क्यों शरद एवं शीतकाल घर की मरम्मत हेतु सबसे उपयुक्त समय हैं?

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शरद एवं सर्दियाँ घर की मरम्मत के लिए असामान्य समय प्रतीत हो सकती हैं। हालाँकि, यदि आप घर की मरम्मत कब करें इस बारे में सोच रहे हैं, तो आप पाएंगे कि ये मौसम आपकी अपेक्षा से कहीँ अधिक उपयुक्त हो सकते हैं。

क्यों शरद एवं सर्दियाँ घर की मरम्मत हेतु सबसे उपयुक्त समय हैं?

वसंत में घर की मरम्मत करने का मिथक

हालाँकि कई घर मालिक वसंत का इंतज़ार करते हैं ताकि मरम्मत शुरू की जा सके, लेकिन ठंडे महीनों में इसे शुरू करने के कई कारण हैं。

1. ठेकेदारों की उपलब्धता अधिक होती है

शरद एवं सर्दियों में ठेकेदारों के पास कम काम होता है। इस कारण परियोजना की योजना बेहतर ढंग से बन सकती है एवं मरम्मत भी तेज़ी से हो सकती है।

2. आधुनिक तकनीकें असुविधाओं को कम करती हैं

ठंडे महीनों में धूल एवं बदबू की समस्या होती है? आधुनिक तकनीकों की मदद से ये समस्याएँ दूर हो जाती हैं। पेशेवर लोग उन्नत विधियों एवं उपकरणों का उपयोग करके मरम्मत कार्य सुचारू ढंग से पूरा करते हैं।

3. कार्य प्रक्रिया बेहतर होती है

मिट्टी के कार्य, निर्माण एवं आधार संबंधी कार्य सर्दियों में ही करना सबसे उपयुक्त है। इससे चित्रकारी या सजावटी कार्य जैसे कार्य गर्म महीनों में किए जा सकते हैं। ऐसी व्यवस्था अधिक कुशल एवं प्रभावी होती है।

क्यों शरद एवं सर्दियाँ घर की मरम्मत हेतु सबसे उपयुक्त समय हैं?

क्रिसमस से पहले ही घर की मरम्मत कर लें

कल्पना करिए कि आप ताज़ी-ताज़ी मरम्मत किए गए घर में छुट्टियाँ मना रहे हैं… चाहे वह नया दरवाज़ा हो, कस्टम फर्नीचर हो, या बाथरूम में सुंदर टाइलें… शरद ऋतु में ऐसे कार्य शुरू करना छुट्टियों हेतु एक उत्कृष्ट विकल्प है。

1. मुख्य दरवाज़े की मरम्मत

पहला इंप्रेशन बहुत महत्वपूर्ण होता है… मुख्य दरवाज़े पर चमकीला रंग लगाएँ, कलात्मक सजावट करें, या मेहमानों हेतु कस्टम फर्नीचर लगाएँ।

2. कस्टम फर्नीचर

s>sर्दियों में अनोखे फर्नीचर बनवाना सही रहेगा… कुशल लकड़ी कारीगर आपके घर में शानदार फर्नीचर बना सकते हैं।

स्वयं किए जा सकने वाले कार्य

जो लोग खुद काम करना पसंद करते हैं, उनके लिए ठंडे मौसम में घर के अंदर ही कार्य करने के बहुत से अवसर होते हैं… लकड़ी का काम, फर्नीचर की मरम्मत, या पिंटरेस्ट के माध्यम से सजावट कर सकते हैं…

सर्दियों में उपयुक्त मरम्मत कार्य

कुछ मरम्मत कार्य सिर्फ़ सर्दियों में ही किए जा सकते हैं… उदाहरण के लिए:

1. खिड़कियों की प्रतिस्थापना

शरद ऋतु में खिड़कियाँ बदल लेना सही रहेगा… इससे सर्दियों में घर ठंडा रहेगा एवं गर्मियों में ठंडक मिलेगी।

2. छत की इन्सुलेशन प्रक्रिया

शरद ऋतु में ही छत पर इन्सुलेशन लगाना शुरू कर दें… ऐसा करने से सर्दियों में आराम मिलेगा एवं गर्मियों में घर ठंडा रहेगा।

मृदा संबंधी कार्य

गर्मियों के अंत एवं शरद ऋतु की शुरुआत में ही मृदा संबंधी कार्य करना सही रहेगा… तब पेड़-पौधे कम होने के कारण कार्य आसानी से हो जाएंगे।

