सितंबर में पौधों की देखभाल कैसे करें: छुट्टियों के बाद उन्हें थोड़ा आराम दें।
गर्मियों में पौधे गर्मी एवं छुट्टियों के दौरान दी जाने वाली देखभाल की कमी से पीड़ित होते हैं। अगर आपकी अनुपस्थिति में वे सूख गए हैं, तो उन्हें पुनः हाइड्रेट करना आवश्यक है ताकि वे पहले जैसे दिखने लगें। सबसे पहले मिट्टी की ऊपरी परत हटा दें, फिर पौधे को ध्यान से उसके कटोरे से निकाल लें (बिना जड़ों को नुकसान पहुँचाए)। अब इसे गर्म पानी में 10 मिनट तक भिगो दें, फिर उसे पुनः कटोरे में रखें एवं पत्तियों पर स्प्रे बोतल से पानी छिड़क दें।
पौधों को नए गमले में रोपने का समय
अगर आपने वसंत में पौधों को नए गमले में नहीं रोपा है, तो सितंबर इसके लिए एक अच्छा महीना है; क्योंकि इस समय न तो बहुत ठंडा होता है और न ही गर्म। सूखे पत्तों को हटाना एवं पुरानी शाखाओं को काटकर पौधों की देखभाल करना आसान हो जाता है。
शरद ऋतु में उगाए जाने वाले पौधे
ऐसे वार्षिक पौधे बोएं जो अगली वसंत में फूलें। पेटुनिया, डेज़ी, ज़िनिया या बेगोनिया जैसी किस्में चुनें। साथ ही, डैहलिया, लिली या अमेरिलिस जैसे बल्ब पौधे भी इस समय ही उगाएं; क्योंकि वे वसंत में फूलेंगे।
पौधों को उर्वरित करें
सितंबर में पौधों को अधिक पोषक तत्व देना आवश्यक है; ताकि वे शरद एवं शीतकाल में मजबूत रह सकें। इस समय पोटैशियम से भरपूर उर्वरकों का उपयोग करें。
सितंबर में उगाए जाने वाले पौधे
पिंटरेस्ट जानकारी: फिकस लाइराटाफिकस लाइराटा एक बहुत ही सजावटी उष्णकटिबंधीय पौधा है; इसके पत्ते हल्के हरे रंग के होते हैं। यह गर्म तापमान में ही अच्छी तरह उगता है, ठंडे मौसम को सहन नहीं कर पाता।
- पानी देना: मध्यम मात्रा में; हमेशा मिट्टी को नम रखें।
- �र्वरण: वसंत एवं गर्मियों में पौधों को पोषक तत्व देना आवश्यक है। हरी पत्ती वाले पौधों के लिए कम्पोस्ट का उपयोग करें।
- नए गमले में रोपना: जब पौधों की जड़ें निकलने लगें, तब उन्हें बड़े गमले में रोप दें।
हीमेरोकैलिस एक ऐसा पौधा है जो कम देखभाल में अच्छी तरह उगता है। इसके फूल नारंगी, गुलाबी या बैंगनी रंग के होते हैं एवं केवल एक ही दिन तक खिलते हैं।
- पानी देना: नियमित रूप से, खासकर फूलों के दौरान। फूलों एवं पत्तियों पर पानी न डालें।
- �र्वरण: बेहतर फूलने हेतु जैविक उर्वरकों का उपयोग करें।
- सुझाव: सितंबर में इस पौधे को विभाजित करके अलग-अलग गमलों में रोप दें।







