्टमेंट में गलियारे में “एंट्रेसोल” होता था… जबकि इससे छत की ऊँचाई काफी कम हो जाती थी, लेकिन यह दुर्लभ रूप से उपयोग होने वाली वस्तुओं को रखने में बहुत काम आता था。
**अब:** पुराने अपार्टमेंटों की मरम्मत के दौरान “एंट्रेसोल” अक्सर हटा दिया जाता है… लेकिन चूँकि यह व्यवस्था अभी भी कार्ययोग्य है, इसलिए डिज़ाइनरों ने इसके नए उपयोग खोज लिए हैं… जैसे कि दरवाजों के ऊपर, रसोई में, या बेडरूम में भी ऐसी अलमारियाँ लगाई जा सकती हैं。

**बाथरूम एवं रसोई के बीच “खिड़की”**
**तब:** सोवियत काल में, नई इमारतों में बिजली की आपूर्ति अक्सर अनिश्चित होती थी… इसलिए बाथरूम का उपयोग सुविधाजनक बनाने हेतु छत में “स्काईलाइट” लगाई जाती थी… दिन के समय रोशनी इसी खिड़की से आती थी।
**अब:** आधुनिक डिज़ाइनरों ने इस व्यवस्था को और भी विकसित किया है… उन्होंने “स्काईलाइट” को बड़ा करके बेडरूम में ही लगा दिया है… ऐसा करके छोटे अपार्टमेंटों में कमरों का सही विभाजन संभव हो गया है。

**डिज़ाइन: एलेना मार्टिन्यूक**
**बाथरूम में टाइल, आधी दीवार तक…**
**तब:** पैसों की बचत हेतु, बाथरूमों में टाइल सिर्फ “स्प्लैश जोन” तक ही लगाई जाती थी… बाकी दीवार प्लास्टर से ही ढकी जाती थी।
**अब:** लगभग कुछ भी नहीं बदला है… डिज़ाइनर अभी भी ऐसी व्यवस्था का उपयोग करते हैं, जब उन्हें कम बजट में ही सब कुछ करना हो… लेकिन फिर भी वे टाइलों का पूरी तरह उपयोग करते हैं।

**डिज़ाइन: पोर्ट रूज**
**बिना शेड वाले लाइट फिक्सचर…**
**तब:** “इलिच बल्ब” को गरीबी का प्रतीक माना जाता था… हर कोई साधारण शेड भी खरीदने में सक्षम नहीं होता था, एवं शेड भी हमेशा उपलब्ध नहीं होते थे।
**अब:** आजकल यही एक ट्रेंड बन गया है… लगभग सभी निर्माता “बिना शेड वाले” बल्ब उत्पन्न कर रहे हैं… डिज़ाइनर अपनी परियोजनाओं में ऐसे बल्बों का ही उपयोग करते हैं。

**डिज़ाइन: नास्त्या एंटोनिउक**
**मॉड्यूलर फर्नीचर…**
**तब:** क्रुश्चेव-युग के अपार्टमेंटों में, छोटी रसोईयों हेतु संक्षिप्त एवं बहुउद्देश्यीय फर्नीचर की आवश्यकता थी… 1970 के दशक में “मॉड्यूलर रसोई इकाइयाँ” उपलब्ध होने लगीं… जिन्हें व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार जोड़ा जा सकता था।
**अब:** डिज़ाइनरों एवं घर मालिकों के पास “मॉड्यूलर फर्नीचर” हेतु पूरी स्वतंत्रता है… ऐसे फर्नीचर मार्केट से खरीदे जा सकते हैं, या व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार बनवाए भी जा सकते हैं。

**डिज़ाइन: यूडी बेस**
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