बरसाती जलवायु में मरम्मत: ब्रिटेन का दृष्टिकोण

ब्रिटेन जैसे बरसाती इलाकों में घर की मरम्मत चुनौतीपूर्ण हो सकती है… Polbuilt Ltd के विशेषज्ञों का सलाह है कि ऐसी जलवायु में उपयुक्त रणनीति एवं मजबूत सामग्रियों का उपयोग करें… इससे मरम्मत कार्य आसानी से पूरा हो जाएगा।

किन कार्यों से बचना चाहिए

हालाँकि सर्दियों में मरम्मत करने के कई फायदे हैं, लेकिन कुछ कार्य तो बाद में ही करना बेहतर रहेगा…

  • लॉन की देखभाल: कम तापमान में घास अच्छी तरह नहीं उगती।
  • �र का विस्तार: खासकर यदि लकड़ी के ढाँचे का उपयोग किया जा रहा है, तो नमी अवशोषित होने की संभावना है…
  • �ंट लगाने का कार्य: नम एवं ठंडे मौसम में मोर्टार सही तरह से जमने में परेशानी होती है।

शरद/सर्दियों में मरम्मत करने हेतु विशेष सलाह

यदि आप सर्दियों में मरम्मत करने की योजना बना रहे हैं, तो निम्नलिखित बातों पर ध्यान दें:

  • पहले से ही योजना बनाएँ: गर्मियों के अंत में ही योजना शुरू कर दें… इससे सर्दियों में ठेकेदार व्यस्त नहीं होंगे।
  • मौसम की स्थिति को ध्यान में रखेंबरसाती इलाकों में तो रक्षात्मक तिरपाल एवं शेड का उपयोग करें।
  • लकड़ी के फर्शयदि लकड़ी के फर्श लगाने हैं, तो पहले ही उन्हें कमरे की स्थिति में अनुकूलित कर लें… नमी का स्तर 6–9% बीच होना आवश्यक है।
  • रंग लगाते समय सावधान रहेंघर के अंदर ऐसा रंग चुनें जिसमें VOC की मात्रा कम हो… वेंटिलेशन करते समय खिड़कियाँ खोलें या एक्जॉस्ट फैन का उपयोग करें।
  • कर्मचारियों का मनोबल बनाएँ रखेंठंडे मौसम में कार्य करते समय कर्मचारियों को गर्म पेय प्रदान करें एवं ब्रेक भी दें… इससे उनका मनोबल बना रहेगा।
  • पत्तियों को समय-समय पर हटाएँशरद ऋतु में पत्तियाँ गीली हो जाती हैं… इनके कारण रास्ते फिसलनशील हो जाते हैं… इसलिए रास्तों एवं कार्य क्षेत्रों को समय-समय पर साफ़ रखें।
  • प्राकृतिक रोशनी का उपयोग करेंशरद/सर्दियों में दिन की रोशनी कम होती है… इसलिए ऐसे कार्य जिनके लिए प्राकृतिक रोशनी आवश्यक है, सुबह ही करें।
  • नमी को नियंत्रित रखेंशरद ऋतु में नमी अधिक हो सकती है… इसलिए नमी को नियंत्रित रखने हेतु ह्यूमिडिफायर या डिह्यूमिडिफायर का उपयोग करें।
  • �चीले रहेंमौसम परिवर्तनशील होता है… इसलिए कार्यों की योजना ऐसी बनाएँ जो मौसमी परिस्थितियों में भी सही ढंग से हो सकें।
  • पहले ही इन्सुलेशन कर लेंयदि कई कार्य एक साथ करने हैं, तो पहले ही छत एवं दीवारों पर इन्सुलेशन लगा लें… इससे बाकी कार्य आसानी से हो जाएंगे।
  • शरद ऋतु में ही मृदा संबंधी कार्य शुरू करेंयदि मृदा संबंधी कार्य करने हैं, तो शरद ऋतु में ही शुरू कर लें… इससे कार्य आसानी से पूरा हो जाएंगे।
  • सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंसभी रास्तों एवं सीढ़ियों पर बर्फ एवं जमी हुई चीजों को समय-समय पर हटा दें।
  • प्रेरणा लेते रहेंशरद/सर्दियों के सुंदर रंग एवं शांत वातावरण प्रेरणा का स्रोत हो सकते हैं… अपने डिज़ाइन में ऐसी बातों को शामिल करें।

निष्कर्ष

हालाँकि वसंत एवं ग्रीष्म में भी मरम्मत करने के कई फायदे हैं, लेकिन शरद/सर्दियों में मरम्मत करना अधिक उपयुक्त है… इन महीनों में तो लॉजिस्टिक, तकनीकी एवं सौंदर्य संबंधी फायदे भी होते हैं… इसलिए शरद/सर्दियों में ही घर की मरम्मत करना सबसे उपयुक्त रहेगा।