“मानक लिविंग रूम में यूरोपीय, अनोखे सजावटी तत्व… एक पेशेवर विचार!” - Дизайн интерьера дома и квартиры - REMONTNIK.PRO

“मानक लिविंग रूम में यूरोपीय, अनोखे सजावटी तत्व… एक पेशेवर विचार!”

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इस अंदरूनी हिस्से को जंगली जानवरों एवं उष्णकटिबंधीय पौधों से सजाते हुए, हम क्लासिक यूरोपीय तत्वों को भी नहीं भूलते… हम बताते हैं कि कैसे एक कॉलोनियल शैली में लिविंग रूम को सजाया जाए।

उपनिवेशिक शैली में डिज़ाइन किए गए इंटीरियर पूरी तरह से विविधतापूर्ण होते हैं। ऐसे इंटीरियर में संतुलन बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि वे किची शैली में न बदल जाएँ। हम डिज़ाइनरों की सलाह का उपयोग करके ऐसा संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं, एवं “हॉफ फर्नीचर हाइपरमार्केट” से प्रेरणा लेते हैं।

अन्ना बाराल्डी एक डिज़ाइन विशेषज्ञ, सजावट करने वाली व्यक्ति हैं, एवं “बाराल्डी किड्स” नामक बच्चों के लिए टेक्सटाइल उत्पाद बनाने वाली कंपनी की संस्थापक भी हैं।

**शैली की बुनियादी विशेषताएँ:** उपनिवेशिक शैली मध्यकालीन यूरोप में विकसित हुई। उस समय दुनिया चार प्रमुख शक्तियों – इंग्लैंड, स्पेन, पुर्तगाल एवं अमेरिका – के शासन में थी, एवं उनके उपनिवेश हर महाद्वीप पर मौजूद थे। विजेता देशों ने अपने साथ नए भाषाएँ, कानून, लाइफ़स्टाइल एवं इंटीरियर डिज़ाइन भी लेकर आए; ये सभी धीरे-धीरे उपोष्णकटिबंधीय परिस्थितियों में अनुकूल हो गए। इसी कारण उपनिवेशिक शैली बहुत ही विविधतापूर्ण एवं पारंपरिक है – यह जातीय विशेषताओं एवं विदेशी तत्वों का सम्मिलन है, लेकिन इनका उपयोग केवल परीक्षण की गई क्लासिक शैलियों के साथ ही किया जाता है।

**उपनिवेशिक इंटीरियर में विदेशी तत्वों का महत्व:** उपनिवेशिक इंटीरियर में विदेशी तत्वों का बहुत ही महत्व है। प्रकृति के प्रति गहरा प्यार एवं अनूठी रचनात्मकता ही इस शैली की मुख्य विशेषताएँ हैं। इसके प्रमाण स्वरूप रंगों की समृद्ध पैलेट एवं विभिन्न प्रकार के सजावटी तत्व हैं; प्रत्येक रंग का अपना अर्थ होता है – उदाहरण के लिए, नीला समुद्र का प्रतीक है, बेज रंग रेत का, एवं हरा उपोष्णकटिबंधीय जंगलों का।

**मिनिमलिस्ट डिज़ाइन एवं सामग्रियाँ:** उपनिवेशिक शैली में मिनिमलिस्ट डिज़ाइन एवं सादी सामग्रियों का भी उपयोग किया जाता है; जैसे कि सफेद प्लास्टिक या चमकदार एमडीएफ सतहें। ऐसे इंटीरियर आधुनिक भी लगते हैं।

**विदेशी तत्वों का संयम:** उपनिवेशिक इंटीरियर में विदेशी तत्वों का उपयोग करते समय संयम बरतना आवश्यक है। पहले उपनिवेशवासी नए देशों में जो कुछ भी देखते थे, उससे बहुत ही प्रभावित होते थे; लेकिन समय के साथ उन्हें अपने मूल देश यूरोप की याद आने लगी। इसी कारण उपनिवेशिक शैली में पुराने जमाने की वस्तुएँ भी हमेशा ही शामिल रहती हैं।

