शानदार दृश्य – जिसे चीना रियल एस्टेट एंड इन्वेस्टमेंट कंपनी द्वारा शिजियाजुआंग में विकसित किया गया है.

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मूल पाठ:
चिकनी, प्रवाहमान आधुनिक डिज़ाइन; घुमावदार आर्किटेक्चरल तत्वों एवं सरल सफ़ेद फर्नीचर के साथ, जो शानदार आवासीय या व्यावसायिक स्थानों के लिए उपयुक्त है:

<p><strong>परियोजना: </strong>मैग्निफिसेंट व्यू
<strong>आर्किटेक्ट: </strong>गुआंझोउ जीबीडी डिज़ाइन
<strong>स्थान: </strong>शिजियाजुआंग, हेबेई प्रांत, चीन
<strong>फोटोग्राफी: </strong>बेनमो स्टूडियो</p><h2>गुआंझोउ जीबीडी द्वारा निर्मित “मैग्निफिसेंट व्यू”</h2><p>लोग किसी स्थान में ऊष्मा लाते हैं, एवं वह स्थान भी लोगों को आश्रय एवं यादें प्रदान करता है… मूल रूप से, आर्किटेक्चर लोगों को “अस्तित्व हेतु सहायता” प्रदान करता है.</p><h3><strong>किसी शहर का अस्तित्व उसकी यादों पर निर्भर है…</strong></h3><p>इस परियोजना का नाम चीनी भाषा में “नानजिंग ब्रोकेड” रखा गया… एक पारंपरिक कपड़ा, जो अपने धुंधले रंगों एवं जटिल पैटर्नों हेतु प्रसिद्ध है… चीन रियल एस्टेट एंड इन्वेस्टमेंट कंपनी ने इस परियोजना के माध्यम से शहर की ऐतिह्यिकता का सम्मान किया… “द फिफ्थ कॉटन मिल” – एक ऐसी कंपनी, जो देश के सर्वोत्तम कपड़ों का उत्पादन करती है.</p><p>यह “कॉटन मिल” कई पीढ़ियों से चीनी संस्कृति का हिस्सा रहा है… यह एक उदाहरण है कि कैसे कोई स्थान एक प्रतीकात्मक याद बन सकता है… यही “मिल”, “शहर” एवं “समाज” के बीच का संबंध है… आर्किटेक्चर, स्थान एवं लोगों के बीच एक “संवाद” है.</p><p>यह स्थान ऐसा लगता है, मानो डिज़ाइनर ने इसमें “एक काँच का बॉक्स” रखा हो… जिसके कारण “तैरती हुई आकृतियाँ” एवं “गतिशील मूर्तियाँ” बन गई हों… जो नानजिंग ब्रोकेड के पैटर्न या विशाल रेतीले ढेरों की याद दिलाती हैं… ऐसी आकृतियाँ समय को “जैविक संगीत” में बदल देती हैं.</p><p><img src=

कला में, अतीत एवं वर्तमान आपस में मिल जाते हैं… पुराना एवं नया एक अनोखा संवाद स्थापित करते हैं…

डिज़ाइनर ने प्रकृति एवं यादों से तत्व लेकर, उन्हें “लचीले घुमावदार पैटर्न” में प्रस्तुत किया… जिससे परिवेश में “कलात्मक तनाव” पैदा हुआ… यादें एवं भौतिक स्थान एक साथ जुड़ गए.

ये यादें हमारी आँखों के सामने ही “स्पष्ट रूप से” दिखाई देने लगीं… मानो वे “पतले रेशम के धागों” से बनी हों… असंख्य “उड़ते हुए धागे” दिन एवं रात को एक साथ जोड़कर एक “मूर्ति” बना देते हैं… ऐसी मूर्तियाँ अंतरिक्ष में विस्तृत रूप से फैली हुई हैं.

52 मीटर लंबी एवं 9 मीटर चौड़ी यह मूर्ति आकाश की ओर उठती हुई है… पूरे परिसर में फैली हुई है… इसकी प्रेरणा “चीनी ब्रोकेड” से ली गई… जो घूमते हुए, नाचते हुए, आपस में जुड़ते हुए, एक “अनंत चक्र” का रूप बनाती है… जो भविष्य की ओर इशारा करता है.

