कोने वाली अलमारियाँ

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शहरी अपार्टमेंटों एवं कृषि इलाकों में स्थित घरों के मालिक अक्सर खाली जगहों के उचित उपयोग के बारे में सोचते हैं; इसलिए वे कोनों पर अलमारियाँ लगवा देते हैं.

बड़े कमरों के लिए, कोने में लगी वार्ड्रोब ही सबसे उपयुक्त विकल्प है; इनमें पूरे परिवार के सामान को आसानी से रखा जा सकता है। छोटे अपार्टमेंटों में तो अक्सर कोने वाली स्लाइडिंग वार्ड्रोब ही लगाई जाती हैं, जिससे छोटे भी कमरे आराम से सजा जा सकते हैं。

**फायदे एवं विशेषताएँ:**

कमरे में कोने वाली वार्ड्रोब के निम्नलिखित फायदे हैं:

  1. इसमें कई शेल्फ, दराजे एवं अन्य भाग होते हैं, जिससे सामान को आसानी से रखा जा सकता है。
  2. �ो दीवारें ही पीछे की दीवारों के रूप में काम करती हैं, जिससे सामग्री पर काफी बचत होती है。
  3. कोने वाली वार्ड्रोब का मध्य भाग पहनावे के लिए उपयुक्त होता है; इसलिए वहाँ एक पूर्ण-लंबाई वाला आयना लगाना आवश्यक है, ताकि पहनावे करने में सुविधा हो।
  4. इसकी लंबाई अनुसारित की जा सकती है; ऐसे में कमरे के दोनों छोरों पर लगी दरवाजों के बीच का स्थान भी उपयोग में आ सकता है。
  5. स्लाइडिंग दरवाजे या खुले भंडारण तंत्र भी उपयोग में लाए जा सकते हैं, जिससे कमरे में विशेष वातावरण बन सकता है。

हालाँकि यह प्रकार की वार्ड्रोबों के कुछ नुकसान भी हैं; जैसे, इनकी कीमत अधिक होती है, इसलिए केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोग ही इन्हें खरीद पाते हैं। इन्हें दीवारों पर लगाने हेतु कई छेद करने पड़ते हैं, जिससे कुछ अतिरिक्त परेशानी भी हो सकती है。

**डिज़ाइन:** जूलिया फाल्कोवा, स्टूडियो ‘बेलवड होम’

कपड़ों के लिए कोने वाली वार्ड्रोब चुनते समय डिज़ाइन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है; क्योंकि इसकी दिखावट पूरी तरह से दरवाजों के डिज़ाइन पर निर्भर है। वर्तमान में इनके निर्माण हेतु निम्नलिखित सामग्रियों का उपयोग किया जाता है:

  1. पार्टिकल बोर्ड (DSP) एवं मीडियम-डेंसिटी फाइबरबोर्ड (MDF): ये सामग्रियाँ किफायती हैं, एवं इनके रंग एवं बनावट भी विकल्पों में उपलब्ध हैं।
  2. काँच: दरवाजों हेतु मोटा काँच ही उपयोग में आता है; इसे निर्माण के दौरान विशेष थर्मल उपचार भी दिया जाता है।
  3. आयने: यह सामग्री कमरे को दृश्य रूप से बड़ा दिखाने में मदद करती है; आयनों पर विभिन्न रंग, पैटर्न एवं अन्य सजावटी तत्व भी लगाए जा सकते हैं。

कोने वाली वार्ड्रोबों पर फोटोग्राफिक प्रिंट भी किए जा सकते हैं; आधुनिक दरवाजों में तो कई सामग्रियों का संयोजन भी किया जा सकता है।

**कहाँ लगाएँ:** कोने वाली वार्ड्रोब न केवल शयनकक्ष में, बल्कि बच्चों के कमरे एवं गलियारों में भी लगाई जा सकती है। इसके लिए कमरे में उपयुक्त आकार का कोना होना आवश्यक है; कमरे में कम से कम 3 वर्ग मीटर का खाली स्थान होना आवश्यक है। इस प्रकार की वार्ड्रोबें कई मानक अपार्टमेंटों में भी उपयोग में आ सकती हैं; इनके लिए केवल शेल्फ एवं दराजे ही लगाने पड़ते हैं, तथा दरवाजों पर सुंदर डिज़ाइन भी किया जा सकता है।

**समाधान:** कोने वाली वार्ड्रोब कोई भी आकार में बनाई जा सकती है; शहरी अपार्टमेंटों एवं ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग अक्सर इन्हीं को पसंद करते हैं। कोने वाली वार्ड्रोबों का मुख्य फायदा यह है कि इनके द्वारा सभी खाली स्थानों का उपयोग किया जा सकता है; चाहे कमरा कितना भी जटिल हो।

आजकल निवासीय क्षेत्रों में निम्नलिखित प्रकार की कोने वाली वार्ड्रोबें उपलब्ध हैं:

  1. ‘g’ आकार की – ऐसी वार्ड्रोबें न केवल कोने में, बल्कि दो पास-पास लगी दीवारों पर भी लग सकती हैं।
  2. आयताकार – छोटे कमरों के लिए उपयुक्त हैं।
  3. त्रिभुजाकार – ये थोड़ी अधिक जगह घेरती हैं, लेकिन कमरे में स्थान उपलब्ध होना आवश्यक है।
  4. पंचभुजाकार – बड़े कमरों के लिए उपयुक्त हैं; इनमें सभी आंतरिक स्थानों का उपयोग किया जा सकता है。

**उपयोगी सुझाव:** कोने वाली वार्ड्रोब चुनते समय डिज़ाइन पर विशेष ध्यान दें; क्योंकि इसकी दिखावट पूरे कमरे के डिज़ाइन को प्रभावित करती है।

**वीडियो:** …… (वीडियो संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं है।)