पुराना अपार्टमेंट: बाथरूम की परिवर्तन से पहले एवं बाद की हालत
एक छोटे स्थान में सभी आवश्यक सुविधाओं को अधिकतम रूप से उपलब्ध कराया गया है!
1960 के दशक में बना यह दो बेडरूम वाला अपार्टमेंट डिज़ाइनर पावेल फोतीएव के ध्यान में आया, और उन्होंने “डोपामाइन स्टाइल” से प्रेरित होकर इसमें बदलाव किए। पावेल ने चमकीले रंगों एवं सकारात्मक सजावटी तत्वों का उपयोग करके इस अपार्टमेंट को एक अनूठा स्थान बना दिया। हम आपको दिखाएंगे कि बाथरूम में किए गए बदलावों से क्या परिणाम हुए।

पुराना बाथरूम एक उदास एवं असुविधाजनक कमरा था। दीवारों पर लगे सफेद टाइल एवं पेंट बहुत ही खराब दिख रहे थे; पुरानी प्लंबिंग की वजह से कमरा उपेक्षित लग रहा था। सभी फिटिंग्स सीधे दिखाई दे रही थीं, जिससे कमरे में कोई सौंदर्य नहीं था。
आंतरिक डिज़ाइन में हुए बदलावों के बाद बाथरूम में नाटकीय परिवर्तन आ गया। सोच-समझकर किए गए डिज़ाइन बदलावों की वजह से बाथरूम काफी बड़ा लगने लगा। अलग-अलग रंगों के टाइलों का उपयोग किया गया; दीवारों एवं फर्श पर चमकीले रंग एक सुखद वातावरण पैदा करते हैं, जिससे मन उत्साहित हो जाता है एवं रोजमर्रा की क्रियाएँ भी आनंददायक लगने लगती हैं。