“हमने अंतरिक्ष का उपयोग ‘अतीत एवं भविष्य’ को जोड़ने हेतु किया… ऐसे दृश्यों में अतीत के अनोखे तत्व एवं भविष्य की महत्वपूर्ण कल्पनाएँ मिलकर ‘जीवन की सुंदरता’ को प्रदर्शित करती हैं…” – डिज़ाइनर ने कहा.

मैग्निफिसेंट व्यू… चीन रियल एस्टेट एंड इन्वेस्टमेंट कंपनी द्वारा शिजियाजुआंग में निर्मित

“समय” ही “मैग्निफिसेंट व्यू” का मूल सार है…

डिज़ाइनर ने “मैग्निफिसेंट व्यू” को परिभाषित करने हेतु एक अनोखी “कलात्मक भाषा” का उपयोग किया… इस रचनात्मक दृष्टिकोण ने एक ऐसा “विशेष स्थल” बनाया, जो कलात्मक एवं सांस्कृतिक तत्वों से मिलकर बना है.

इस प्रकार, “घुमावदार पैटर्न” पूरे स्थान को घेरते हैं… समय के विभिन्न हिस्सों को एक साथ जोड़ देते हैं… कई विचारों को एक ही रूप में प्रस्तुत कर देते हैं… ऐसा लगता है, मानो यह एक “महान ऑपेरा” हो… जिसकी शुरुआत एक अनोखे प्रस्तावना-भाग से हुई हो.

मैग्निफिसेंट व्यू… चीन रियल एस्टेट एंड इन्वेस्टमेंट कंपनी द्वारा शिजियाजुआंग में निर्मित

अपनी कल्पना को जगाएँ… “मैग्निफिसेंट व्यू” को अपने मन में स्वीकार करें…

मुख्य मूर्ति के अतिरिक्त, एक कलात्मक सीढ़ियाँ भी हैं… जो “समय-सुरंग” में प्रवेश का प्रतीक हैं… इन सीढ़ियों के बीच में “टाइम शटल” नामक एक विशेष व्यवस्था है.

डिज़ाइनर ने परियोजना का मुख्य कार्यात्मक क्षेत्र भूमिगत ही बनाया… वहाँ आकाश एवं झीलों जैसी परावर्तक सतहें हैं… जिनके कारण दृश्य में गहराई आ जाती है… इस क्षेत्र में लाउंज, बुक-बार आदि हैं… जो “समय” एवं “ज्यामितीय आकृतियों” के बीच संबंध को दर्शाते हैं.

पूरा स्थान “पवित्रता” एवं “शांति” से भरा हुआ है… यहाँ की जीवन-शैली में कविता, वाइन, फूल एवं चाय की महत्वपूर्ण भूमिका है… रिदम, नरमता एवं सामाजिक मिलन-जुलन हेतु आरामदायक परिस्थितियाँ भी हैं…

“क्लब-हाउस”, घर का ही विस्तार है… यहाँ एक अनोखा “दृश्य” भी है… जो सामाजिक मेल-मिलाप को और बेहतर बनाता है… इस बार, “स्पूल” ही इस स्थान का प्रमुख कलात्मक प्रतीक है… यह “स्पूल” छत से लटका हुआ है… एवं आसपास के “ज्ञान-समुद्र” से निकलने वाली रोशनी को एकत्र करता है.

इस प्रकार, डिज़ाइनर ने इस स्थान को “कुतूहल” एवं “रचनात्मकता” का प्रतीक बना दिया… यह स्थान, यादों को जगाने एवं उन्हें आकार देने हेतु एक “साधन” है… यह स्थान, “समय में जमी हुई एक नृत्य-रचना” की तरह लगता है… जो किसी भी समय फिर से शुरू हो सकती है… ऐसी रचनाएँ, वस्तुओं को “जीवंत एवं अर्थपूर्ण इकाइयों” में बदल देती हैं.

डिज़ाइनर की आशा है कि वह “वास्तविक समय” एवं “कल्पनित समय” के बीच एक “कलात्मक संवाद” स्थापित कर पाएगा… जिससे मेहमानों को भविष्य से संबंधित अनंत संभावनाएँ मिल सकें… भोज, मीटिंगें या आधुनिक रात्रि-कार्यक्रमों में…

-परियोजना का विवरण एवं चित्र गुआंझोउ जीबीडी डिज़ाइन द्वारा प्रदान किए गए हैं.

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