आंतरिक डिज़ाइन में ‘कल का दिन’ क्या माना जाता है? - Дизайн интерьера дома и квартиры - REMONTNIK.PRO

आंतरिक डिज़ाइन में ‘कल का दिन’ क्या माना जाता है?

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अब बेज रंग पर दावा करना, ऑफिस फर्नीचर को देखना, या लिविंग रूम की दीवारों की प्रशंसा करना बंद करने का समय आ गया है… अब तो पूरी तरह से अलग-अलग चीजें ही फैशन में हैं। हम आपको बताते हैं कि वे कौन-सी हैं।

अंततः, हम में से प्रत्येक को यह अहसास हो जाता है कि व्यक्तिगत रूप से क्या उसे सबसे आरामदायक लगता है। कई लोग आराम के लिए फैशन को भी त्यागने को तैयार हो जाते हैं। लेकिन कुछ ऐसी चीजें भी हैं जो पूरी तरह से पुरानी हो चुकी हैं। ‘Studio 3.14’ डिज़ाइन ब्यूरो के संस्थापक टिमुर अब्द्राहमानोव के साथ मिलकर हम आपको बताएँगे कि कौन-सी डिज़ाइन अवधारणाओं को घर में नहीं अपनाना चाहिए, एवं ‘पुराने’ ट्रेंड्स को कैसे बदला जा सकता है।

टिमुर अब्द्राहमानोव, ‘Studio 3.14’ डिज़ाइन ब्यूरो के विशेषज्ञ निदेशक

**1. केवल एक ही स्टाइल का पालन करें**

साफ-सुथरा, क्लासिक स्टाइल न केवल पुराने जमाने का है, बल्कि बहुत ही उबाऊ भी है। अपार्टमेंट की सजावट में किसी एक ही स्टाइल पर अड़े रहना उचित नहीं है… थोड़ा साहस करें एवं प्राकृतिक रहें – मिश्रण करके सजाएँ!

**सबसे अच्छा समाधान क्या है?**

आधुनिक इंटीरियर में कई स्टाइलों का मिश्रण होता है… लेकिन इसमें कोई एक स्टाइल प्रमुख होता है।

**उदाहरण के लिए:** रसोई की सजावट पारंपरिक क्लासिक स्टाइल में हो सकती है, लेकिन उसमें आधुनिक तत्व भी जोड़े जा सकते हैं… ऐसा करने से इंटीरियर आकर्षक लगेगा。

  • रसोई में पारंपरिक क्लासिक स्टाइल की लकड़ी से फर्नीचर लगाए जा सकते हैं… लेकिन उनकी सजावट पारंपरिक तरीकों से नहीं, बल्कि सरल आकृतियों एवं चमकदार सतहों के साथ होनी चाहिए。

  • जो लोग विलास पसंद करते हैं, वे इंटीरियर में प्राकृतिक पत्थर (जैसे ग्रेनाइट, मार्बल) भी शामिल कर सकते हैं… लेकिन चमकदार या सुनहरे तत्वों से बचें।

  • कमरे में ताजी फूल, कटोरियाँ एवं सिरेमिक मूर्तियाँ भी लगा सकते हैं… ऐसा करने से इंटीरियर में प्राकृतिकता आ जाएगी।

  • मुख्य रंग के रूप में न्यूट्रल, शांत रंग चुनें… बाकी सजावट में तेज़ रंगों का उपयोग करें।

मुख्य रंग एवं प्राकृतिक सामग्री के कारण इंटीरियर में आरामदायक वातावरण बना रहेगा… जबकि आधुनिक फर्नीचर एवं तेज़ रंग इसे 21वीं सदी का लगाव देंगे।

Design: 'Studio 3.14'डिज़ाइन: ‘Studio 3.14’

**2. अपार्टमेंट को “बेज” रंग में सजाना**

अगर अपार्टमेंट को एक ही रंग में, पारंपरिक तरीके से सजाया जाए, तो यह व्यक्तिगत शैली की कमी ही दर्शाएगा… पेस्टल रंगों के लोकप्रिय होने का कारण भी यही है… शायद क्योंकि ऐसा करने में कोई जटिलता नहीं है… बस कोई भी फर्नीचर खरीदकर सब कुछ एक ही रंग में सजाए दें… तो कोई गलती नहीं होगी।

