घरेलू डिज़ाइन में 70 के दशक की शैली की वापसी

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खुद को इंटीरियर डिज़ाइन की दुनिया में डूबा लें… जहाँ रुझान पुनः जीवंत हो उठते हैं, एवं नосталь्जिया केंद्र में आ जाती है। 70 के दशक की शैली… उसके चमकीले रंग, पसंदीदा पैटर्न एवं मजेदार वातावरण… फिर से इंटीरियर डिज़ाइन में लोकप्रिय हो रही है। “मिनिमलिज्म” को अलविदा कह दीजिए… अब 70 के दशक की शैली के आकर्षण को अपनाने का समय है!

चमकीले रंग… जो तुरंत ध्यान आकर्षित कर लेते हैं: 70 के दशक में ऐसे चमकीले रंग प्रयोग में आते थे, जो किसी भी स्थान को ऊर्जावान एवं जीवंत बना देते थे… कॉपर येलो, एवोकाडो ग्रीन एवं बर्न्ट ऑरेंज जैसे रंग अब दीवारों, फर्निचर एवं सजावट में प्रयोग में आ रहे हैं… साहस करके ऐसे तीव्र रंग संयोजनों का उपयोग करें… क्योंकि यही 70 के दशक की शैली की सार है!

घर की डिज़ाइन में 70 के दशक की शैली की वापसीPinterest

अनोखे पैटर्न एवं टेक्सचर: कारपेट के पैटर्न से लेकर साइकेडेलिक वॉलपेपर तक, 70 के दशक में अनोखे पैटर्नों का बहुत उपयोग हुआ। अपने घर में भौमितीय आकार एवं फूलों के पैटर्न वाले फर्नीचर शामिल करें; सोफा, कुर्सियों आदि पर शैग कारपेट या वेलवेट जैसे टेक्सचर उपयोग में लाएँ ताकि घर में विलास एवं आराम महसूस हो।

विशेष डिज़ाइन वाले फर्नीचर: साधारण आधुनिक फर्नीचर के बजाय 70 के दशक के मोड़ूढ़, अपरंपरागत डिज़ाइन वाले फर्नीचर उपयोग में लाएँ। अंडाकार कुर्सियाँ, मॉड्यूलर सोफा आदि ऐसे ही उदाहरण हैं। 70 के दशक में पीतल एवं क्रोम जैसी धातुओं का बहुत उपयोग हुआ, इसलिए ऐसे धातुई रंग भी अपने घर में शामिल कर सकते हैं।

प्राकृतिक तत्व: 70 के दशक में डिज़ाइन में प्रकृति का बहुत ध्यान रखा गया। घरों में हाउसप्लांट आवश्यक थे, एवं कई लिविंग रूमों में मैक्रेमे से बनी प्लांटरें लगी हुई थीं। घर में बाँस, राफिया जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करके एक आरामदायक, प्राकृतिक वातावरण बना सकते हैं।

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चमकदार प्रकाश सजावट: 70 के दशक में प्रकाश सजावटों में भी अनोखे पैटर्नों का उपयोग हुआ। बड़े पेंडंट लाइट, असामान्य आकार वाली फ्लोर लैम्पें आदि का उपयोग करके अपने घर में खास माहौल बना सकते हैं। प्रकाश सजावटें हर कमरे का मुख्य आकर्षण बन सकती हैं।

�ीवारों पर कला एवं दर्पण: 70 के दशक में दीवारों पर विविध प्रकार की कलाकृतियाँ एवं बड़े, सुंदर फ्रेम वाले दर्पण आम थे। पुराने पोस्टर, अमूर्त कला या मैक्रेमे से बनी दीवार हैंगिंग्स आदि भी इस शैली का हिस्सा हैं।

पुराने एवं नए तत्वों का मिश्रण: 70 के दशक की शैली बनाने का मतलब पूरी तरह से पुराने ढंग को अपनाना नहीं है। पुरानी वस्तुओं को आधुनिक तत्वों के साथ मिलाकर ही एक सामंजस्यपूर्ण डिज़ाइन बना सकते हैं। समकालीन फर्नीचर एवं तकनीकों का उपयोग करें, लेकिन अपने घर को बहुत जटिल न बनाएँ।