**सामग्रियों में विविधता:** उपनिवेशिक शैली में सामग्रियों में भी विविधता होती है; जैसे कि रत्न, लौह, सिरेमिक, पत्थर आदि। उदाहरण के लिए, कोई क्लासिकल लकड़ी का फर्नीचर हो सकता है, लेकिन उस पर जातीय नक्शे बने हो सकते हैं।

**आजकल उपनिवेशिक शैली का महत्व:** आजकल इंटीरियर डिज़ाइन में उपनिवेशिक शैली, साहस, अनोखेपन एवं विविधता का प्रतीक है।

**कार्यान्वयन:** **फर्नीचर:**** लिविंग रूम में सोफा सबसे महत्वपूर्ण आइटम है; इस पर ध्यान आकर्षित करने हेतु जीवंत रंगों का उपयोग किया जा सकता है। “हॉफ” में नीले-हरे रंगों की विस्तृत पैलेट उपलब्ध है। सोफा के साथ जुड़े अन्य फर्नीचर तो मिनिमलिस्ट ही होने चाहिए; उदाहरण के लिए, साधारण आकृति वाली मेज या अलमारी। ऐसे फर्नीचर को आरामदायक एवं उपयोगी होना आवश्यक है। **रग:**** रग भी इंटीरियर में विदेशी तत्व जोड़ने का एक अच्छा तरीका है; आमतौर पर रगों पर ऐसे पैटर्न होते हैं जो उपोष्णकटिबंधीय वातावरण को दर्शाते हैं। “हॉफ” में “एरिन”, “इंको” आदि रग उपलब्ध हैं।

****प्रकाश:**** प्रकाश सामग्रियाँ भी मिनिमलिस्ट होनी चाहिए, लेकिन उनमें उपनिवेशिक शैली का आकर्षण होना आवश्यक है; उदाहरण के लिए, सुंदर रूप से सजे हुए चमकदार प्रकाश-सामग्री। “हॉफ” में “एम्मा” नामक टेबल लैंप, “माजा” नामक वॉल स्कोन्स आदि उपलब्ध हैं।

****टेक्सटाइल एवं सजावट:**** टेक्सटाइलों का उपयोग इंटीरियर में रंग एवं डिज़ाइन जोड़ने हेतु किया जा सकता है; आप “बाराल्डी किड्स” में ऐसे टेक्सटाइल उपलब्ध पाएंगे। दीवारों पर विदेशी वनस्पतियों या जानवरों की छवियों वाली पेंटिंगें भी लगाई जा सकती हैं; “हॉफ” में ऐसी पेंटिंगें उपलब्ध हैं। फ्रेमों का चयन भी सावधानी से करें; उदाहरण के लिए, सुनहरे रंग के फ्रेम। जातीय डिज़ाइनों को आधुनिक शैलियों के साथ मिलाने में कोई हिचकिचाहट न करें।

****पौधे:**** उपनिवेशवासी देशों से लाए गए टमाटर, आलू एवं तंबाकू के अलावा, विदेशी पौधे भी इंटीरियर में अच्छी तरह से उगते हैं; ये उपोष्णकटिबंधीय वातावरण को दर्शाते हैं। अगर अपार्टमेंट में ऐसा माइक्रोक्लाइमेट है, तो ताड़, अन्य पौधे आदि भी लगाए जा सकते हैं; ये उपनिवेशिक इंटीरियर को और अधिक सुंदर बना देंगे।

****हॉफ उत्पादों से मूड बोर्ड बनाना:**** एक उदाहरण के रूप में, हम नीले रंग का कोने वाला सोफा लेंगे; इसका प्राकृतिक साथी एक ऊँची पीठ वाला बेज रंग का आरामकुर्सी होगा, एक मिनिमलिस्ट मेज, एवं एक सफेद अलमारी। जातीय शैली के प्रतीकों के रूप में, माराकेश शैली का रग, पूर्वी शैली के फ्रेम, गोल आकार का दर्पण, सजावटी पैड होंगे। अंत में, सुनहरे रंग की पृष्ठभूमि पर विदेशी फूलों वाली पेंटिंग, पूर्वी शैली के वासन, एवं रेशम की छतरियाँ भी इंटीरियर को पूरा करेंगी। प्रकाश हेतु, मिनिमलिस्ट ग्रे, बेज एवं नीले रंग के लैंपों का उपयोग करें।

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