**लेकिन ऐसा करने से क्या होगा?**

वास्तव में, “महान” डार्क ब्लू रंग ही अपार्टमेंट सजावट के लिए सबसे उपयुक्त है… लेकिन ब्लू रंग में भी कई शेड हैं – गर्म एवं ठंडे… आप अपनी पसंद के अनुसार रंग चुन सकते हैं:

  • **स्कैंडिनेवियन स्टाइल के लिए:** ठंडे रंग (इंडिगो, ब्लू, ग्रे शेड)।

  • **समुद्री थीम पसंद करने वालों के लिए:** ठंडे एवं गर्म रंगों का मिश्रण।

  • **क्लासिक इंटीरियर के लिए:** गर्म रंग (बैंगनी, हल्का नीला)।

**3. दीवारों एवं छतों पर जटिल सजावट करना**

कई परतों वाली छतें, चमकदार/रंगीन सजावट… ये सभी 2000 के दशक के फैशन के अवशेष हैं… ऐसी सजावटें घर को बेमतलब रूप से भारी लगा देती हैं।

**तो इनकी जगह क्या लिया जाए?**

छतें एवं दीवारें सीधी, सपाट ही बनाई जा सकती हैं… उन पर मामूली कॉर्निश/मोल्डिंग लगाकर इंटीरियर को सुंदर बनाया जा सकता है… अगर आवश्यक हो, तो ही जिप्सम बोर्ड का उपयोग करें… लेकिन ऐसा करने से पहले अच्छी तरह सोच लें।

**4. बिना पेशेवरों की मदद से सजावटी प्लास्टर लगाना**

सजावटी प्लास्टर अब बहुत ही लोकप्रिय है… लेकिन इसे ठीक से लगाने के लिए विशेष कौशल आवश्यक हैं… अगर ऐसा खुद से किया जाए, तो परिणाम खराब ही होगा… इसलिए पेशेवरों की मदद लेना ही उचित है।

**तो इसकी जगह क्या लिया जाए?**

अब तो विभिन्न थीमों एवं तकनीकों वाले वॉलपेपर ही उपयुक्त हैं… ऐसे वॉलपेपर आपके इंटीरियर को आसानी से सुंदर बना देंगे… एवं आपको हमेशा एक ही सजावट देखने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

**5. सभी फर्नीचर एक ही कलेक्शन से खरीदना**

कई लोग घर से ही काम करते हैं… लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि घर को ऑफिस जैसा ही दिखना चाहिए… एक ही शैली में सभी फर्नीचर खरीदने से इंटीरियर बहुत ही उबाऊ लगेगा…

**तो इसकी जगह क्या लिया जाए?**

अगर जगह अनुमति दे, तो अलग से एक स्टडी रूम बना लें… अन्यथा आधुनिक फर्नीचर कलेक्शनों का ही उपयोग करें… बड़े निर्माताओं के पास ऐसे फर्नीचर उपलब्ध हैं, जो किसी भी इंटीरियर स्टाइल में फिट हो जाएँगे…

**6. लिविंग रूम में “अंतर्निहित” फर्नीचर लगाना**

लिविंग रूम में ऐसे फर्नीचर लगाना अच्छा विकल्प नहीं है… क्योंकि ऐसे फर्नीचर घर को ऑफिस जैसा ही दिखाएँगे…

**तो इसकी जगह क्या लिया जाए?**

लिविंग रूम में खुले, सरल फर्नीचर ही उपयुक्त होंगे… ऐसे फर्नीचर जिन्हें आसानी से स्थानांतरित किया जा सके।

**7. घर में “ऑफिस जैसे” फर्नीचर लगाना**

कई लोग घर से ही काम करते हैं… लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि घर को ऑफिस जैसा ही दिखना चाहिए… ऐसे फर्नीचर इंटीरियर को असहज भी लगा सकते हैं।

**तो इसकी जगह क्या लिया जाए?**

अगर जगह अनुमति दे, तो अलग से एक स्टडी रूम बना लें… अन्यथा आधुनिक फर्नीचर कलेक्शनों का ही उपयोग करें…

**अब जानें… ऐसी 8 अन्य डिज़ाइन समस्याएँ भी हैं, जिन्हें अब तुरंत ही छोड़ देना चाहिए…**

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